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Jai Ho News : शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर जय हो संस्था का भव्य आयोजन, विचार गोष्ठी से लेकर देशभक्ति रागनियों तक गूंजा सैंथली गांव, आजाद भारत में भगत सिंह की प्रासंगिकता पर विचार गोष्ठी, दादा मुगनी की याद और प्रेरणा

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। दादरी क्षेत्र के सैंथली गांव में रविवार शाम जय हो संस्था ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 118वीं जयंती बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई। गांव के जवाहर इंटर कॉलेज प्रांगण में स्थापित भगत सिंह जी की प्रतिमा स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम ने पूरे गांव को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। इस मौके पर न सिर्फ विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ बल्कि देर रात तक लोग देशभक्ति रागनियों पर झूमते नजर आए।

केक काटकर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

शाम ढलते ही जब कार्यक्रम की शुरुआत हुई तो सबसे पहले भगत सिंह जी की प्रतिमा के सामने केक काटा गया। इसके बाद माहौल जोश और उल्लास से भर उठा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कारगिल शहीद नरेंद्र सिंह भाटी के पिता दादा महिपाल सिंह ने की, जिनकी मौजूदगी ने आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया।

आजाद भारत में भगत सिंह की प्रासंगिकता पर विचार गोष्ठी

मुख्य कार्यक्रम का केंद्र बिंदु रहा – “आजाद भारत में भगत सिंह की प्रासंगिकता” विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी।

मुख्य अतिथि कवि डॉ. अक्षय प्रताप अक्षय ने अपनी कविताओं के माध्यम से शहीदों की आरती कराई। जैसे ही उनकी आवाज़ गूंजी, पूरा पंडाल खड़ा हो गया और सुर से सुर मिलाकर आरती गाने लगा। इस दौरान “भारत माता की जय” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।

मुख्य वक्ता प्रोफेसर सुनील शर्मा ने अपने संबोधन में भगत सिंह के जीवन के क्रांतिकारी प्रसंगों को साझा किया। उन्होंने युवाओं को यह संदेश दिया कि आज भी भगत सिंह के विचार और उनका बलिदान उतना ही प्रासंगिक है जितना आज़ादी के आंदोलन के दौर में था। उनके उद्बोधन ने युवाओं के अंदर नई ऊर्जा और जोश भर दिया।

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शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर जय हो संस्था का भव्य आयोजन, विचार गोष्ठी से लेकर देशभक्ति रागनियों तक गूंजा सैंथली गांव

जोश से भर उठा पंडाल

विचार गोष्ठी के बाद माहौल पूरी तरह इंकलाब जिंदाबाद और भगत सिंह अमर रहें के नारों से गूंज उठा। गांव के युवाओं में जोश और गर्व का संचार देखने लायक था। देर रात तक लोग देशभक्ति रागनियों और कविताओं पर झूमते रहे।

दादा मुगनी की याद और प्रेरणा

संस्था के संस्थापक संयोजक कपिल शर्मा एडवोकेट ने इस अवसर पर ग्रामीणों को उनके पुरखों की याद दिलाते हुए कहा कि जिस तरह 1857 की क्रांति में दादा मुगनी उर्फ मांगते गुर्जर ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया था, उसी तरह आज भी उनके बलिदान को गांव को याद रखना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि दादा मुगनी के नाम का पत्थर गांव के बाहर अवश्य लगाया जाए।

सम्मान समारोह और समाधि रज का भेंट

कार्यक्रम के दौरान जय हो संस्था ने उन युवाओं का भी सम्मान किया, जिन्होंने वर्षों से भगत सिंह जयंती के आयोजन में प्रेरणा जगाई है।

युवा अजेश भाटी और गांव के प्रधान सचिन भाटी को शहीद भगत सिंह की समाधि रज भेंटकर सम्मानित किया गया।

इसके बाद ग्रामीणों ने पंजाब के हुसैनीवाला से शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की रज लेकर आए जय हो संस्था के पांचों सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

आयोजकों का आभार और संचालन

संस्था के अध्यक्ष दिनेश भाटी ने शानदार आयोजन में सहयोग के लिए ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। वहीं महासचिव परमानंद कौशिक ने कुशल संचालन से कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया।

देशभक्ति रागनियों पर देर रात तक झूमे लोग

कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक रंग में डूबकर हुआ। देशभक्ति रागनियां और कविताएं गूंजती रहीं और ग्रामीण देर रात तक झूमते रहे। छोटे-बड़े सभी लोग इस उत्सव का हिस्सा बने और शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती को यादगार बना दिया।

विशेष अतिथि और प्रमुख लोग

इस अवसर पर कई सम्मानित लोग मौजूद रहे जिनमें दुर्रम यादव, जिलाध्यक्ष सचिन शर्मा, अजय भाटी, प्रमोद शर्मा, सचिन भाटी प्रधान, श्यामवीर प्रधान, अजेश भाटी, पांचादित्य शर्मा, कुलदीप प्रजापति और सुरजीत विकल प्रमुख रूप से शामिल रहे।

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Raftar Today
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