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Greater Noida News : “दीपों से नहीं, दिलों से जगमगाई ग्रेटर नोएडा की दीपावली!”, अनिता चौधरी ने कहा, ‘यह पर्व केवल रोशनी का नहीं, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का प्रतीक है’, एकता, सेवा और सामाजिक सहयोग का अनोखा संगम, मातृशक्ति समाज की रीढ़ है

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। त्योहारों की रौनक जब दिलों को जोड़ने लगे और दीपों की रोशनी जब समाज में एकता का संदेश दे, तब समझिए वो दीपावली सिर्फ घरों में नहीं, बल्कि दिलों में जली है।
ग्रेटर नोएडा में आयोजित “दीपावली मिलन समारोह” ने कुछ ऐसा ही प्रेरणादायक संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं सामाजिक कार्यकर्ता एवं महिला सशक्तिकरण की आवाज़ श्रीमती अनिता चौधरी ने कहा “दीपावली केवल दीपों का त्यौहार नहीं, बल्कि यह त्योहार हमारे भीतर और समाज में एकता का प्रतीक है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि जब दिलों में प्यार और साथ में सहयोग हो, तब हर अंधकार मिट जाता है।”

मातृशक्ति समाज की रीढ़ है’ — अनिता चौधरी का प्रेरक संदेश

अपने उत्साहपूर्ण संबोधन में अनिता चौधरी ने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब महिलाएँ सक्रिय रूप से समाज सेवा, शिक्षा, और सांस्कृतिक कार्यों में हिस्सा लें “महिलाएँ हमारे समाज की रीढ़ होती हैं। आज यह देखकर गर्व होता है कि हमारी बहनें हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। दीपावली का यह पर्व हमें यही सिखाता है कि जब महिलाएँ और पुरुष कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते हैं, तब समाज में विकास और सौहार्द अपने आप बढ़ता है।”

उनके इन शब्दों से सभागार में बैठी महिलाओं में जोश और गर्व की भावना भर गई। कई महिलाओं ने उनके विचारों पर तालियों की गड़गड़ाहट से समर्थन जताया।

दीपों से रोशन हुआ एकता का संदेश

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और “जय-जय भारत माता” के उद्घोष के साथ हुई। मंच पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने मिलकर दीप जलाकर इस पावन पर्व का शुभारंभ किया।
दीपक की लौ ने जैसे ही अंधकार को मात दी, वैसे ही वहां उपस्थित हर चेहरे पर मुस्कान खिल उठी।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में जोड़ना था।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाई महफ़िल की शोभा

समारोह में हरियाणा की प्रसिद्ध गायिका रूमी रमण ने अपने गीतों से समां बांध दिया। उन्होंने मातृशक्ति, देशभक्ति और एकता पर आधारित लोक गीतों की ऐसी प्रस्तुति दी कि सभागार तालियों की गूंज से भर उठा।
गीत — “माँ की ममता, देश की माटी, और दीपों की लाज” ने सभी के दिलों को छू लिया।
उनके बाद बच्चों ने दीपदान नृत्य और राम राज्य की झांकी प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

एकता, सेवा और सामाजिक सहयोग का अनोखा संगम

कार्यक्रम के दौरान समाजसेवा में अग्रणी कई संस्थाओं को सम्मानित किया गया।
“नारी शक्ति समूह,” “सूर्या सेवा समिति” और “जन सहयोग मंच” जैसी संस्थाओं को उनके निरंतर योगदान के लिए प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
अनिता चौधरी ने कहा “ऐसे प्रयास ही समाज को जोड़ते हैं। दीपावली का सच्चा अर्थ यही है कि हम सब एक-दूसरे की खुशियों में शामिल हों और जरूरतमंदों तक रोशनी पहुंचाएं।”

महिलाओं के सम्मान में खड़ा हुआ पूरा ग्रेटर नोएडा

इस मौके पर मंच से लेकर दर्शक दीर्घा तक हर ओर मातृशक्ति के सम्मान की झलक दिखाई दी।
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने दीपक सजावट प्रतियोगिता, रंगोली आर्ट शो और पारंपरिक परिधान रैंप वॉक में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
सबसे सुंदर सजावट के लिए नेहा शर्मा को प्रथम पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ पारंपरिक परिधान के लिए सुष्मिता सिंह को सम्मानित किया गया।

दीपों से अधिक चमकी मानवीय संवेदना

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा “एक दिया शहीदों के नाम” अभियान। मंच पर मौजूद सभी अतिथियों और उपस्थित नागरिकों ने एक साथ 101 दीपक जलाकर देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। पूरा माहौल राष्ट्रप्रेम और सामाजिक एकता के रंग में रंग गया।

समापन पर दिया सामाजिक सौहार्द का संदेश

समारोह के अंत में अनिता चौधरी ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा “हम सबके जीवन में रोशनी तभी स्थायी रहेगी, जब हम दूसरों के जीवन में भी उजाला फैलाने का प्रयास करेंगे। दीप जलाइए, लेकिन साथ ही मन में भी एक दीप जलाइए — प्रेम, सेवा और एकता का।”

दीपावली मिलन ने दिया ‘समरस समाज’ का वचन

ग्रेटर नोएडा की यह दीपावली केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और मानवीय एकता का प्रतीक बन गई। इस कार्यक्रम ने साबित किया कि जब समाज के सभी वर्ग एक साथ खड़े होते हैं, तो हर अंधकार मिट सकता है।

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Raftar Today
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