Jewar Airport News : जेवर से उड़ान भरने को तैयार सपने!, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जल्द मिल सकता है एयरोड्रम लाइसेंस, उद्घाटन और पहली उड़ानों की उलटी गिनती शुरू, सुरक्षा जांच लगभग पूरी, आपत्तियों का समाधान अंतिम चरण में
लाइसेंस मिलते ही उद्घाटन, जनवरी–फरवरी में शुरू हो सकती हैं उड़ानें, हवाई अड्डे तक आसान सफर: 15 इलेक्ट्रिक बसें, 4 बड़े रूट

जेवर, रफ़्तार टूडे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) अब अपने आख़िरी और निर्णायक पड़ाव पर पहुंच गया है। जिस दिन का सालों से इंतज़ार किया जा रहा था, वह दिन अब ज्यादा दूर नहीं। जेवर एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस जल्द मिलने की पूरी उम्मीद है और इसके साथ ही हवाई उड़ानों के सपने भी ज़मीन से आसमान की ओर उड़ान भरने को तैयार हैं।
सुरक्षा जांच लगभग पूरी, आपत्तियों का समाधान अंतिम चरण मे
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) द्वारा की गई सुरक्षा जांच में जो आपत्तियां सामने आई थीं, उनमें से अधिकांश का समाधान यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (YIAPL) द्वारा कर लिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार—
एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल का निर्माण पूरा हो चुका है
वॉच टावर और सुरक्षा ढांचा स्थापित कर दिया गया है
आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का प्रमाणीकरण हो चुका है
सीसीटीवी कैमरों की संख्या को स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप बढ़ाने का कार्य इसी माह पूरा कर लिया जाएगा
इन सभी कार्यों के पूर्ण होते ही BCAS अपनी अंतिम सुरक्षा रिपोर्ट डीजीसीए (DGCA) को सौंप देगा, जिसके बाद एयरोड्रम लाइसेंस जारी होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।
लाइसेंस मिलते ही उद्घाटन, जनवरी–फरवरी में शुरू हो सकती हैं उड़ानें
सूत्रों के मुताबिक, एयरोड्रम लाइसेंस मिलते ही एयरपोर्ट के उद्घाटन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री स्तर पर भव्य उद्घाटन के साथ ही व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत भी हो सकती है।
यह पल न सिर्फ जेवर बल्कि पूरे गौतम बुद्ध नगर, पश्चिमी यूपी और एनसीआर के लिए ऐतिहासिक होगा।
एयरलाइंस भी तैयार, कई शहरों के लिए उड़ानों का प्रस्ताव
जेवर एयरपोर्ट को लेकर एयरलाइंस भी पूरी तरह एक्टिव हो चुकी हैं। जानकारी के अनुसार— दो निजी एयरलाइंस ने डीजीसीए में आवेदन कर दिया है
कई प्रमुख शहरों के लिए फ्लाइट ऑपरेशन की अनुमति मांगी गई है। लाइसेंस मिलते ही इन उड़ानों को तेज़ी से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इससे साफ है कि जेवर एयरपोर्ट केवल उद्घाटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तुरंत ऑपरेशनल मोड में आ जाएगा।
हवाई अड्डे तक आसान सफर: 15 इलेक्ट्रिक बसें, 4 बड़े रूट
एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले ही ग्रेटर नोएडा में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए—
15 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है
जेवर एयरपोर्ट तक चार प्रमुख रूट तय किए गए हैं
इन रूटों पर यात्रियों की संख्या और संचालन की व्यवहारिकता को लेकर सर्वे कराया जा रहा है
इन ई-बसों के शुरू होने से न केवल यात्रियों को आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
जेवर एयरपोर्ट: सिर्फ रनवे नहीं, विकास का रनवे
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं रहा। यह—
रोज़गार के नए अवसरों का केंद्र बनेगा
होटल, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउस और रियल एस्टेट को रफ्तार देगा
ग्रेटर नोएडा, यमुना सिटी और आसपास के इलाकों की आर्थिक तस्वीर बदल देगा
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट के चालू होते ही यह इलाका उत्तर भारत का नया एविएशन और बिजनेस हब बन सकता है।
अब इंतज़ार बस लाइसेंस का, फिर उड़ान भरेगा जेवर
सालों की योजना, संघर्ष और निर्माण के बाद अब जेवर एयरपोर्ट अपने सपनों को पंख लगाने को तैयार है।
एयरोड्रम लाइसेंस वह आख़िरी चाबी है, जो इस भव्य परियोजना के दरवाज़े खोल देगी।
जैसे ही लाइसेंस मिलेगा— रनवे पर विमान दौड़ेंगे
दुनिया से जुड़ेगा जेवर
और उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा
जेवर अब सिर्फ ज़मीन नहीं, आसमान पर भी अपनी पहचान बनाने जा रहा है।



