Noida International Airport News : जेवर एयरपोर्ट पर हुआ वर्ल्ड क्लास ट्रायल ऑपरेशन, यात्रियों को मिलेगी ‘स्मार्ट’ सेवा, नोएडा के भविष्य की नई उड़ान!, ORAT ट्रायल – वर्ल्ड क्लास संचालन से पहले की सबसे बड़ी परीक्षा, पर्यावरण और ऊर्जा दक्षता पर भी खास ध्यान, कर्मचारियों ने खुद बने यात्री, किया हर प्रक्रिया का लाइव अभ्यास

जेवर, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport – NIA) पर शुक्रवार को हुआ वर्ल्ड क्लास ट्रायल ऑपरेशन अब चर्चा का विषय बना हुआ है। एयरपोर्ट के भव्य टर्मिनल से लेकर अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली तक, हर प्रक्रिया को यात्रियों की तरह मॉक एक्सरसाइज में आजमाया गया।
यह अभ्यास एयरपोर्ट संचालन शुरू होने से पहले की सबसे अहम कड़ी ORAT (Operational Readiness and Airport Transfer) के तहत किया गया, जिससे हर विभाग और सिस्टम की दक्षता की अंतिम जांच सुनिश्चित हो सके।
कर्मचारियों ने खुद बने यात्री, किया हर प्रक्रिया का लाइव अभ्यास
ट्रायल ऑपरेशन के दौरान एयरपोर्ट के कर्मचारी खुद यात्रियों की भूमिका में नजर आए। उन्होंने एयरपोर्ट में प्रवेश से लेकर स्मार्ट चेक-इन काउंटर, बोर्डिंग पास स्कैनिंग, सिक्योरिटी चेक, और एयरोब्रिज के माध्यम से विमान तक पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया का पालन किया।
सभी सिस्टम्स — बायोमेट्रिक एंट्री, फेस रिकग्निशन, लगेज स्कैनिंग मशीनें, और डिजिटल गाइड बोर्ड्स — को रियल टाइम में टेस्ट किया गया।
अभ्यास के दौरान कर्मचारियों ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी चरण यात्रियों के लिए भ्रम या देरी का कारण न बने। यह रिहर्सल आगामी हफ्तों में होने वाले दूसरे चरण के ट्रायल ऑपरेशन्स के लिए आधार तैयार करेगी।

ORAT ट्रायल – वर्ल्ड क्लास संचालन से पहले की सबसे बड़ी परीक्षा
ORAT ट्रायल किसी भी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है।
इस अभ्यास के तहत एयरपोर्ट की सुरक्षा, इमरजेंसी प्रतिक्रिया, यात्री प्रवाह, और बैगेज हैंडलिंग सिस्टम की क्षमता को परखा जाता है। जेवर एयरपोर्ट के लिए यह अभ्यास इसलिए भी खास था क्योंकि यहां अत्याधुनिक तकनीक आधारित स्मार्ट यात्री प्रबंधन प्रणाली (Smart Passenger Management System) को पहली बार एक साथ टेस्ट किया गया।
NIA के प्रवक्ता के अनुसार, “यह ट्रायल दर्शाता है कि एयरपोर्ट संचालन के लिए लगभग तैयार है। हमारा लक्ष्य है कि यात्रियों को शुरुआत से ही वर्ल्ड क्लास अनुभव मिले, जैसे दुबई, सिंगापुर या ज़्यूरिख एयरपोर्ट्स पर मिलता है।”
एक झलक ‘ग्लोबल स्टैंडर्ड’ अनुभव की
ट्रायल ऑपरेशन के दौरान एयरपोर्ट का माहौल किसी अंतरराष्ट्रीय हब से कम नहीं दिखा। चमकदार ग्लास टर्मिनल, विशाल एट्रियम, स्वचालित गेट, और स्मार्ट इनफॉर्मेशन स्क्रीन यात्रियों को एक फ्यूचरिस्टिक अनुभव देने को तैयार नजर आए।
वहीं एयरपोर्ट के कर्मचारियों की वर्दियां, यात्रियों के गाइड साइन और बैगेज ट्रॉली डिज़ाइन भी पूरी तरह ग्लोबल स्टाइल में तैयार किए गए हैं। प्रत्येक डिपार्चर जोन में ग्रीन एनर्जी पर आधारित एयर-कूलिंग सिस्टम लगाया गया है जो पर्यावरण के अनुकूल संचालन सुनिश्चित करेगा।

