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Nikki Murder Case In Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा का हत्याकांड: पत्नी को जिंदा जलाने वाले आरोपी विपिन का एनकाउंटर, पैर में लगी गोली – पिता ने कहा ‘छाती में मारनी थी गोली’, आरोप पत्नी को जिंदा जलाया

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
दहेज प्रथा से जुड़े निक्की हत्याकांड ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर दिया था। अब इस मामले में नया मोड़ आया है, जब मुख्य आरोपी और मृतका निक्की के पति विपिन भाटी का रविवार को पुलिस मुठभेड़ में एनकाउंटर हुआ। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मेडिकल ले जाते समय हुआ ड्रामा

पुलिस के मुताबिक, रविवार को आरोपी विपिन को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान जब पुलिस वाहन सिरसा चौराहे पर पहुँचा, तो आरोपी ने अचानक हथकड़ी से छूटने और पुलिस का हथियार छीनने की कोशिश की।

मौके की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को आत्मरक्षा में कार्रवाई करनी पड़ी। गोली विपिन के पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा।

आरोप: पत्नी को जिंदा जलाया

इस पूरे मामले की जड़ में है निक्की की दर्दनाक मौत, जिसने पूरे समाज को दहला दिया।
आरोप है कि विपिन ने दहेज की मांग को लेकर अपनी पत्नी को जिंदा जलाकर मार डाला।

इस घटना के बाद इलाके में गुस्से और आक्रोश की लहर दौड़ गई थी।
निक्की की चीखें और उसकी असहाय मौत ने महिलाओं की सुरक्षा, दहेज प्रथा और पारिवारिक हिंसा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए।

पछतावा नहीं है” – आरोपी का बयान

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने विपिन से पूछताछ की, तो उसका ठंडा और निर्मम रवैया सबको हैरान कर गया।
उसने बयान दिया:

“मुझे कोई पछतावा नहीं है।”

“मैंने उसे नहीं मारा, वह खुद मर गई।”

“पति-पत्नी में झगड़े होना आम बात है।”

आरोपी के इन शब्दों ने न केवल पीड़ित परिवार के जख्म हरे कर दिए, बल्कि समाज को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर कोई इंसान इतना निर्मम कैसे हो सकता है?

पिता की नाराज़गी – “पैर में नहीं, छाती में मारनी थी गोली”

निक्की के पिता ने इस मुठभेड़ की खबर सुनकर मीडिया से कड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा –
“आरोपी ने मेरी बेटी की जिंदगी को आग में झोंक दिया। पुलिस ने उसे सिर्फ पैर में गोली मारी। उसे छाती में गोली मारकर वहीं खत्म कर देना चाहिए था।”

पिता का यह बयान उनके गुस्से, दर्द और टूटे हुए मनोबल को बयां करता है।

पुलिस की दलील

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि –

आरोपी को अस्पताल मेडिकल जांच के लिए ले जाया जा रहा था। उसने अचानक भागने और हथियार छीनने की कोशिश की।आत्मरक्षा में पुलिस को गोली चलानी पड़ी।

आरोपी अब पुलिस की हिरासत में है और अस्पताल में इलाज चल रहा है।

समाज पर सवाल

यह मामला केवल एक क्राइम स्टोरी नहीं है, बल्कि समाज के सामने कई कठिन प्रश्न खड़े करता है –

दहेज जैसी बुराई क्यों आज भी ज़िंदा है?

महिलाएँ अपने ही घर में क्यों सुरक्षित नहीं हैं?

क्यों कुछ लोग पत्नी को संपत्ति समझकर उसके जीवन का मोल लगाते हैं?

निक्की की मौत – महिलाओं के लिए सबक

निक्की की मौत ने साबित किया कि दहेज और घरेलू हिंसा आज भी हमारी सामाजिक संरचना की जड़ें खोखली कर रही हैं।
यह घटना हर महिला के लिए चेतावनी है और हर पुरुष के लिए आईना।

इंसाफ की राह लंबी

विपिन भाटी का एनकाउंटर भले ही चर्चा का विषय बना हो, लेकिन इंसाफ की लड़ाई अभी बाकी है।
पीड़ित परिवार को न्याय तभी मिलेगा जब इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी और आरोपी को उसकी करतूत की सजा मिलेगी।

निक्की जैसी मासूम आत्माएँ तब तक शांति नहीं पाएंगी जब तक समाज से दहेज और घरेलू हिंसा जैसी बुराइयाँ पूरी तरह खत्म नहीं हो जातीं।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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