UP CM Yogi Meet MLA Dadri : किसानों की जमीन अधिग्रहण पॉलिसी से लेकर निजी स्कूलों की मनमानी फीस तक, विधायक तेजपाल नागर की लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी से अहम मुलाक़ात, दादरी के विकास को मिलेगी नई रफ़्तार, निजी स्कूलों की फीस पर अंकुश की माँग

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
दादरी विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों और युवाओं से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुँच गए हैं। लखनऊ में हुई विधायक तेजपाल नागर की मुलाक़ात ने न सिर्फ किसानों की जमीन अधिग्रहण पॉलिसी में बदलाव की उम्मीद को मज़बूत किया है, बल्कि निजी स्कूलों की मनमानी फीस से परेशान अभिभावकों के चेहरे पर भी नई रोशनी बिखेरी है। इस मुलाक़ात में विधायक ने दादरी क्षेत्र के लिए सरकारी स्कूल, डिग्री कॉलेज और अस्पताल की ज़रूरतों को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा।
किसानों की ज़मीन पर नया अध्याय लिखने की तैयारी
विधायक ने सबसे पहले किसानों के हित में जमीन अधिग्रहण नीति को बदलने की मांग रखी। उनका कहना है कि मौजूदा नीति किसानों को वास्तविक लाभ नहीं दे पा रही है। अधिग्रहण के बाद किसान न तो मुआवज़े से संतुष्ट होते हैं और न ही पुनर्वास व्यवस्था से।
तेजपाल नागर का साफ़ कहना था कि –
> “किसान इस देश की रीढ़ हैं। उनकी जमीन उनके परिवार का भविष्य है। यदि सरकार उसे विकास के लिए लेती है तो उन्हें उचित मुआवज़ा और सुरक्षित भविष्य का भरोसा मिलना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने भी इस विषय पर गंभीरता से चर्चा की और संकेत दिए कि निकट भविष्य में इस दिशा में बड़ा निर्णय हो सकता है।
निजी स्कूलों की फीस पर अंकुश की माँग
आज हर आम परिवार शिक्षा के बढ़ते बोझ से परेशान है। लखनऊ में विधायक ने यह मुद्दा भी मुखर होकर उठाया कि निजी स्कूलों की मनमानी फीस ने मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। किताबें, यूनिफॉर्म और विभिन्न गतिविधियों के नाम पर हो रही वसूली अब असहनीय हो चुकी है।
> “शिक्षा कोई व्यापार नहीं है। यह हर बच्चे का अधिकार है। सरकार को ऐसा कड़ा कानून बनाना चाहिए जिससे निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगे।” – तेजपाल नागर
मुख्यमंत्री योगी ने इस पर शिक्षा विभाग को जरूरी दिशा-निर्देश देने का भरोसा दिलाया।
दादरी के लिए अस्पताल और कॉलेज की ज़रूरत
विधायक ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि दादरी क्षेत्र में जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है लेकिन सरकारी सुविधाएँ उसके अनुपात में नहीं हैं। क्षेत्र में एक सरकारी अस्पताल की सख़्त ज़रूरत है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए एक सरकारी डिग्री कॉलेज और स्कूल खोले जाने चाहिए।
इन प्रस्तावों का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों को समान रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।
आधारभूत संरचना और युवाओं के मुद्दे भी उठे
मुलाक़ात में सड़क, बिजली, पानी और युवाओं के लिए रोजगार जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विधायक ने मांग की कि सड़क और ड्रेनेज की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए। बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
युवाओं के लिए रोजगार अवसर और स्किल डेवलपमेंट केंद्र स्थापित हों ताकि उन्हें बड़े शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं पर विधायक से सहमति जताई और सकारात्मक समाधान का आश्वासन दिया।
जनता की उम्मीदों को मिला सहारा
इस मुलाक़ात की खबर क्षेत्र में पहुंचते ही किसानों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली। दादरी क्षेत्र के किसानों ने कहा कि यदि जमीन अधिग्रहण पॉलिसी बदलती है तो उन्हें अपनी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा। वहीं, अभिभावकों का कहना है कि यदि निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगता है तो शिक्षा उनके बच्चों के लिए आसान हो जाएगी।
विधायक तेजपाल नागर ने मुलाक़ात को लेकर कहा –
> “मुख्यमंत्री जी की सकारात्मक सोच और त्वरित निर्णय लेने की कार्यशैली से दादरी ही नहीं, पूरा प्रदेश विकास की नई राह पर अग्रसर होगा।”
उत्तर प्रदेश विकास की नई राह पर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पहले ही कानून-व्यवस्था, निवेश और बुनियादी ढांचे में नए कीर्तिमान बना चुका है। अब यदि किसानों और शिक्षा से जुड़े इन अहम मुद्दों पर बड़े फैसले होते हैं तो यह प्रदेश के लिए ऐतिहासिक कदम होगा।



