Greater Noida Authority News : डूब क्षेत्र में भी नहीं बख्शा गया अतिक्रमण!, ग्रेटर नोएडा में गरजा बुलडोज़र, 16 दिन में छठी बड़ी कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइज़र परेशान, डूब क्षेत्र में बनी ‘शिवम एंक्लेव’ पर चला बुलडोज़र, सीईओ NG रवि कुमार का सख़्त संदेश अवैध निर्माण पर ज़ीरो टॉलरेंस
ACEO सुमित यादव ने भी अवैध निर्माण करने वालों को सख़्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा— “ग्रेटर नोएडा का अधिसूचित क्षेत्र है। यहां बिना अनुमति या नक्शा पास कराए किसी भी तरह का निर्माण पूरी तरह अवैध है

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के लिए अब कोई जगह नहीं बची है। शुक्रवार को प्राधिकरण की टीम ने ग्राम हैबतपुर के डूब क्षेत्र और चिपियाना खुर्द में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 9000 वर्ग मीटर से अधिक सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया।
यह कार्रवाई बीते 16 दिनों में प्राधिकरण की छठी बड़ी एंटी-एन्क्रोचमेंट कार्रवाई है, जिसने अवैध कॉलोनाइज़र और जमीन कब्जाने वालों की नींद उड़ा दी है।
डूब क्षेत्र में बनी ‘शिवम एंक्लेव’ पर चला बुलडोज़र
शुक्रवार सुबह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की परियोजना विभाग की टीम भारी पुलिस बल और मशीनरी के साथ ग्राम हैबतपुर पहुंची। यहां एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के निर्देशों के तहत खसरा संख्या 209, 210 और 212 में स्थित डूब क्षेत्र पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया।
करीब 7000 वर्ग मीटर जमीन पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी ‘शिवम एंक्लेव’ में—
अवैध बाउंड्री वॉल
निर्माणाधीन मकान
कॉलोनी बसाने के लिए डाली जा रही सीवर लाइन
को बुलडोज़र चलाकर पूरी तरह तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान तीन जेसीबी, तीन डंपर और प्राधिकरण का पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
चिपियाना खुर्द में भी अवैध मकानों पर कार्रवाई
सिर्फ हैबतपुर ही नहीं, बल्कि ग्राम चिपियाना खुर्द में भी प्राधिकरण का बुलडोज़र गरजा। यहां खसरा संख्या 59 में लगभग 2000 वर्ग मीटर जमीन पर बने अवैध मकान और बाउंड्री वॉल को ध्वस्त कर दिया गया।
इस तरह शुक्रवार की कार्रवाई में कुल मिलाकर करीब 9000 वर्ग मीटर जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया।
16 दिन में छठी कार्रवाई, कॉलोनाइज़र में मचा हड़कंप
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह मुहिम अब किसी एक दिन की कार्रवाई नहीं रह गई है, बल्कि लगातार चल रहा अभियान बन चुकी है।
पिछले 16 दिनों में प्राधिकरण ने अलग-अलग गांवों में छह बड़ी कार्रवाइयां की हैं—
20 जनवरी – ग्राम भनौता में 11,340 वर्ग मीटर जमीन अतिक्रमण मुक्त
28 जनवरी – हैबतपुर में 6000 वर्ग मीटर जमीन खाली कराई गई
29 जनवरी – खेड़ा चौगानपुर में 8 टॉवरों के 100 से अधिक फ्लैट सील
04 फरवरी – भनौता में 10,000 वर्ग मीटर जमीन से कब्जा हटाया गया
06 फरवरी – रोहिल्लापुर में 18,000 वर्ग मीटर जमीन अतिक्रमण मुक्त
07 फरवरी – हैबतपुर और चिपियाना खुर्द में 9000 वर्ग मीटर पर कार्रवाई
इन लगातार कार्रवाइयों से अवैध कॉलोनाइज़र और भू-माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।
सीईओ का सख़्त संदेश: अवैध निर्माण पर ज़ीरो टॉलरेंस
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) एन.जी. रवि कुमार ने परियोजना विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि—
“अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान बिना रुके जारी रहेगा। किसी भी दबाव या सिफारिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
सीईओ के निर्देशों के बाद ही परियोजना विभाग लगातार ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई कर रहा है।
एसीईओ सुमित यादव की दो टूक चेतावनी
अतिक्रमण हटाओ अभियान का नेतृत्व कर रहे अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) सुमित यादव ने भी अवैध निर्माण करने वालों को सख़्त चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा— “ग्रेटर नोएडा का अधिसूचित क्षेत्र है। यहां बिना अनुमति या नक्शा पास कराए किसी भी तरह का निर्माण पूरी तरह अवैध है। ऐसे मामलों में बिना नोटिस भी कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि—
किसी भी कॉलोनाइज़र के झांसे में न आएं
जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से वैधता की पुष्टि जरूर करें
अपनी जीवनभर की कमाई अवैध प्लॉटिंग में न फंसाएं
भूलेख विभाग से जांच जरूरी
एसीईओ ने साफ कहा कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से संपर्क कर खसरा नंबर, भूमि की स्थिति और वैधता की पूरी जानकारी लेना बेहद जरूरी है।
परियोजना विभाग ने दी कार्रवाई की पूरी जानकारी
प्राधिकरण के परियोजना विभाग के महाप्रबंधक ए.के. सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई एनजीटी के आदेशों के अनुपालन में की गई। उन्होंने बताया कि वर्क सर्किल-1 के प्रभारी प्रभात शंकर के नेतृत्व में टीम गठित की गई
प्रबंधक, सहायक प्रबंधक, तकनीकी सुपरवाइज़र और सुपरवाइज़र शामिल रहे
पुलिस बल के सहयोग से कार्रवाई को शांतिपूर्ण तरीके से अंजाम दिया गया
साफ संदेश: कानून से ऊपर कोई नहीं
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की इस लगातार कार्रवाई से यह साफ संदेश जा रहा है कि—
डूब क्षेत्र हो या कृषि भूमि
अवैध कॉलोनी हो या निर्माणाधीन मकान
कानून से ऊपर कोई नहीं है।
अब देखना होगा कि यह अभियान आने वाले दिनों में किन-किन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करता है, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि ग्रेटर नोएडा में अवैध कब्जों का खेल अब ज्यादा दिन चलने वाला नहीं।



