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Eros Sampurnam News : लगातार छठे हफ्ते शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन, ईरोज़ सम्पूर्णम निवासियों की आवाज़ बुलंद, प्रबंधन की चुप्पी बरकरार, कानूनी मोर्चा और प्रशासन की भूमिका, मीडिया और समाज की नज़र


ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ईरोज़ सम्पूर्णम सोसाइटी के निवासी अपनी लंबित समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्षरत हैं। दिनांक 17 अगस्त 2025, रविवार को एक बार फिर बड़ी संख्या में निवासी छठे हफ्ते भी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए एकजुट हुए।

निवासियों की यह लड़ाई केवल चार दीवारों तक सीमित नहीं, बल्कि उनकी बुनियादी ज़रूरतों से जुड़ी है – VCAM चार्ज हटाने, डीजी बिजली संकट, पानी की किल्लत और खराब मेंटेनेंस सेवाएँ


पिछली कार्यवाही और निवासियों का संघर्ष

🔹 पहला सप्ताह:

निवासियों ने अपनी समस्याओं का ज्ञापन एस्टेट मैनेजर श्री बबिश को सौंपा। उम्मीद थी कि ईरोज़ प्रबंधन उनकी बातें सुनेगा और समाधान की दिशा में कदम उठाएगा। लेकिन इसके ठीक उलट, हायर मैनेजमेंट ने सभी माँगों को ठुकरा दिया

🔹 दूसरा सप्ताह:

निवासियों ने हार नहीं मानी और विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए सेक्टर-3 पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। इसमें बिल्डर की कथित अवैध गतिविधियों और उपभोक्ताओं के शोषण की ओर ध्यान दिलाया गया।

🔹 तीसरा सप्ताह:

काफी दबाव के बाद बिल्डर ने निवासियों से बैठक करने का वादा किया। लेकिन हकीकत यह रही कि यह बैठक अब तक नहीं हो सकी। न तो प्रबंधन और न ही नेहरू प्लेस स्थित मुख्य कार्यालय का कोई भी प्रतिनिधि आगे आया।

🔹 चौथा और पाँचवां सप्ताह:

बिल्डर के रवैये ने निवासियों का गुस्सा और बढ़ा दिया। प्रबंधन की चुप्पी और अनदेखी से निवासियों ने विरोध को और संगठित किया।

🔹 छठा सप्ताह:

आज का विरोध इस संघर्ष का छठा पड़ाव था। बड़ी संख्या में निवासी, जिनमें वरिष्ठ नागरिक, महिलाएँ, युवा और बच्चे शामिल थे, ईरोज़ सेल्स ऑफिस के बाहर शांतिपूर्ण ढंग से खड़े हुए।


कानूनी मोर्चा और प्रशासन की भूमिका

निवासियों का आरोप है कि प्रबंधन उनकी आवाज़ को दबाने के लिए प्रशासनिक दबाव का इस्तेमाल कर रहा है।

  • 2 अगस्त 2025 को कुछ निवासियों को BNNS 126/135 की नोटिस भेजी गई।
  • यह नोटिस सेक्टर-3 चौकी इंचार्ज श्री अजय कुमार सिंह की रिपोर्ट पर आधारित थी।
  • निवासियों का कहना है कि यह रिपोर्ट झूठी और भ्रामक है, जिसका उद्देश्य आंदोलन को कमजोर करना है।

निवासियों ने इसका जवाब देते हुए कार्यपालक मजिस्ट्रेट, सेंट्रल नोएडा-2 को साक्ष्यों सहित पत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 22 अगस्त 2025 तय की है।


मीडिया और समाज की नज़र

आज के विरोध प्रदर्शन को कई मीडिया चैनलों ने लाइव कवर किया। निवासियों का कहना है कि यदि मीडिया इस मामले को लगातार उजागर करता है, तो संबंधित प्राधिकरण और विभाग भी मजबूर होंगे कि वे हस्तक्षेप करें।

वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं ने मीडिया कर्मियों से कहा:

“यह आंदोलन केवल बिल्डर के खिलाफ नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है। जब तक हमारी समस्याओं का समाधान नहीं होता, हम पीछे नहीं हटेंगे।”


मुख्य समस्याएँ जिन पर निवासियों की माँग

  1. VCAM चार्ज हटाना – निवासी मानते हैं कि यह शुल्क अवैध है और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालता है।
  2. डीजी बिजली संकट – बार-बार बिजली जाने और DG बैकअप की खराब स्थिति ने जीवन को मुश्किल बना दिया है।
  3. पानी की किल्लत – कई टावरों में पानी की सप्लाई बाधित रहती है।
  4. मेंटेनेंस सेवाओं की दुर्दशा – भारी शुल्क के बावजूद लिफ्ट, सुरक्षा और सफाई जैसी सेवाओं का स्तर खराब है।

निवासियों का संकल्प और आगे की राह

प्रदर्शन स्थल ईरोज़ सेल्स ऑफिस को चुना गया ताकि प्रबंधन तक सीधा संदेश पहुँच सके।
निवासियों ने कहा कि –

“यदि प्रबंधन अब भी बातचीत के लिए सामने नहीं आता, तो आने वाले रविवार, 24 अगस्त 2025, को भी विरोध जारी रहेगा। हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।”

महिलाओं ने भी आवाज़ बुलंद की –

“हम बच्चों के साथ यहाँ खड़े हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को न्याय मिले। बिल्डर कितना भी दबाव डाले, आंदोलन तब तक चलेगा जब तक हमारी माँगें पूरी नहीं हो जातीं।”


विरोध में शामिल विशेष समूह

  • वरिष्ठ नागरिकों ने शांतिपूर्ण तरीके से पोस्टर लेकर अपनी बात रखी।
  • बच्चों ने “हमें पानी दो, हमें बिजली दो” जैसे नारे लगाए।
  • महिलाओं ने एकजुट होकर “अब और नहीं” का स्वर बुलंद किया।

सोशल मीडिया पर गूँज

निवासियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इस विरोध की झलक साझा की।

  • #ErosSamproornamProtest
  • #GreaterNoidaWestResidents
  • #ConsumerRights

ये हैशटैग स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक ट्रेंड करने लगे।


निष्कर्ष

लगातार छह हफ्तों से जारी यह शांतिपूर्ण विरोध केवल एक सोसाइटी की जद्दोजहद नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में उपभोक्ताओं के अधिकारों की लड़ाई बन चुका है।

अब सबकी निगाहें 22 अगस्त को होने वाली सुनवाई और 24 अगस्त को होने वाले संभावित सातवें विरोध प्रदर्शन पर टिकी हैं।


संपर्क हेतु:
ईरोज़ सम्पूर्णम निवासियों का प्रतिनिधि समूह
ग्रेटर नोएडा वेस्ट


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