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Yamuna Authority News : जापान की कंपनियों की यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में दस्तक! — 900 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव, जेवर में हज़ारों को मिलेगा रोजगार, योगी सरकार की इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर लगा वैश्विक मुहर, हज़ारों लोगों को मिलेगा रोजगार, जेवर एयरपोर्ट बना विदेशी निवेश का चुंबक

जेवर, ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नक्शे पर तेजी से उभर रहे यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में अब जापानी कंपनियों का बड़ा निवेश होने जा रहा है। प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों और जेवर एयरपोर्ट के पास विकसित हो रहे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को देखते हुए जापान की दो दिग्गज कंपनियों – क्योवा लेदर क्लाथ और माइरा कॉरपोरेशन ने यहां 900 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की इच्छा जताई है।
दोनों कंपनियों ने प्राधिकरण से 10-10 एकड़ जमीन आवंटन की औपचारिक मांग भी की है। प्रस्ताव को लेकर प्राधिकरण अधिकारी उत्साहित हैं और बताया गया है कि शर्तें पूरी होते ही दोनों कंपनियों को जमीन का आवंटन जल्द किया जाएगा।

जापानी कंपनियों की निवेश रुचि से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बढ़ी रौनक

मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्देशन में प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों और दोनों कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक बेहद सकारात्मक रही।
बैठक में कंपनियों ने अपनी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने उत्पादन इकाई, रोजगार सृजन, पर्यावरण प्रबंधन और निर्यात संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
दोनों जापानी कंपनियां क्षेत्र की औद्योगिक इकाईयों के लिए बड़ा अवसर बन सकती हैं, क्योंकि उनका फोकस ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ा है — एक ऐसा क्षेत्र जो पहले से ही यमुना सिटी की औद्योगिक पहचान का मुख्य स्तंभ बन चुका है।

क्या बनाएंगी ये जापानी कंपनियां?

क्योवा लेदर क्लाथ कंपनी: यह कंपनी ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए आर्टिफिशियल लेदर सीट्स और इंटीरियर क्लाथ तैयार करती है।

माइरा कॉरपोरेशन: यह कंपनी फोर व्हीलर वाहनों के नट-बोल्ट, कंपोनेंट्स और अन्य मैकेनिकल पार्ट्स का निर्माण करती है।

दोनों कंपनियां जेवर एयरपोर्ट के पास औद्योगिक सेक्टरों में अपनी यूनिट स्थापित करने की योजना बना रही हैं। इन इकाइयों से न केवल उत्पादन होगा बल्कि सप्लाई चेन में दर्जनों छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।

हज़ारों लोगों को मिलेगा रोजगार

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में इन दो जापानी कंपनियों के निवेश से हज़ारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। इन कंपनियों के संचालन से स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, इंडस्ट्रियल स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
साथ ही, यह निवेश प्रदेश के ‘मेक इन यूपी’ और ‘मेक इन इंडिया’ मिशन को भी और गति देगा।

प्राधिकरण की सक्रिय भूमिका – भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू

प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि दोनों कंपनियों ने जो प्रस्ताव दिया है, उसके लिए सेक्टर और लोकेशन चयन का सर्वे शुरू कर दिया गया है।
10-10 एकड़ जमीन आवंटन के लिए भूमि उपयोग, कनेक्टिविटी, जल एवं बिजली आपूर्ति, तथा लॉजिस्टिक सपोर्ट जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि आवंटन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और कंपनियों को नियमित औद्योगिक दर पर भूमि दी जाएगी।

जेवर एयरपोर्ट बना विदेशी निवेश का चुंबक

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र का सबसे बड़ा आकर्षण है — नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर)।
एयरपोर्ट के निर्माण और इसके आसपास विकसित हो रहे लॉजिस्टिक पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब और टाउनशिप प्रोजेक्ट्स ने इस क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश के लिए सबसे हॉट डेस्टिनेशन बना दिया है। अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट के चालू होते ही यह क्षेत्र उत्तर भारत का नया इंडस्ट्रियल पॉवरहाउस बन जाएगा।

ग्रीन इंडस्ट्रियल जोन की दिशा में कदम

दोनों कंपनियों ने यमुना प्राधिकरण से यह भी आश्वासन दिया है कि उनकी यूनिट पूरी तरह ग्रीन और पर्यावरण-अनुकूल तकनीक पर आधारित होगी।
इसमें जीरो वेस्ट टेक्नोलॉजी, सोलर पैनल एनर्जी सिस्टम और वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
प्राधिकरण भी अपने सेक्टरों को ‘ग्रीन इंडस्ट्रियल जोन’ में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

अधिकारियों ने जताई खुशी

यमुना प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा “जापान की इन कंपनियों का निवेश प्रदेश के औद्योगिक माहौल में विश्वास का प्रतीक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेशक-हितैषी नीतियों और जेवर एयरपोर्ट के प्रभाव से यमुना क्षेत्र अब ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब बनता जा रहा है।”

यमुना प्राधिकरण में अब तक का औद्योगिक विकास

5000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित हो चुकी हैं।

1500 से अधिक निवेश प्रस्ताव अब तक स्वीकृत किए जा चुके हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, गारमेंट, फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे हैं।

जेवर एयरपोर्ट से क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी मिलने के बाद विदेशी कंपनियों की दिलचस्पी और बढ़ गई है।

आगे की प्रक्रिया

दोनों कंपनियों को अब यमुना प्राधिकरण की भूमि आवंटन समिति के समक्ष अपना विस्तृत निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। सभी मानकों की पूर्ति के बाद अगले चरण में भूमि आवंटन, पर्यावरणीय अनुमति और निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।
प्राधिकरण ने कहा है कि सभी प्रक्रियाएँ तेजी और पारदर्शिता से पूरी की जाएंगी, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।

जापानी कंपनियों का यह निवेश प्रस्ताव यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण औद्योगिक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह न केवल प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी खोलेगा।
जैसे-जैसे जेवर एयरपोर्ट और आसपास के औद्योगिक सेक्टर तैयार हो रहे हैं, वैसे-वैसे यह इलाका उत्तर भारत का अगला ‘इंडस्ट्रियल पॉवर सेंटर’ बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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