Greater Noida West News : CAM चार्ज बढ़ोतरी पर इस सोसाइटी में बवाल, हजारों निवासियों का YG Estate के खिलाफ प्रदर्शन, 89 पैसे प्रति वर्गफुट बढ़ाया गया CAM चार्ज, अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान, निवासियों ने उठाए सुविधाओं पर सवाल, सुविधाएं बनाम बढ़े शुल्क की बहस तेज
लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान कई स्थानों पर जलभराव हो जाता है, सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षित स्तर की नहीं है और सामान्य रखरखाव के कार्य भी समय पर पूरे नहीं किए जाते। ऐसे में CAM चार्ज बढ़ाना पूरी तरह अनुचित और एकतरफा फैसला है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शुल्क बढ़ाने से पहले न तो निवासियों से कोई राय ली गई और न ही किसी प्रकार की सहमति प्राप्त की गई। उनका कहना है कि यह फैसला पूरी तरह मनमाने तरीके से लागू किया गया है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित सुपरटेक इकोविलेज-1 में कॉमन एरिया मेंटेनेंस (CAM) चार्ज बढ़ाए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में सोसायटी के निवासियों ने मेंटेनेंस एजेंसी YG Estate के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और बढ़े हुए CAM चार्ज को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सोसायटी के गेट नंबर-1 पर अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।
करीब 7,000 परिवारों वाली इस बड़ी आवासीय सोसायटी में रहने वाले लोगों का आरोप है कि उन्हें पहले से ही मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सुरक्षा व्यवस्था में खामियां, जगह-जगह गंदगी, बरसात के दौरान जलभराव, खराब हाउसकीपिंग और अन्य समस्याओं का समाधान किए बिना मेंटेनेंस एजेंसी ने CAM चार्ज में भारी बढ़ोतरी कर दी, जिसे निवासी किसी भी कीमत पर स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।
निवासियों ने उठाए सुविधाओं पर सवाल
प्रदर्शन कर रहे निवासियों का कहना है कि यदि सोसायटी में सुविधाएं लगातार बेहतर होतीं, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती और सफाई व्यवस्था संतोषजनक होती, तब शुल्क बढ़ाने पर विचार किया जा सकता था। लेकिन मौजूदा हालात में निवासियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान कई स्थानों पर जलभराव हो जाता है, सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षित स्तर की नहीं है और सामान्य रखरखाव के कार्य भी समय पर पूरे नहीं किए जाते। ऐसे में CAM चार्ज बढ़ाना पूरी तरह अनुचित और एकतरफा फैसला है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शुल्क बढ़ाने से पहले न तो निवासियों से कोई राय ली गई और न ही किसी प्रकार की सहमति प्राप्त की गई। उनका कहना है कि यह फैसला पूरी तरह मनमाने तरीके से लागू किया गया है।
89 पैसे प्रति वर्गफुट बढ़ाया गया CAM चार्ज
निवासियों के अनुसार, 1 जून 2026 से CAM चार्ज में 89 पैसे प्रति वर्गफुट की वृद्धि लागू कर दी गई है। पहले जहां प्रति वर्गफुट 2.36 रुपये CAM शुल्क लिया जाता था, वहीं अब इसे बढ़ाकर लगभग 3.25 रुपये प्रति वर्गफुट कर दिया गया है। निवासियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी हजारों परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। उनका कहना है कि महंगाई के दौर में पहले से ही घरेलू खर्च बढ़ चुके हैं और ऐसे समय में अचानक CAM चार्ज बढ़ाना उचित नहीं है।
YG Estate ने बढ़ोतरी को बताया जरूरी
दूसरी ओर, मेंटेनेंस एजेंसी YG Estate का कहना है कि बढ़ते संचालन खर्च और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से CAM चार्ज में संशोधन किया गया है। एजेंसी के प्रतिनिधियों के अनुसार सोसायटी में कई विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। इनमें टावरों की पेंटिंग, नए सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, गेट नंबर-1 के सामने फाउंटेन का निर्माण तथा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने जैसे कार्य शामिल हैं।
एजेंसी का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई, कर्मचारियों के वेतन, बिजली, डीजल और रखरखाव पर बढ़ रहे खर्च के कारण पुराने CAM चार्ज पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देना संभव नहीं रह गया था। इसलिए यह निर्णय लिया गया।
धरना जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शन कर रहे निवासियों ने स्पष्ट किया कि यदि CAM चार्ज में की गई बढ़ोतरी वापस नहीं ली गई तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन और मेंटेनेंस एजेंसी के सामने रख रहे हैं, लेकिन यदि समाधान नहीं निकला तो आगे व्यापक रणनीति बनाई जाएगी। निवासियों ने यह भी मांग की कि मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने से पहले सभी खर्चों का पारदर्शी विवरण सार्वजनिक किया जाए और सोसायटी के निवासियों के साथ बैठक कर सहमति बनाई जाए।
सुविधाएं बनाम बढ़े शुल्क की बहस तेज
सुपरटेक इकोविलेज-1 में CAM चार्ज को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब पूरे ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अन्य आवासीय सोसायटियों के लिए भी चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर निवासी पहले सुविधाओं में सुधार और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर मेंटेनेंस एजेंसी बढ़ती लागत का हवाला देकर शुल्क बढ़ाने को आवश्यक बता रही है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों पर कायम हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बातचीत के जरिए समाधान निकलता है या यह विवाद आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेता है।



