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ABVP On GBU News : छात्रों का सब्र टूटा, प्रशासन कटघरे में, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में अवैध नियुक्तियों, परीक्षा गड़बड़ी और सुरक्षा चूक पर एबीवीपी का बड़ा हमला, भाई-भतीजावाद और अवैध नियुक्तियों से बिगड़ा शैक्षणिक माहौल, छात्रावासों में बदहाली, सुरक्षा भगवान भरोसे

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) में व्याप्त अव्यवस्थाओं और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर छात्रों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। विश्वविद्यालय में लंबे समय से चली आ रही अवैध नियुक्तियों, परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं, छात्र सुरक्षा में गंभीर चूक, छात्रावासों की बदहाल स्थिति, अकादमिक असंतुलन, छात्र मृत्यु मामलों और पूरी तरह विफल प्लेसमेंट व्यवस्था के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), ग्रेटर नोएडा इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।
एबीवीपी ने माननीय कुलपति को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए विश्वविद्यालय में छात्रहित से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। परिषद ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।


भाई-भतीजावाद और अवैध नियुक्तियों से बिगड़ा शैक्षणिक माहौल
एबीवीपी ने आरोप लगाया कि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में वर्षों से भाई-भतीजावाद और नियमों को ताक पर रखकर की गई नियुक्तियों का सिलसिला चल रहा है। इसका सीधा असर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता पर पड़ा है। योग्य और प्रतिभाशाली शिक्षकों को दरकिनार कर मनमाने ढंग से नियुक्तियाँ की गईं, जिससे न केवल शिक्षा का स्तर गिरा है बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ हुआ है।
परिषद का कहना है कि परीक्षा प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण और संवेदनशील पदों पर ऐसे अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिनके हितों का टकराव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इससे परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों का विश्वास विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था से लगातार उठता जा रहा है।

छात्रावासों में बदहाली, सुरक्षा भगवान भरोसे
ज्ञापन में विश्वविद्यालय के छात्रावासों की दयनीय स्थिति को भी प्रमुखता से उठाया गया है। एबीवीपी ने बताया कि हॉस्टलों में स्वच्छ पेयजल, बिजली, इंटरनेट, साफ-सफाई और रखरखाव जैसी मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव है। कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इसके साथ ही, विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों में बाहरी व्यक्तियों की बेरोकटोक आवाजाही छात्रों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है। नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से न तो सख्त निगरानी है और न ही प्रभावी कार्रवाई।


छात्र मृत्यु मामलों में संवेदनहीनता का आरोप
एबीवीपी ने विश्वविद्यालय में घटित छात्र मृत्यु और आत्महत्या के मामलों को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिषद का कहना है कि इन मामलों में प्रशासन का रवैया बेहद असंवेदनशील रहा है। न तो पीड़ित परिवारों को न्याय मिला और न ही इन घटनाओं की पारदर्शी जांच कराई गई। संगठन ने सभी मामलों की स्वतंत्र और न्यायिक जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

महंगी फीस, लेकिन प्लेसमेंट पूरी तरह फेल
परिषद ने विश्वविद्यालय की प्लेसमेंट व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि भारी-भरकम फीस वसूलने के बावजूद छात्रों को रोजगार के वास्तविक अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। प्लेसमेंट सेल केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित रह गया है, जिससे छात्रों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।


एबीवीपी ने मांग की है कि प्लेसमेंट सेल का पुनर्गठन किया जाए, योग्य और अनुभवी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए और उद्योगों के साथ ठोस साझेदारी कर छात्रों को रोजगार के वास्तविक अवसर उपलब्ध कराए जाएँ।


अकादमिक संतुलन बिगड़ा, पढ़ाई हो रही प्रभावित
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई विभागों में शिक्षकों की भारी कमी है, जिससे अकादमिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका है। इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई और शोध कार्यों पर पड़ रहा है। परिषद ने सभी रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की मांग की है।


एबीवीपी का साफ संदेश—अब चुप नहीं बैठेंगे
इस मौके पर एबीवीपी के प्रांत मंत्री गौरव गौड़ ने कहा कि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की स्थिति अब बेहद चिंताजनक हो चुकी है और छात्र लगातार प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र हितों से कोई समझौता नहीं करेगी। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो एबीवीपी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी।


ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांत संयोजक एसएफएस अभिनव गौड़, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आयुष, नगर मंत्री तुषार, अमरेंद्र, आदित्य, सचिन सहित एबीवीपी के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे और एक स्वर में विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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