अधिकारियों ने किया हर सेक्शन का मूल्यांकन
एयरपोर्ट प्रबंधन टीम के वरिष्ठ अधिकारियों ने ट्रायल ऑपरेशन के दौरान टर्मिनल के सभी प्रमुख सेक्शन —
सिक्योरिटी चेक ज़ोन
इमीग्रेशन काउंटर
बैगेज कलेक्शन बेल्ट
फूड एंड बेवरेज कॉर्नरपर्यावरण और ऊर्जा दक्षता पर भी खास ध्यान
एयरब्रिज कनेक्शन पॉइंट —
का निरीक्षण किया और रिपोर्ट तैयार की।
अधिकारियों ने बताया कि हर सेक्शन ने टेस्टिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या नहीं मिली, जो इस बात का संकेत है कि एयरपोर्ट संचालन के लिए लगभग 100% तैयार है।
यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग
जेवर एयरपोर्ट का सबसे बड़ा आकर्षण इसका AI-आधारित ट्रैवल मैनेजमेंट सिस्टम है।
इस सिस्टम के जरिए एयरपोर्ट की हर गतिविधि — भीड़ प्रबंधन, बैगेज ट्रैकिंग, बोर्डिंग टाइम, और सिक्योरिटी अपडेट्स — रियल टाइम मॉनिटर की जा सकेंगी।
यात्रियों को अपने मोबाइल पर भी लाइव अपडेट्स मिलेंगे कि उनका गेट नंबर कौन-सा है और बैगेज बेल्ट कहां है।
एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि इस डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को “स्मार्ट एयरपोर्ट इंडिया” परियोजना के तहत विकसित किया गया है, जिससे जेवर देश का पहला पूरी तरह डिजिटली मॉनिटर एयरपोर्ट बनेगा।

पर्यावरण और ऊर्जा दक्षता पर भी खास ध्यान
जेवर एयरपोर्ट सिर्फ आधुनिकता का प्रतीक नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण भी बनेगा।
एयरपोर्ट की पूरी बिजली आपूर्ति ग्रीन एनर्जी (सोलर पावर) पर आधारित होगी।
साथ ही, रनवे के आसपास रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और स्मार्ट ड्रेनेज नेटवर्क तैयार किया गया है। इसके अलावा, टर्मिनल बिल्डिंग में इस्तेमाल हुई सामग्री भी इको-फ्रेंडली है, जिससे कार्बन उत्सर्जन न्यूनतम रहेगा।
संचालन की उलटी गिनती शुरू!
अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रायल ऑपरेशन एयरपोर्ट की तैयारी का 90% चरण पूरा होने का संकेत है। अब अगले कुछ हफ्तों में दूसरा और अंतिम ट्रायल होगा, जिसके बाद DGCA (Directorate General of Civil Aviation) और BCAS (Bureau of Civil Aviation Security) की अंतिम जांच की जाएगी।
सबकुछ योजना के अनुसार चला तो 15 नवंबर 2025 से जेवर एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानें शुरू हो जाएंगी।
यह एयरपोर्ट पहले चरण में 45 लाख यात्रियों की वार्षिक क्षमता के साथ कार्य करेगा, जबकि अंतिम चरण में यह संख्या 7 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगी।

स्थानीय लोगों में उत्साह, व्यापारियों को नई उम्मीद
जेवर और ग्रेटर नोएडा के आसपास के क्षेत्रों में इस ट्रायल ऑपरेशन के बाद जबरदस्त उत्साह देखा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि एयरपोर्ट शुरू होते ही क्षेत्र में रोजगार, होटल उद्योग, परिवहन और रियल एस्टेट को नई उड़ान मिलेगी। व्यापारियों का अनुमान है कि पहले ही साल में 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे।
नोएडा की नई पहचान बनने को तैयार ‘स्मार्ट एयरपोर्ट सिटी’
जेवर एयरपोर्ट पर हुआ यह सफल ट्रायल केवल एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास की नई पहचान है।
यह एयरपोर्ट भारत को वैश्विक एविएशन मानचित्र पर नई ऊंचाई देने जा रहा है।



