YEIDA Authority News : अवैध कब्जों पर चला प्राधिकरण का बुलडोजर, हेरिटेज सिटी और राया अर्बन सेंटर को मिली नई सांस, 1000 करोड़ की जमीन अतिक्रमण मुक्त, यमुना प्राधिकरण का अब तक का सबसे बड़ा एक्शन, मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट पर अवैध कब्जे, प्राधिकरण ने दिखाई जीरो टॉलरेंस नीति

जेवर, रफ़्तार टूडे। यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने एक बार फिर साफ संदेश दे दिया है कि अब अवैध कब्जों, गैरकानूनी कॉलोनियों और नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माणों के लिए यमुना क्षेत्र में कोई जगह नहीं है। माननीय मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री राकेश कुमार सिंह के सख्त निर्देशों पर प्राधिकरण द्वारा 4 फरवरी 2026 को एक बड़ा और निर्णायक अभियान चलाते हुए हेरिटेज सिटी और राया अर्बन सेंटर जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स की लगभग 25 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
इस भूमि की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1000 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जो यह दर्शाती है कि किस स्तर पर भूमाफिया सरकारी योजनाओं पर डाका डालने की कोशिश कर रहे थे।
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट पर अवैध कब्जे, प्राधिकरण ने दिखाई जीरो टॉलरेंस नीति
हेरिटेज सिटी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। इस क्षेत्र को विश्वस्तरीय पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और रोजगार के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है। लेकिन इसी महत्वाकांक्षी परियोजना के कोर एरिया में अवैध होटल, ढाबे, कॉलोनियां और निर्माण कार्य खड़े कर दिए गए थे।
प्राधिकरण ने इन गतिविधियों को बेहद गंभीरता से लेते हुए ग्राम पिपरौली खादर, अरूवा खादर और पानी गांव खादर में बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
यमुना किनारे अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर
कार्रवाई के दौरान यमुना नदी के किनारे लगभग 2 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। यह कॉलोनी न सिर्फ प्राधिकरण की भूमि पर बनाई जा रही थी, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील क्षेत्र में थी।
इसके अलावा, ग्राम अरवा खादर, ग्राम पिपरौली खादर
में दो बड़ी अवैध कॉलोनियों पर भी बुलडोजर चलाया गया, जहां प्लॉटिंग कर भोले-भाले लोगों को बेचने की तैयारी चल रही थी।
अवैध होटल और ढाबों पर कड़ी कार्रवाई
मथुरा से सटे हेरिटेज सिटी क्षेत्र में बिना अनुमति के बनाए जा रहे अवैध होटल और ढाबों को भी इस अभियान में ध्वस्त किया गया। प्राधिकरण का कहना है कि इन अवैध निर्माणों से न सिर्फ मास्टर प्लान प्रभावित हो रहा था, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं पर भी संकट खड़ा हो रहा था।
प्रशासन और पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था
यह पूरा अभियान यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के विशेष कार्य अधिकारी श्री शैलेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। उनके साथ डिप्टी कलेक्टर श्री शिव अवतार सिंह, श्री अभिषेक शाही, श्री कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, जीएम राजेंद्र भाटी मौजूद रहे। वहीं जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम मांट श्रीमती रितु सिरोही और क्षेत्राधिकारी श्री पी. सिंह के नेतृत्व में 11 थानों की पुलिस फोर्स, भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई थी, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
शांतिपूर्ण लेकिन सख्त कार्रवाई, शाम 6 बजे तक चला अभियान
सुबह शुरू हुआ यह अभियान सायं 6 बजे तक लगातार जारी रहा। पूरे ऑपरेशन के दौरान किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं आई और कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न की गई।
प्राधिकरण अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध कब्जा करने वालों को पहले ही नोटिस दिए गए थे, लेकिन चेतावनियों को नजरअंदाज करने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया।
भविष्य में और सख्ती, भूमाफियाओं को स्पष्ट चेतावनी
यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि भविष्य में भी अवैध कॉलोनियों, बिना अनुमति निर्माण
सरकारी भूमि पर कब्जा के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
प्राधिकरण ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी प्लॉट या निर्माण में निवेश से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच कर लें और भूमाफियाओं के झांसे में न आएं।
विकास की राह में रोड़ा नहीं बनने देगा प्राधिकरण
यह कार्रवाई न सिर्फ जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की है, बल्कि यह संदेश भी है कि यमुना क्षेत्र में प्रस्तावित हेरिटेज सिटी, राया अर्बन सेंटर और अन्य मेगा प्रोजेक्ट्स को किसी भी कीमत पर बाधित नहीं होने दिया जाएगा।
प्राधिकरण का मानना है कि ऐसे सख्त कदमों से ही नियोजित विकास, निवेशकों का भरोसा और क्षेत्र का भविष्य सुरक्षित रह सकेगा।



