Breaking News : यमुना एक्सप्रेसवे के विकल्प की तैयारी तेज!, नोएडा सेक्टर-94 से ग्रेटर नोएडा तक बनेगा 31 किलोमीटर लंबा नया 8-लेन एक्सप्रेस-वे, तीन स्थानों पर मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर शुरू हुआ काम, नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ सतीश पाल ने कहा डीपीआर जल्द होगी तैयार, ग्रेटर नोएडा के चा्ई-4 तक जाएगा

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव को देखते हुए एक वैकल्पिक एक्सप्रेस-वे के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रस्तावित परियोजना को लेकर सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन, सिंचाई विभाग तथा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सतीश पाल द्वारा की गई। इस दौरान यमुना प्राधिकरण के एसीईओ राजेश कुमार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रबंधक रजत कुमार श्रीवास्तव, एनएचएआई के सलाहकार सरबजीत सिंह राणा, नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के महाप्रबंधक निशांत सहगल तथा सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार वर्मा भी मौजूद रहे। वहीं, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की महाप्रबंधक (नियोजन) लीनू सहगल और कंचन वर्मा ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।
नोएडा सेक्टर-94 से ग्रेटर नोएडा तक प्रस्तावित है नया मार्ग
बैठक में प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे के अलाइनमेंट (संरेखण) को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सलाहकार द्वारा जो प्रारंभिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है, उसके अनुसार यह नया एक्सप्रेस-वे नोएडा के सेक्टर-94 से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के ची-4 क्षेत्र तक जाएगा। प्रस्तावित मार्ग की कुल लंबाई लगभग 31 किलोमीटर होगी। इसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आठ लेन का विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि आने वाले वर्षों में बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को आसानी से संभाला जा सके।
तीन स्थानों पर मिलेगी ट्रैफिक कनेक्टिविटी
बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि इस नए एक्सप्रेस-वे को तीन प्रमुख स्थानों पर अन्य मार्गों से जोड़ा जाएगा, जिससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र के बीच यातायात और अधिक सुगम हो सके। इससे यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा और मौजूदा एक्सप्रेस-वे पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर शुरू हुआ काम
प्रस्तावित 8-लेन एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण का प्रारंभिक आकलन भी शुरू कर दिया गया है। संबंधित विभागों द्वारा यह निर्धारित किया जा रहा है कि परियोजना के लिए कितनी भूमि की आवश्यकता होगी और किस प्रकार इसका अधिग्रहण किया जाएगा।
डीपीआर जल्द होगी तैयार
बैठक के दौरान एनएचएआई के अधिकारियों ने जानकारी दी कि परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। डीपीआर तैयार होने के बाद इसे संबंधित विभागों और शासन स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
यमुना क्षेत्र और नोएडा-ग्रेटर नोएडा को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद इस पूरे क्षेत्र में यातायात का दबाव तेजी से बढ़ेगा। ऐसे में यह नया वैकल्पिक एक्सप्रेस-वे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
यदि यह महत्वाकांक्षी परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी होती है, तो आने वाले वर्षों में एनसीआर को एक और आधुनिक और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी कॉरिडोर मिल जाएगा, जिससे लाखों लोगों को सीधा लाभ पहुंचेगा।



