ग्रेटर नोएडागौतमबुद्ध नगरताजातरीन

Noida International University : ध्यान, भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा का संगम, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी और हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर के बीच ऐतिहासिक MoU, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और IKS को मिलेगी नई दिशा

दनकौर, रफ़्तार टूडे। तेजी से बदलते शैक्षणिक और सामाजिक परिवेश में जहां मानसिक स्वास्थ्य, मूल्य-आधारित शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge System – IKS) पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, वहीं नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (NIU) ने इस दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल की है। विश्वविद्यालय ने अपने स्कूल ऑफ जर्नलिज़्म एंड मास कम्युनिकेशन (SJMC) के माध्यम से हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह MoU न केवल शैक्षणिक सहयोग तक सीमित है, बल्कि यह छात्रों और शिक्षकों के मानसिक, भावनात्मक, नैतिक और आत्मिक विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। इस समझौते को आधुनिक शिक्षा और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में देखा जा रहा है।


IKS, योग और ध्यान को मिलेगा संस्थागत स्वरूप


इस MoU का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS), योग, ध्यान, मानसिक स्वास्थ्य और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ना है। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में नियमित रूप से ध्यान सत्र, योग अभ्यास, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।


इन पहलों के माध्यम से छात्रों को न केवल अकादमिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा, बल्कि उन्हें आंतरिक संतुलन, आत्मअनुशासन और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।


छात्रों और शिक्षकों के लिए होंगे विशेष कार्यक्रम


समझौता ज्ञापन के तहत विश्वविद्यालय में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDPs), छात्र सहभागिता गतिविधियां, सेमिनार, संवाद सत्र और विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे।


इन कार्यक्रमों का उद्देश्य शिक्षकों को भी मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और नैतिक नेतृत्व के आधुनिक व भारतीय दृष्टिकोण से परिचित कराना है, ताकि वे छात्रों का मार्गदर्शन केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर जीवन कौशल तक विस्तारित कर सकें।

छात्रों और शिक्षकों के लिए होंगे विशेष कार्यक्रम


समझौता ज्ञापन के तहत विश्वविद्यालय में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDPs), छात्र सहभागिता गतिविधियां, सेमिनार, संवाद सत्र और विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य शिक्षकों को भी मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और नैतिक नेतृत्व के आधुनिक व भारतीय दृष्टिकोण से परिचित कराना है, ताकि वे छात्रों का मार्गदर्शन केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर जीवन कौशल तक विस्तारित कर सकें।


मीडिया छात्रों को मिलेगा संवेदनशील दृष्टिकोण
विशेष रूप से स्कूल ऑफ जर्नलिज़्म एंड मास कम्युनिकेशन (SJMC) के छात्रों के लिए यह सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मीडिया के क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं पर मानसिक दबाव, प्रतिस्पर्धा और नैतिक चुनौतियां आम बात हैं।
हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर के सहयोग से छात्रों को संवेदनशील, जिम्मेदार और नैतिक मीडिया प्रोफेशनल बनने की दिशा में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे समाज के प्रति अपनी भूमिका को बेहतर ढंग से समझ सकें।

गरिमामयी उपस्थिति में हुआ MoU


यह समझौता नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. (डॉ.) उमा भारद्वाज, रजिस्ट्रार डॉ. मुकेश पाराशर, डीन डॉ. तनवीर वानी और डीन एसजेएमसी प्रो. (डॉ.) आरफा राजपूत की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर की ओर से क्षेत्रीय फेसीलिटेटर वेंकटेशन श्रीनिवासन और सुलभ मिश्रा इस अवसर पर मौजूद रहे। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक शिक्षा का सशक्त सेतु
इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन और हार्टफुलनेस प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा कि यह सहयोग प्राचीन भारतीय ज्ञान, ध्यान परंपरा और आधुनिक शैक्षणिक ढांचे को एक साथ जोड़ने का प्रयास है।


उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से छात्र न केवल पेशेवर रूप से सक्षम बनेंगे, बल्कि मानसिक रूप से सशक्त, नैतिक रूप से सजग और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिक भी बनेंगे।


मानसिक स्वास्थ्य को मिलेगा संस्थागत समर्थन


आज के समय में जब युवाओं में तनाव, अवसाद और असंतुलन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं, ऐसे में विश्वविद्यालय स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक हो गया है। यह MoU इसी दिशा में एक ठोस और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
ध्यान और हार्टफुलनेस अभ्यास के माध्यम से छात्रों को स्वयं से जुड़ने, तनाव प्रबंधन और जीवन में स्पष्टता प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

शिक्षा के साथ संस्कार का संदेश


नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी और हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर के बीच हुआ यह समझौता इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्कार, संतुलन और समग्र विकास का माध्यम भी है।
यह साझेदारी आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर सकती है, जो देशभर के अन्य शैक्षणिक संस्थानों को भी इसी दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करेगी।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button