Breaking News : ग्रेटर नोएडा में फिर से छात्रा की आत्महत्या, शारदा यूनिवर्सिटी के बाद अब इस कॉलेज की बीटेक स्टूडेंट ने की खुदकुशी, परिवार ने कॉलेज प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप, परीक्षा के दौरान ‘पर्ची’ के आरोप के बाद तनाव में थी छात्रा, KCC कॉलेज में था एग्जाम सेंटर

ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे। शारदा यूनिवर्सिटी में बीडीएस की छात्रा की आत्महत्या के मामले की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। इस बार मामला केसीसी इंस्टिट्यूट (KCC Institute) से जुड़ा है, जहां बीटेक की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है और छात्रों में भी दहशत का माहौल बन गया है।
परीक्षा के दौरान ‘पर्ची’ के आरोप के बाद तनाव में थी छात्रा
मृतका की पहचान बीटेक की छात्रा के रूप में हुई है जो ग्रेटर नोएडा स्थित प्राइवेट कॉलेज (ग्रेटर नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) में पढ़ाई कर रही थी, लेकिन परीक्षा केंद्र केसीसी इंस्टिट्यूट में था। छात्रा के परिजनों ने जो जानकारी दी है, उसके अनुसार परीक्षा के दौरान छात्रा के पास से एक पर्ची बरामद की गई थी।
हालांकि, परिजनों का दावा है कि पर्ची उस विषय की नहीं थी जिसकी परीक्षा चल रही थी। बावजूद इसके, कॉलेज प्रशासन ने उसकी उत्तरपुस्तिका छीन ली औiर परीक्षा में उसे फेल कर दिया गया। इस घटना के बाद से छात्रा गहरे मानसिक तनाव में चली गई थी।
लगातार मानसिक दबाव में थी छात्रा, नहीं मिली कोई मदद
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद छात्रा को कोई मानसिक या भावनात्मक सहयोग नहीं दिया गया। उसे कॉलेज प्रशासन की तरफ से प्रताड़ित किया गया और डरा-धमकाकर चुप कराया गया। इन तमाम दबावों के चलते छात्रा ने आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठा लिया।
पुलिस जांच में जुटी, परिजनों ने दी तहरीर
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और परिजनों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है और कॉलेज प्रशासन से भी पूछताछ की जाएगी।
केसीसी इंस्टिट्यूट (KCC Institute) से जुड़ा है, जहां बीटेक की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है और छात्रों में भी दहशत का माहौल बन गया है।
कॉलेज प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर ग्रेटर नोएडा के कॉलेजों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, परीक्षा प्रणाली और अनुशासनात्मक कार्रवाई के तौर-तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का साफ कहना है कि अगर कॉलेज प्रशासन ने थोड़ा संवेदनशील रवैया अपनाया होता, तो शायद उनकी बेटी आज जिंदा होती।
यह है दूसरी आत्महत्या की घटना
शारदा यूनिवर्सिटी में बीडीएस की छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना से शहर अभी उबरा भी नहीं था, और यह दूसरी घटना सामने आ गई है। लगातार हो रही छात्र आत्महत्याओं ने न सिर्फ अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है, बल्कि संस्थानों की जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या कहता है कानून?
छात्रों पर परीक्षा के समय अनुशासन का पालन करवाना जरूरी है, लेकिन अगर किसी छात्र को दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करते समय मानसिक स्थिति का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है। शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) कई बार संस्थानों को छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने के निर्देश दे चुका है।
सवाल जो उठते हैं:
- परीक्षा के दौरान पकड़ गई पर्ची की वास्तविकता क्या थी?
- क्या छात्रा को फेल करना नियमों के मुताबिक था?
- छात्रा को मानसिक सहयोग क्यों नहीं दिया गया?
- क्या कॉलेज प्रशासन ने उचित काउंसलिंग की व्यवस्था की थी?
रफ्तार टुडे की अपील
छात्रों की भावनाएं बेहद नाजुक होती हैं। ऐसे मामलों में कॉलेज प्रशासन को सख्ती के साथ-साथ संवेदनशीलता भी दिखानी चाहिए। हर कॉलेज को मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलिंग सेंटर बनाना चाहिए ताकि तनाव में आए छात्रों को समय रहते मदद मिल सके।
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