NIET College News : “वर्कप्लेस होगा अब सुपर–सेफ, सुपर–सेंसिटिव!”, NIET ग्रेटर नोएडा में हुआ बड़ा POSH ट्रेनिंग प्रोग्राम, फैकल्टी–स्टाफ को मिली जागरूकता की पावर–ड्रिल, निदेशक डॉ. विनोद एम. कापसे ने की सराहना—“इसी टीमवर्क से बनेगा आदर्श वर्कप्लेस”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में शुमार NIET (Noida Institute of Engineering & Technology) ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह केवल शिक्षा में ही नहीं, बल्कि सेफ़, सम्मानजनक और जागरूक कार्यस्थल बनाने में भी अग्रणी है। इसी कड़ी में संस्थान की ICC (Internal Complaints Committee) ने 9 दिसंबर 2025 को POSH Act, 2013—यानि “कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम”—के तहत एक विशेष एक्सपर्ट–लेड ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया।
एक्सपर्ट सुश्री शुक्ला बंसल ने संभाला सेशन; मुश्किल कानून को आसान भाषा में समझ
इस महत्वपूर्ण सेशन का संचालन किया सुश्री शुक्ला बंसल (FCS, FCMA) ने, जो एक अनुभवी POSH Enabler और कॉर्पोरेट ट्रेनर हैं। उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों, केस स्टडी और इंटरएक्टिव मॉडल के माध्यम से बताया कि—
कार्यस्थल पर क्या–क्या व्यवहार “सेक्सुअल हैरेसमेंट” की श्रेणी में आते हैं
किन स्थितियों में शिकायत दर्ज की जा सकती है
रिपोर्टिंग की सही प्रक्रिया क्या है
जांच के दौरान क्या सावधानियां रखनी चाहिए और संस्थान कैसे “ज़ीरो–टॉलरेंस पॉलिसी” को लागू कर सकता है उनका सेशन पूरी तरह संवादात्मक रहा और फैकल्टी एवं स्टाफ ने महत्वपूर्ण सवाल भी पूछे।
“लिंग संवेदनशीलता सप्ताह” भी रहा हाइलाइट—स्टूडेंट्स के लिए अलग कैंपेन
NIET ने सिर्फ कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण नहीं रखा, बल्कि छात्रों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 1 से 6 दिसंबर तक Gender Sensitivity Week भी आयोजित किया। इस सप्ताह के दौरान—जागरूकता वर्कशॉप
पोस्टर कम्पटीशन
डिबेट सेशंस
ओपन–माइक डिस्कशन
आयोजित किए गए, जिनमें छात्रों ने बढ़–चढ़कर हिस्सा लिया। यह पहल संस्थान के उस विज़न को दर्शाती है जिसमें छात्र–छात्राओं को एक संवेदनशील, सुरक्षित और सकारात्मक माहौल प्रदान करना सबसे प्रमुख लक्ष्य है।
ICC की अध्यक्ष डॉ. ग़ज़ाला नाज़ ने बताया—“POSH सिर्फ महिलाओं के लिए नहीं, सभी के लिए सुरक्षा कवच”
कार्यक्रम की संयोजक और ICC की पीठासीन अधिकारी डॉ. ग़ज़ाला नाज़ ने बेहद महत्वपूर्ण बात कही “यद्यपि अधिनियम में महिलाओं का विशेष उल्लेख है, लेकिन POSH कानून सभी कर्मचारियों, यहां तक कि कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स, स्वयंसेवकों, तदर्थ कर्मचारियों और दैनिक वेतनभोगियों को सुरक्षा प्रदान करता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान सभी कर्मचारियों के लिए “Zero Tolerance for Harassment” की नीति को पूरी गंभीरता से लागू करता है, और इस प्रकार के प्रशिक्षण संस्थान में न केवल जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि पारदर्शी और विश्वास–योग्य वातावरण भी बनाते हैं।
निदेशक डॉ. विनोद एम. कापसे ने की सराहना—“इसी टीमवर्क से बनेगा आदर्श वर्कप्लेस”
NIET के निदेशक डॉ. विनोद एम. कापसे ने ICC कमेटी और पूरे आयोजन दल को विशेष बधाई दी। उन्होंने कहा “NIET हमेशा Employees First और Respect for All की भावना से चलता है। यह POSH प्रशिक्षण हमारे संकल्प को और मजबूत करता है। संस्थान भविष्य में भी ऐसे उपयोगी और ज्ञानवर्धक ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करता रहेगा।” उनके इस वक्तव्य ने संस्थान के विज़न को और स्पष्ट किया—NIET केवल तकनीक का नहीं, बल्कि सुरक्षित और नैतिक कार्यसंस्कृति का भी केंद्र है।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु—कानून, जागरूकता, समाधान और संवेदनशीलता
ट्रेनिंग में निम्न प्रमुख पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई—
POSH Act, 2013 की संरचना
यौन उत्पीड़न की परिभाषा और प्रकार के रोकथाम के उपाय
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया
ICC की भूमिका और अधिकार
जांच प्रक्रियाएँ
सज़ा और दंडात्मक प्रावधान
सुरक्षित कार्यस्थल बनाने की रणनीतियाँ
इन सभी जानकारियों ने प्रतिभागियों को कार्यस्थल सुरक्षा की वास्तविक और गहराई वाली समझ दी।
NIET ने फिर दिखाया—टेक्नोलॉजी, टैलेंट और ट्रस्ट—तीनों में नंबर वन!
NIET ग्रेटर नोएडा का यह POSH ट्रेनिंग प्रोग्राम एक और कदम है उस दिशा में जहां संस्थान शिक्षा के साथ–साथ नैतिकता, सुरक्षा और समानता को भी समान प्राथमिकता देता है। इस पहल ने यह साबित कर दिया कि किसी भी आधुनिक संस्थान का विकास सिर्फ इमारतों और कोर्सेज़ से नहीं, बल्कि विचारशील, सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यसंस्कृति से होता है। रफ़्तार टूडे परिवार की ओर से –NIET को इस शानदार और प्रेरणादायक आयोजन के लिए शुभकामनाएँ!



