BJP Greater Noida News : “जब मासूम उम्र में भी नहीं डगमगाया धर्म का साहस”वीर बाल दिवस पर बिलासपुर में गूंजा शहादत का जयघोष, भाजपा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों को किया नमन

जेवर/बिलासपुर, रफ़्तार टूडे। इतिहास के पन्नों में दर्ज उन अमर गाथाओं को जब मंच से दोहराया गया, तो आंखें नम हो गईं और दिल गर्व से भर उठा। मौका था वीर बाल दिवस के आयोजन का, जहां भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने बिलासपुर स्थित प्रेमवती कुंजीलाल जैन सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर सिख इतिहास के उन स्वर्णिम बलिदानों को याद किया, जिन्होंने सनातन धर्म, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने कहा कि सिख गुरुओं का इतिहास त्याग, तपस्या और अद्भुत साहस से भरा हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से दसवें सिख गुरु, श्री गुरु गोविंद सिंह जी के दोनों साहिबजादों — बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह — के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में भी उन्होंने अत्याचारी मुगल शासन के सामने झुकने से इनकार कर दिया और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
उन्होंने भावुक स्वर में कहा, “जब बड़े-बड़े योद्धा अत्याचार के आगे झुक जाते हैं, तब इतिहास में कुछ ऐसे बाल वीर जन्म लेते हैं, जो ईंटों में जिंदा चुनवा दिए जाने के बावजूद भी अपने धर्म और आत्मसम्मान से समझौता नहीं करते। ऐसे वीर बालक केवल इतिहास नहीं, बल्कि भारत की आत्मा हैं।”
वीर बाल दिवस: नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का संकल्प
जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय इसलिए लिया है, ताकि देश की नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास को जाने और उन बलिदानों से प्रेरणा ले, जिनकी बदौलत आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि यह देश के बच्चों को साहस, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने का पर्व है। गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों की शहादत यह सिखाती है कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन विचार और हौसले अडिग होने चाहिए।
विद्यालय परिसर बना वीरता और देशभक्ति का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने वीर बालकों के जीवन पर आधारित नाट्य मंचन, कविताएं और देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया। विद्यालय परिसर में “बोले सो निहाल” और “वीर बालकों अमर रहें” जैसे नारों की गूंज सुनाई दी।
विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय गुप्ता ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के भीतर नैतिक मूल्यों, देशभक्ति और आत्मसम्मान की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी और उनके साहिबजादों का जीवन विद्यार्थियों के लिए जीवंत पाठशाला है।
गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर भाजपा के पूर्व जिला मंत्री वीरेन्द्र भाटी, ओमकार भाटी, कर्मवीर आर्य, हरेन्द्र सिंह, अनूप तायल, दिनेश भाटी, राजेश शर्मा, सचिन गोयल सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बिलासपुर कस्बे के गणमान्य नागरिकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने वीर बालकों के बलिदान को नमन करते हुए यह संकल्प लिया कि वे उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए धर्म, सत्य, राष्ट्र और मानवता की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
इतिहास से प्रेरणा, भविष्य के लिए संकल्प
वीर बाल दिवस का यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देने का माध्यम बना कि भारत की असली ताकत उसके संस्कार, त्याग और बलिदान की परंपरा में निहित है। गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों की अमर शहादत आज भी हर भारतीय को निडर, स्वाभिमानी और न्यायप्रिय बनने की प्रेरणा देती है।



