Breaking News : फीस वसूली में मनमानी पर जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन, स्पर्श ग्लोबल, विश्व भारती, एपीजे, रामाज्ञा समेत सात स्कूलों पर 7 लाख रुपये का जुर्माना, डीएम के निर्देशों की भी नहीं की गई थी पालना, 45 नोटिस के बाद भी नहीं सुधरे स्कूल
कार्रवाई की जद में आने वाले विद्यालयों में एपीजे स्कूल (सेक्टर-16, नोएडा), स्पर्श ग्लोबल स्कूल (एचएस-1, सेक्टर-20, ग्रेटर नोएडा वेस्ट), रामाज्ञा स्कूल (सेक्टर-50, नोएडा), विश्व भारती स्कूल (सेक्टर-28, नोएडा), श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल (गौर सिटी, ग्रेटर नोएडा वेस्ट), सेंट जॉन्स स्कूल (एचएस-01, सेक्टर-02, ग्रेटर नोएडा) तथा बाल भारती स्कूल शामिल हैं। प्रशासन ने सभी स्कूलों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी भी जारी की है।

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। गौतमबुद्ध नगर में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात प्रतिष्ठित स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जिला शुल्क नियामक समिति (DFRC) की बैठक में सामने आया कि कई निजी विद्यालयों ने शासन द्वारा निर्धारित सीमा 7.23 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाकर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला। शिकायतों और जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद समिति ने उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 7 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
कार्रवाई की जद में आने वाले विद्यालयों में एपीजे स्कूल (सेक्टर-16, नोएडा), स्पर्श ग्लोबल स्कूल (एचएस-1, सेक्टर-20, ग्रेटर नोएडा वेस्ट), रामाज्ञा स्कूल (सेक्टर-50, नोएडा), विश्व भारती स्कूल (सेक्टर-28, नोएडा), श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल (गौर सिटी, ग्रेटर नोएडा वेस्ट), सेंट जॉन्स स्कूल (एचएस-01, सेक्टर-02, ग्रेटर नोएडा) तथा बाल भारती स्कूल शामिल हैं। प्रशासन ने सभी स्कूलों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी भी जारी की है।
डीएम के निर्देशों की भी नहीं की गई थी पालना
जिला शुल्क नियामक समिति के अधिकारियों के अनुसार करीब दो माह पहले हुई बैठक में सभी निजी विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए फीस वृद्धि निर्धारित सीमा 7.23 प्रतिशत से अधिक नहीं की जाएगी। इसके बावजूद कई स्कूलों ने नियमों की अनदेखी करते हुए निर्धारित सीमा से अधिक फीस वसूलनी शुरू कर दी।
मंगलवार को आयोजित समिति की समीक्षा बैठक में शुल्क वृद्धि और उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 के अनुपालन की विस्तार से समीक्षा की गई। जांच में पाया गया कि छह विद्यालयों ने निर्धारित सीमा से अधिक फीस बढ़ाई, जबकि एक विद्यालय ने कम्पोजिट फीस के अतिरिक्त अलग से वार्षिक शुल्क (Annual Charge) भी वसूला, जो नियमों के विपरीत है।
45 नोटिस के बाद भी नहीं सुधरे स्कूल
जिला शुल्क नियामक समिति ने बताया कि इससे पहले नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए विभिन्न विद्यालयों को कुल 45 नोटिस जारी किए गए थे। इन नोटिसों में स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए थे कि निर्धारित सीमा से अधिक शुल्क वृद्धि तत्काल वापस ली जाए और शुल्क विनियमन अधिनियम का पालन किया जाए। इसके बावजूद सात विद्यालयों ने नियमों की अनदेखी जारी रखी। इसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए समिति ने संबंधित विद्यालयों पर आर्थिक दंड लगाने का निर्णय लिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में भी किसी विद्यालय द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उससे भी अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अभिभावकों को मिली बड़ी राहत
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को अभिभावकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। लंबे समय से कई अभिभावक निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने की शिकायत कर रहे थे। प्रशासन की इस कार्रवाई से ऐसे विद्यालयों को स्पष्ट संदेश गया है कि फीस वृद्धि केवल निर्धारित नियमों और अधिनियम के तहत ही की जा सकती है। अभिभावकों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन भविष्य में भी इसी तरह नियमित निगरानी करेगा, ताकि निजी स्कूल शिक्षा के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण न कर सकें।
नियमों के उल्लंघन पर होगी और कड़ी कार्रवाई
जिला शुल्क नियामक समिति ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता है। किसी भी विद्यालय को मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने या अतिरिक्त शुल्क वसूलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि किसी स्कूल द्वारा दोबारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके विरुद्ध अधिनियम के तहत और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि कोई विद्यालय निर्धारित नियमों के विपरीत फीस वृद्धि करता है या अतिरिक्त शुल्क वसूलता है, तो उसकी शिकायत जिला शुल्क नियामक समिति से करें। शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



