Yatharth Hospital News : “लापरवाही के घेरे में यथार्थ हॉस्पिटल!, मरीज की बिगड़ती हालत के बाद उठे सवाल, CMO ने बनाई जांच समिति”, 18 जुलाई को होगी सुनवाई, दोनों पक्ष रखेंगे अपना पक्ष, DM व संयुक्त चिकित्सालय को भेजी गई रिपोर्ट

ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे।
गौतम बुद्ध नगर के बहुचर्चित यथार्थ हॉस्पिटल एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। इस बार मामला केवल इलाज से जुड़ी असंतोषजनक स्थिति का नहीं, बल्कि गंभीर चिकित्सा लापरवाही के आरोप का है। आम्रपाली ग्रैंड सोसाइटी, जीटा-1 के निवासी एडवोकेट धीरेंद्र सिंह ने अपनी पत्नी के इलाज में लापरवाही को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और तत्काल जांच समिति का गठन कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला? कैसे बिगड़ती गई हालत?
आम्रपाली ग्रैंड के टॉवर-5 निवासी एडवोकेट धीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी रेखा भाटी को यथार्थ हॉस्पिटल में भर्ती कराने के बाद न तो समय पर उपचार मिला और न ही डॉक्टरों की टीम ने गंभीरता दिखाई। शिकायत में उन्होंने स्पष्ट तौर पर अस्पताल के मालिक डॉ. कमल लांबा, डॉ. हमीदा और डॉ. इकबाल की लापरवाही का ज़िक्र किया है। उनका आरोप है कि महंगे इलाज के बावजूद उनकी पत्नी की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, बल्कि स्थिति बिगड़ती चली गई।
धीरेंद्र सिंह का यह भी कहना है कि उन्होंने पहले भी अस्पताल से जवाब मांगा था, पर कोई स्पष्ट और संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। जब मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक रूप से अत्यधिक क्षति हुई, तब उन्होंने प्रशासन से मदद मांगी।
CMO कार्यालय की त्वरित प्रतिक्रिया – बनी जांच समिति
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, गौतमबुद्धनगर ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए दिनांक 11 जुलाई 2025 को पत्रांक /2963 के तहत तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति में शामिल हैं:
- डॉ. शुभा मित्तल – अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी
- डॉ. राहुल वर्मा – सर्जन
- डॉ. रवि राजे – सर्जन
इस समिति को घटनास्थल का दौरा कर मेडिकल दस्तावेज़ों की जांच करने और यह निर्धारित करने का निर्देश दिया गया है कि कहीं चिकित्सा स्तर पर घोर लापरवाही तो नहीं बरती गई।
18 जुलाई को होगी सुनवाई, दोनों पक्ष रखेंगे अपना पक्ष
सीएमओ कार्यालय ने दिनांक 15 जुलाई 2025 को पत्रांक /2962 जारी करते हुए शिकायतकर्ता एडवोकेट धीरेंद्र सिंह को आगामी 18 जुलाई 2025 को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, ग्रेटर नोएडा के कक्ष संख्या 802 में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
इस सुनवाई में यथार्थ हॉस्पिटल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों को भी बुलाया गया है, ताकि दोनों पक्षों को सुना जा सके और निष्पक्ष निर्णय लिया जा सके।

जिलाधिकारी व संयुक्त चिकित्सालय को भेजी गई रिपोर्ट
जांच के पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, गौतमबुद्ध नगर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला संयुक्त चिकित्सालय, नोएडा को भी भेजी गई है। यदि जांच में आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो डॉक्टरों व यथार्थ हॉस्पिटल के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
धीरेंद्र सिंह ने रफ्तार टुडे से क्या कहा?
“मुझे सिर्फ जवाब नहीं चाहिए, मुझे न्याय चाहिए। मेरी पत्नी के इलाज के नाम पर जिस तरह से लापरवाही बरती गई, उससे न सिर्फ हमें आर्थिक बल्कि मानसिक आघात भी पहुंचा। अब हम चाहते हैं कि इस पर सख्त कार्रवाई हो ताकि अन्य मरीजों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार न हो।”
स्वास्थ्य सेवा पर फिर उठे सवाल – कब आएगा जवाबदेही का वक्त?
यह मामला न केवल एक मरीज की तकलीफ का प्रतीक है बल्कि यह भी दर्शाता है कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही कितनी ज़रूरी है। यदि उच्चस्तरीय अस्पतालों से भी ऐसी शिकायतें आती हैं, तो आमजन की सुरक्षा और विश्वास पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ✅ यथार्थ हॉस्पिटल पर गंभीर चिकित्सा लापरवाही का आरोप
- ✅ शिकायतकर्ता: एडवोकेट धीरेंद्र सिंह, आम्रपाली ग्रैंड निवासी
- ✅ आरोपी डॉक्टर: डॉ. कमल लांबा, डॉ. हमीदा, डॉ. इकबाल
- ✅ 3 सदस्यीय जांच समिति गठित
- ✅ 18 जुलाई को दोनों पक्षों की सुनवाई तय
- ✅ दोष साबित होने पर होगी सख्त कार्रवाई
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🗞 रफ्तार टुडे इस गंभीर प्रकरण पर अपनी पैनी निगाह बनाए रखेगा। 18 जुलाई की सुनवाई के बाद जांच समिति की रिपोर्ट सामने आते ही हम आपको सबसे पहले अवगत कराएंगे।



