Bulldozer On YEIDA News : “दनकौर में चला यीडा का मेगा बुलडोज़र मिशन!”, 46,000 वर्गमीटर की कीमती जमीन आज़ाद, कीमत 230 करोड़, कब्जेदारों में हड़कंप!, अरबों की जमीन आज़ाद — 230 करोड़ की सरकारी संपत्ति मिली वापस

गौतम बुद्ध नगर, रफ़्तार टूडे। यमुना एक्सप्रेसवे के औद्योगिक–विकास गलियारे में मंगलवार का दिन बड़ा ऐतिहासिक रहा, जब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने दनकौर क्षेत्र में एक विशाल अतिक्रमण-विरोधी अभियान चलाकर करीब 46,000 वर्गमीटर (4.6 हेक्टेयर) बहुमूल्य भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया। यह भूमि खसरा नंबर 211 पर स्थित थी, जिस पर कई सालों से कब्जेदारों ने अपने टीनशेड, झोपड़ियां, कच्ची-पक्की दीवारें और पक्के निर्माण खड़े कर दिए थे।
YEIDA ने इस अभियान को विशेष रूप से प्लान किया था, जिसके लिए भारी पुलिस बल और कई विभागों की संयुक्त टीमों को मैदान में उतारा गया।
बुलडोज़रों की गर्जना, कब्जेदारों की पैकिंग — दनकौर में दिखा प्रशासनिक एक्शन का बुलडोज़र मॉडल
अभियान सुबह होते ही शुरू हुआ और देखते ही देखते JCB मशीनों ने पूरे अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया।
अभियान में YEIDA राजस्व विभाग
परियोजना विभाग
दनकौर थाना पुलिस
विशेष कार्य अधिकारी (SPE)
सहायक पुलिस आयुक्त अरविंद सिंह
विशेष कार्याधिकारी शिवौतार सिंह
तहसीलदार मनोज कुमार सिंह सभी संयुक्त रूप से मौजूद रहे। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बनाकर कार्रवाई की गई ताकि किसी भी तरह की बाधा या विरोध की स्थिति उत्पन्न न हो।अधिकारियों ने पहले कब्जेदारों को सार्वजनिक रूप से चेतावनी दी थी, इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने पर यह सीधी कार्रवाई की गई।
अरबों की जमीन आज़ाद — 230 करोड़ की सरकारी संपत्ति मिली वापस
यीडा अधिकारियों के अनुसार, जिस 46,000 वर्गमीटर भूमि को मुक्त कराया गया है, उसकी अनुमानित बाज़ार कीमत लगभग 230 करोड़ रुपये है। यह क्षेत्र यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल रोड इंटरचेंज के बीच आता है, और यहां औद्योगिक, लॉजिस्टिक, वेयरहाउसिंग और शहरी विकास की कई आगामी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। ऐसे में यह जमीन मुक्त होना विकास कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
“अवैध कब्ज़ा बर्दाश्त नहीं होगा”—विशेष कार्य अधिकारी शैलेंद्र सिंह की कड़ी चेतावनी
अभियान स्थल पर मौजूद विशेष कार्य अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने इस एक्शन को प्राधिकरण की बड़ी सफलता बताया।
उन्होंने कहा “यीडा की किसी भी भूमि पर अवैध कब्ज़ा हर हाल में खत्म किया जाएगा। दनकौर में 46,000 वर्गमीटर जमीन की मुक्त कराना हमारी सख़्त नीति और दृढ़ संकल्प का उदाहरण है। भविष्य में किसी भी अवैध कब्जेदार पर कार्रवाई के साथ लागत वसूली और मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।”
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि प्राधिकरण की प्राथमिकता है—
यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर का तेजी से विकास
इंटरचेंज और औद्योगिक खंडों में अवरोध खत्म करना
निवेशकों और उद्योगों के लिए साफ–सुथरी भूमि उपलब्ध कराना
भविष्य में यहां बनेगी विकास की नई तस्वीर — यीडा की परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
दनकौर क्षेत्र में यमुना प्राधिकरण कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिनमें शामिल हैं—
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक सेक्टर
ईस्टर्न पेरिफेरल रोड के इंटरचेंज विस्तार
वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स हब
भविष्य के शहरी सेक्टर
YEIDA के 7 नए सेक्टरों का विकास
इस भूमि को मुक्त कराकर प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में यहां किसी भी तरह की देरी या बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई न केवल प्राधिकरण की दृढ़ इच्छा शक्ति का प्रमाण है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र में चल रहे निवेश–इकोसिस्टम के लिए सकारात्मक संदेश है।
यीडा ने दी नई चेतावनी—“अभियान रुकेगा नहीं, तेज़ी से जारी रहेगा”
यमुना प्राधिकरण ने साफ कहा है कि यह सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि लगातार चलने वाली नीति है। अधिकारियों के अनुसार: अतिक्रमण हटाओ अभियान आगे भी नियमित रूप से चलेगा।
किसी भी प्रकार के नए कब्जे की जानकारी मिलते ही त्वरित कार्रवाई होगी। दोषियों से लागत वसूली और ध्वस्तीकरण चार्ज भी लिया जाएगा। पुलिस के साथ समन्वय और अधिक मजबूत किया जाएगा। इससे यह स्पष्ट है कि प्राधिकरण अब किसी भी तरह के अनधिकृत निर्माण और भूमि कब्जे को जड़ से खत्म करने के मूड में है।
दनकौर में बुलडोज़र अभियान ने दिखाया — कानून से बड़ा कोई नहीं!
यमुना प्राधिकरण की इस बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सरकारी भूमि पर कब्ज़ा कर आराम से बैठ जाना अब संभव नहीं है।
230 करोड़ रुपये की भूमि को मुक्त कराना न केवल प्रशासनिक सफलता है, बल्कि यह संदेश भी है कि—विकास में बाधा डालने वाले अतिक्रमण अब नहीं चलेंगे।
रफ़्तार टूडे की टीम इस महत्वपूर्ण कार्रवाई की सराहना करती है और क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की निरंतर जानकारी आप तक पहुँचाती रहेगी।



