Breaking Noida Lotus Green News : नोएडा स्पोर्ट्स सिटी में बड़ा धमाका 1.10 लाख वर्गमीटर जमीन रद्द, लोटस ग्रीन्स पर 4100 करोड़ का बोझ, खरीदारों में मचा हड़कंप, विला स्टोन के नाम हुई जमीन, बाकी खाली पड़ी, सुप्रीम कोर्ट से मिली स्वतंत्रता, प्राधिकरण ने किया इस्तेमाल

नोएडा, रफ़्तार टुडे। नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-150 स्थित बहुप्रतीक्षित स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट में बड़ा निर्णय लेते हुए लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित 1,10,512 वर्गमीटर जमीन का आवंटन रद्द कर दिया है। यह कदम लंबे समय से बकाया भुगतान न करने और कई बार नोटिस भेजने के बावजूद राशि जमा न करने के चलते उठाया गया। अब प्राधिकरण इस जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई शुरू करेगा, जिससे प्रोजेक्ट से जुड़े निवेशक और खरीदार असमंजस में हैं। लोटस ग्रीन्स के खिलाफ यह कार्रवाई नोएडा प्राधिकरण के लिए केवल राजस्व वसूली का मामला नहीं है, बल्कि यह रियल एस्टेट सेक्टर में अनुशासन और पारदर्शिता कायम करने की पहल है। खरीदार अब प्राधिकरण से ठोस कदमों की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
4100 करोड़ का बकाया, सबसे बड़ी वजह बना सिरदर्द
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोटस ग्रीन्स पर पुरानी और नई दोनों जमीनों को मिलाकर लगभग 4100 करोड़ रुपये का बकाया हो चुका है। शुरुआत में बिल्डर को सेक्टर-150 के भूखंड संख्या SC-02 में 11,98,380 वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई थी। उस समय दर 19,400 रुपये प्रति वर्गमीटर तय की गई थी।
इसके बाद मार्च 2016 में प्राधिकरण ने उसी प्रोजेक्ट के अंतर्गत बिल्डर को अतिरिक्त 1,31,375 वर्गमीटर जमीन 22,600 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से दी। इस जमीन का भुगतान एकमुश्त करना था और 90 दिनों के भीतर लीज डीड कराना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
छूट मिली फिर भी नहीं किया भुगतान
बिल्डर ने प्राधिकरण से अनुरोध किया कि इस जमीन की राशि किस्तों में अदा करने की अनुमति दी जाए। 9 जून 2016 को हुई बोर्ड बैठक में उसे छूट भी दे दी गई और निर्देश दिया गया कि 31 जुलाई 2016 तक 20% राशि जमा करनी होगी। लेकिन न तो यह राशि जमा की गई और न ही आगे की किस्तें अदा की गईं। इससे प्राधिकरण की धैर्य सीमा टूट गई।
विला स्टोन के नाम हुई जमीन, बाकी खाली पड़ी
साल 2018 में अतिरिक्त जमीन में से 20,863 वर्गमीटर का टुकड़ा विला स्टोन कंपनी को लीज डीड के तहत हस्तांतरित कर दिया गया, जिसके लिए तय रकम का भुगतान किया गया। मगर बची हुई 1,10,512 वर्गमीटर जमीन के लिए न तो भुगतान हुआ और न ही कोई लीज डीड हुई। इसी पर अब प्राधिकरण ने शिकंजा कसते हुए आवंटन रद्द करने का फैसला लिया है।
सुप्रीम कोर्ट से मिली स्वतंत्रता, प्राधिकरण ने किया इस्तेमाल
स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट को लेकर अन्य बिल्डरों और निवेशकों के विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे थे। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि खाली पड़ी जमीन पर प्राधिकरण स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकता है। इसी आदेश के तहत प्राधिकरण ने कार्रवाई करते हुए लोटस ग्रीन्स की जमीन का आवंटन रद्द कर दिया।
खरीदारों में चिंता, प्राधिकरण पर उम्मीद
इस कदम से खरीदारों और निवेशकों की धड़कनें तेज हो गई हैं। जिन लोगों ने इस प्रोजेक्ट में पैसा लगाया है, वे अब यह सवाल पूछ रहे हैं कि उनके सपनों का घर और निवेश का क्या होगा। कई खरीदारों ने कहा कि प्राधिकरण को केवल जमीन जब्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह भी स्पष्ट करना होगा कि आगे प्रोजेक्ट का भविष्य क्या होगा। प्राधिकरण की ओर से आश्वासन दिया गया है कि खरीदारों के हितों की रक्षा की जाएगी।
नोएडा प्राधिकरण का सख्त संदेश
नोएडा प्राधिकरण का यह कदम रियल एस्टेट सेक्टर में सख्ती का संदेश दे रहा है। वर्षों से बकाया दबाए बैठे बिल्डरों को अब चेतावनी मिल गई है कि नियमों की अनदेखी करने और निवेशकों को परेशानी में डालने वालों पर प्राधिकरण कठोर कार्रवाई करेगा।
आगे की संभावनाएं: नई योजना की तैयारी
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि रद्द की गई जमीन पर आगे क्या होगा? सूत्रों का कहना है कि प्राधिकरण इस जमीन को या तो किसी नए डेवलपर को नीलामी के माध्यम से सौंप सकता है या फिर खुद यहां कोई सार्वजनिक प्रोजेक्ट विकसित कर सकता है। जो भी हो, स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट का भविष्य अब नए मोड़ पर खड़ा है।



