Kailsash Institute News : शुगर से बचाव का सुपर संदेश!, कैलाश इंस्टीट्यूट में विश्व मधुमेह दिवस पर जागरूकता का अनोखा महाकुंभ,नुक्कड़ नाटक से लेकर स्वास्थ्य मंत्र तक, छात्रों ने बांटी हेल्थ की रौशनी”, MD संदीप गोयल ने बढ़ाया हौसला—‘समाज सेवा ही सच्ची शिक्षा’, शिक्षक दिनेश सर ने बताए बचाव के ‘5 ज़रूरी मंत्र’

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा में स्वास्थ्य जागरूकता की अलख आज एक बार फिर जगाई गई जब कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज में शुक्रवार को विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन न सिर्फ एक कार्यक्रम था, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगाने वाला एक मजबूत अभियान बनकर उभरा।
छात्रों ने कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में जाकर नुक्कड़ नाटक, भाषण, पोस्टर प्रदर्शनी, और संवादात्मक प्रस्तुतियों के जरिए लोगों को मधुमेह के खतरे, लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जागरूक किया। स्वास्थ्य जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने के इस प्रयास को स्थानीय समुदाय ने बेहद सराहा।
नुक्कड़ नाटक बना आकर्षण का केंद्र—छात्रों ने दिखाई ‘स्वास्थ्य की सच्चाई’
कैलाश इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक दिन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा।
नाटक में छात्रों ने बताया कि मधुमेह कैसे चुपचाप शरीर के अंदर फैलता है,
किन आदतों से यह बीमारी बढ़ती है,
और कैसे लोग अनजाने में खुद को खतरे में डाल देते हैं।
नाटक में कलाकारों ने रोजमर्रा की जीवनशैली को आधार बनाकर दिखाया कि खान-पान की अनियमितता, व्यायाम की कमी और तनाव कैसे मधुमेह को जन्म देते हैं। दर्शकों ने नाटक के हर दृश्य पर तालियां बजाकर छात्रों का उत्साह बढ़ाया।
भाषण व जागरूकता वार्ता—छात्रों ने साझा किए ‘स्वस्थ जीवन’ के सूत्र
नुक्कड़ नाटक के बाद छात्रों ने छोटे-छोटे भाषण दिए जिनमें निम्न प्रमुख बातें शामिल थीं—
मधुमेह के शुरुआती लक्षण
नियमित जांच की आवश्यकता
संतुलित भोजन और व्यायाम
इंसुलिन और दवाओं के उपयोग
पेरेंट्स और युवा पीढ़ी की भूमिका
छात्रों ने सरल भाषा में समझाया कि मधुमेह को नियंत्रित करना कठिन नहीं है, यदि लोग जागरूक रहें और जीवनशैली में सुधार लाएं।
पोस्टर प्रदर्शनी—रंगों और संदेशों में छिपा जागरूकता का मंत्र
कार्यक्रम में प्रदर्शित पोस्टरों में—
“सही खानपान, मीठे पर नियंत्रण”
“दैनिक व्यायाम, मधुमेह को विराम”
“नियमित जांच, सुरक्षा की गारंटी”
जैसे संदेशों को बड़े और रंगीन अक्षरों में दिखाया गया।
इन पोस्टरों को देखते ही स्पष्ट हो गया कि छात्र न सिर्फ अपनी पढ़ाई में आगे हैं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी को भी दिल से निभाते हैं।
MD संदीप गोयल ने बढ़ाया हौसला—‘समाज सेवा ही सच्ची शिक्षा’
कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप गोयल ने छात्रों की इस पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा “विश्व मधुमेह दिवस पर छात्रों ने जिस तरह से समाज को जागरूक करने की जिम्मेदारी उठाई है, वह काबिले तारीफ है। असल शिक्षा वही है जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाए।”
उन्होंने छात्रों को आगे भी ऐसे कार्यक्रमों का हिस्सा बनने और जनता को स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से अवगत कराने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षक दिनेश सर ने बताए बचाव के ‘5 ज़रूरी मंत्र’
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के शिक्षक दिनेश सर ने लोगों को मधुमेह के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि—
मधुमेह कोई अचानक होने वाली बीमारी नहीं है
यह अनियमित खान-पान, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी से बढ़ता है
हर व्यक्ति को नियमित रूप से ब्लड शुगर जांच करवानी चाहिए
घर में बुजुर्गों और बच्चों को इस बीमारी के बारे में शिक्षित करना जरूरी है
स्वस्थ दिनचर्या मधुमेह रोकने की पहली और सबसे मजबूत ढाल है
उन्होंने लोगों को जीवनशैली में छोटे बदलाव जैसे सुबह की सैर, जंक फूड पर नियंत्रण और पानी पीने की मात्रा बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
स्थानीय समुदाय को मिली नई सीख, लोगों में दिखी जागरूकता
कार्यक्रम का प्रभाव केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहा।
कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में आए सभी लोग नुक्कड़ नाटक की बातें
पोस्टर प्रदर्शनी और छात्रों के संदेश को सुनकर visibly प्रभावित नजर आए। कई लोगों ने मौके पर ही ब्लड शुगर टेस्ट करवाया और स्वास्थ्य कर्मियों से सलाह ली।
यह कार्यक्रम स्वास्थ्य जागरूकता को जमीनी स्तर तक लेकर जाने की दिशा में बेहद सफल माना गया।
कार्यक्रम ने साबित किया—युवाओं की ऊर्जा समाज बदल सकती है
कैलाश इंस्टीट्यूट के युवाओं ने यह साबित किया कि ज्ञान सिर्फ किताबों में नहीं,
बल्कि समाज में उपयोग किए जाने पर सार्थक होता है।
आज के आयोजन ने मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी को आम लोगों की समझ तक पहुंचाकर शिक्षा और समाज सेवा के बीच गहरी कड़ी का उदाहरण प्रस्तुत किया।
स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक बड़ा कदम
विश्व मधुमेह दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम छात्रों, शिक्षकों और समुदाय के बीच सहयोग की एक शानदार मिसाल बना।
इस आयोजन ने न केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी,
बल्कि समुदाय को प्रेरित किया कि वे मधुमेह को हल्के में न लें और अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दें। कैलाश इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित यह पहल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुरक्षा और जागरूकता के लिए एक मजबूत कदम साबित हुई है।



