Trading Newsगौतमबुद्ध नगरग्रेटर नोएडाताजातरीनदिल्ली एनसीआरब्रेकिंग न्यूज़राजनीति

Paramount Builder News : “नेता-UPSIDA अधिकारी और बिल्डर मस्त, जनता त्रस्त!”, "बारिश आई तो Paramount Golf Foreste बना तालाब, CBRE की नाकामी और बिल्डर का अड़ियल रवैया, नेता-अधिकारी चैन की नींद में, निवासी पानी में परेशान", केवल मेंटेनेंस लेने पर अड़ा, सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं


ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
हाई-प्रोफाइल और लग्ज़री लाइफस्टाइल का दावा करने वाली पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसाइटी इन दिनों पानी-पानी है। भारी बारिश के बाद यहां की सड़कें, मास्टर लेन और ड्रेनेज सिस्टम सब जलमग्न हो गए हैं। मेंटेनेंस एजेंसी CBRE और बिल्डर पैरामाउंट ग्रुप के बीच जिम्मेदारी का पिंग-पोंग खेल चल रहा है, लेकिन पानी में डूब रहे निवासी पूछ रहे हैं — “हमारा कसूर क्या है?”

ग्रेटर नोएडा की हाई-प्रोफाइल सोसाइटी पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में भारी बारिश के बाद पानी भराव की समस्या ने एक बार फिर बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी CBRE की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रहवासी “नेता और अधिकारी मस्त, जनता त्रस्त” के नारे लगाते हुए सोशल मीडिया से लेकर ग्रुप चैट्स तक पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात में कोई सुधार नज़र नहीं आ रहा।


गंदे पानी से मास्टर लेन की हालत खस्ताहाल

निवासी प्रभु दयाल ने बताया कि मास्टर लेन में गंदा पानी जमा है। यह न सिर्फ बदबू फैलाता है बल्कि मच्छरों और बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रहा है। बारिश के बाद हालात इतने खराब हो जाते हैं कि लोगों को निकलने के लिए पैंट मोड़कर, कभी-कभी जूते-चप्पल हाथ में लेकर चलना पड़ता है।


WhatsApp के शेर और गुलामी की आदत का तंज

एडवोकेट कृतिका चौधरी ने तीखा कटाक्ष किया —

“जब बारिश होती है तो सब WhatsApp के शेर बन जाते हैं, लेकिन बाकी दिन टीवी देखकर डिनर कर सो जाते हैं। यही वजह है कि बिल्डर हम पर राज कर रहा है। वैसे भी हमको गुलामी की आदत है — कभी मुगलों की, कभी अंग्रेज़ों की।”

उन्होंने कहा कि AoA (Apartment Owners Association) का गठन जानबूझकर टाला जा रहा है, ताकि निवासियों के अधिकार बिल्डर के हाथ में ही रहें।


Heavy Engine पंप खरीदे, लेकिन नतीजा शून्य

CBRE मैनेजर रविंदर और धीर सिंह ने आश्वासन दिया था कि जलभराव से निपटने के लिए नए Heavy Engine पंप लगाए गए हैं, जिससे पानी जल्दी निकल जाएगा। लेकिन निवासी अशोक चौधरी का कहना है —

“ग्राउंड पर इसका कोई असर नजर नहीं आ रहा, उल्टा समस्या और बढ़ गई है।”


कंस्ट्रक्शन से बिगड़ा सीवेज सिस्टम

कई निवासियों का आरोप है कि एक्स्ट्रा कंस्ट्रक्शन के कारण वॉटर सीवेज चोक हो गए हैं। सवाल उठता है कि इसकी अनुमति किसने दी?
2020 से पहले तो घर में एक दरवाजा बदलने या बाहर से एक ईंट लाने पर भी रोक थी, लेकिन अब खुलेआम बड़े पैमाने पर निर्माण हो रहा है। निवासियों का कहना है कि यह सब भ्रष्ट पैरामाउंट टीम और ठेकेदारों की मिलीभगत से हो रहा है।


ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह जाम

निवासी विनोद पहलावत ने कहा —

“ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह जाम है। AoA कब बनेगी? अगर बिल्डर यहां कुंडली मार के बैठा है तो उसके जिम्मेदार हम खुद हैं।”

उनका सवाल है कि कौन सा बिल्डर पूरी सोसाइटी बिकने के बाद भी यहां बैठा रहता है? यह तभी मुमकिन है जब मेंटेनेंस कलेक्शन से उसे फायदा हो रहा हो।

JPEG 20250809 170307 6050137922698253489 converted
नेता-UPSIDA अधिकारी और बिल्डर मस्त, जनता त्रस्त!”, “बारिश आई तो Paramount Golf Foreste बना तालाब, CBRE की नाकामी और बिल्डर का अड़ियल रवैया

CBRE-जैसा नाम, लेकिन ग्राउंड पर नाकामी

एडवोकेट गौरव शर्मा ने कहा कि CBRE या JLL जैसी कंपनियां दुनिया भर में 5-स्टार होटल, मॉल और एयरपोर्ट मैनेज करती हैं, लेकिन यहां का मैनेजमेंट बिलकुल असफल साबित हो रहा है। उनका आरोप है कि असली पावर बिल्डर के बेटे और उसके पीए मुनेश के हाथ में है।

CBRE या JLL का नाम, लेकिन ग्राउंड पर हालत खराब

निवासियों का कहना है कि CBRE और JLL जैसे संगठनों की पहचान विश्व स्तरीय है, जो 5-स्टार होटल, मॉल और एयरपोर्ट मैनेज करते हैं, लेकिन यहां का मैनेजमेंट बिल्कुल नाकाम साबित हो रहा है। असली पावर बिल्डर के लोगों के पास है, जबकि मैनेजमेंट स्टाफ सिर्फ औपचारिकता निभा रहा है।


सुविधाएं बर्बाद, जिम और ग्रीन एरिया की हालत खराब

एक निवासी ने बताया कि बस स्टैंड के पीछे खुले जिम का क्षेत्र पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। घास उखड़ चुकी है, पेड़ ट्रैक्टर से हटाए गए हैं, और मलबा चारों तरफ फैला है। यह हालत देखने के बाद लग्ज़री सोसाइटी का सपना मज़ाक लगता है।


36 रोड पर नाव का तंज

“36 रोड हैं, हर रोड पर एक नाव दे दो” — निवासियों का तंज

निवासियों ने व्यंग्य करते हुए कहा —

“सोसाइटी में 36 रोड हैं, हर रोड पर एक नाव दे दो। कम से कम लोग पानी में फंसने के बजाय नाव से अंदर-बाहर जा सकेंगे।”

कुछ निवासियों ने हंसते हुए यह भी कहा कि नाव से जाते-जाते घर के लिए बीड़ी-सिगरेट भी ले आएंगे।


AOA गठन का इंतजार कब खत्म होगा?

रहवासियों का मानना है कि जब तक AOA नहीं बनती, बिल्डर का नियंत्रण बना रहेगा और मेंटेनेंस में पारदर्शिता नहीं आएगी। अब सवाल यह है कि बिल्डर, CBRE और जिम्मेदार अधिकारी कब जवाब देंगे और कब तक यह जलभराव और लापरवाही का सिलसिला जारी रहेगा।


हैशटैग्स

#ParamountGolfForeste #GreaterNoida #CBRE #ParamountBuilder #WaterLogging #DrainageFailure #AOADelay #MaintenanceScam #SocietyTroubles #NoidaNews #ResidentVoice #RWAFormation #RealEstateIssues #GreaterNoidaSociety #LuxuryLivingReality #RainWaterCrisis #CBREIndia #BuilderVsResidents #RaftarToday #SocietyManagement #DrainageCrisis #LuxuryHousingProblems #NoidaRain #ParamountIssues


🛑 Raftar Today व्हाट्सएप चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक को टच करें।
👉 Follow the Raftar Today channel on WhatsApp
📱 Twitter (X): Raftar Today (@raftartoday)


रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button