Noida Authority News : “उद्योगपतियों की आवाज बनी प्राधिकरण की बैठक, नोएडा में समस्याओं के समाधान को लेकर बना एक्शन प्लान, सीईओ ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश!”, “नोटिस वापसी से लेकर शुल्क में राहत तक—उद्यमियों ने रखीं अहम मांगें”, “सीईओ कृष्णा करुणेश का भरोसा—जल्द होगा समाधान, बोर्ड में रखे जाएंगे प्रस्ताव”

नोएडा, रफ़्तार टूडे। औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ हल करने और निवेशकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नोएडा प्राधिकरण ने एक अहम बैठक का आयोजन किया। दिनांक 24 मार्च 2026 को आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) ने की, जिसमें नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों सहित क्षेत्र के कई उद्योगपति और निवेशक शामिल हुए।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उद्योगों के सामने आ रही जमीनी समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए ठोस रणनीति तैयार करना था।
“एक मंच पर जुटे उद्योगपति और अधिकारी—समस्याओं पर हुई खुलकर चर्चा”
बैठक में औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ प्राधिकरण के विभिन्न विभागों—नियोजन, जल एवं सीवर, सिविल, जन-स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास—के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस दौरान उद्यमियों ने अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि कई प्रक्रियाएं जटिल होने के कारण उद्योग संचालन में अनावश्यक देरी और बाधाएं उत्पन्न होती हैं।
“नोटिस वापसी से लेकर शुल्क में राहत तक—उद्यमियों ने रखीं अहम मांगें”
बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा भूखंडों पर भेजे जाने वाले नोटिसों की वापसी प्रक्रिया को सरल बनाने का रहा। उद्योगपतियों ने मांग की कि इस प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाया जाए ताकि उन्हें बार-बार प्रशासनिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा यूनिफाइड नीति में संशोधन कर संपत्तियों में पुत्रवधू का नाम जोड़ने, अंतरण शुल्क (Transfer Fee) और समयवृद्धि शुल्क (Extension Charges) को कम करने की मांग भी उठाई गई।
उद्योगपतियों ने यह भी सुझाव दिया कि परियोजना परिवर्तन (Project Change) से जुड़ी प्रक्रिया को सरल किया जाए और औद्योगिक सेक्टरों में मूलभूत सुविधाओं जैसे सड़क, पानी, सीवर और सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए।
“सीईओ कृष्णा करुणेश का भरोसा—जल्द होगा समाधान, बोर्ड में रखे जाएंगे प्रस्ताव”
बैठक में उठाई गई समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने आश्वासन दिया कि सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नोटिस वापसी प्रक्रिया के सरलीकरण से संबंधित प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही यूनिफाइड नीति में आवश्यक संशोधन कर पारिवारिक नाम जोड़ने और अन्य प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।
सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि शुल्क से संबंधित मामलों पर प्राधिकरण स्तर पर बैठक कर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा, ताकि उद्योगों को राहत मिल सके।
“वेंडिंग जोन और बेसिक सुविधाओं पर भी फोकस—अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश”
बैठक के दौरान औद्योगिक क्षेत्रों में वेंडिंग जोन, ट्रैफिक प्रबंधन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। सीईओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मुद्दों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में साफ-सफाई, जल निकासी, सड़क व्यवस्था और सुरक्षा जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि निवेशकों को बेहतर माहौल मिल सके।
“उद्योग संगठनों ने जताया आभार—सकारात्मक पहल का किया स्वागत”
बैठक के अंत में औद्योगिक संगठनों और उद्यमियों ने प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस संवाद और समस्याओं के समाधान के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इस तरह की बैठकों से उद्योग और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होता है, जिससे समस्याओं का समाधान तेजी से संभव हो पाता है।
संवाद से समाधान की ओर बढ़ता नोएडा”
यह बैठक इस बात का संकेत है कि नोएडा प्राधिकरण औद्योगिक विकास को लेकर गंभीर है और निवेशकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उद्योगपतियों और प्रशासन के बीच इस तरह का संवाद न केवल समस्याओं को हल करने में मदद करेगा, बल्कि नोएडा को एक मजबूत औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।



