Breaking News : “गांव की तरक्की का ब्लूप्रिंट तैयार!”, 9 करोड़ के विकास कार्यों पर मुहर, डीजे पर सख्ती और श्मशान घाटों के आधुनिकीकरण का बड़ा फैसला, MLC श्री श्रीचंद शर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी रहे मौजूद

गौतमबुद्धनगर, रफ़्तार टूडे। गौतमबुद्धनगर में विकास की नई पटकथा लिखने की दिशा में जिला पंचायत की बजट बैठक ने अहम कदम बढ़ाया है। Gautam Buddh Nagar Zila Panchayat की सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में न केवल आगामी वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए बजट प्रस्तावों पर चर्चा हुई, बल्कि ग्रामीण विकास, सामाजिक व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने से जुड़े कई बड़े निर्णय भी लिए गए।
बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष Amit Chaudhary ने की, जबकि संचालन अपर मुख्य अधिकारी प्रियंका चतुर्वेदी द्वारा किया गया। बैठक में जनहित से जुड़े विषयों पर गंभीर और विस्तृत विमर्श हुआ।
9 करोड़ के विकास कार्यों की रूपरेखा, 15 करोड़ आय का लक्ष्य
आगामी वित्तीय वर्ष 2026–2027 के लिए लगभग 9.00 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। ये कार्य मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी, सामुदायिक भवन, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करने पर केंद्रित रहेंगे।
साथ ही, जिला पंचायत ने लगभग 15.00 करोड़ रुपये का आय लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अतिरिक्त पंचम वित्त आयोग से लगभग 3.40 करोड़ रुपये की संभावित धनराशि का अनुमान भी रखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन प्रस्तावों का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो गौतमबुद्धनगर के ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर आने वाले वर्षों में काफी बदली हुई नजर आ सकती है।
तेज डीजे पर सख्ती: ध्वनि प्रदूषण पर रोक की पहल
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में तेज ध्वनि में बजने वाले डीजे पर रोक लगाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह फैसला खासतौर पर बुजुर्गों, छात्रों और मरीजों को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
सदस्यों ने कहा कि अनियंत्रित ध्वनि प्रदूषण से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और सामाजिक असुविधा भी बढ़ती है। ऐसे में प्रशासनिक सख्ती और जागरूकता दोनों जरूरी हैं।
श्मशान घाटों पर शवदाह गृह निर्माण को प्राथमिकता
बैठक में ग्रामीण श्मशान घाटों पर शवदाह गृह निर्माण को प्राथमिकता देने पर भी सहमति बनी। यह निर्णय सामाजिक संवेदनशीलता और सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सदस्यों ने कहा कि कई गांवों में अभी भी व्यवस्थित ढांचा नहीं है, जिससे लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित निर्माण कार्यों से यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी।
समन्वित प्रयासों पर जोर
अध्यक्ष अमित चौधरी ने सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि “गौतमबुद्धनगर का समग्र विकास तभी संभव है, जब सभी विभाग और जनप्रतिनिधि मिलकर समन्वित प्रयास करें।”
बैठक में दादरी विधायक Tejpal Singh Nagar, विधान परिषद सदस्य Shrichand Sharma, जिला पंचायत सदस्य देवा भाटी, मोहिनी, जयवती देवी, सुनील भाटी सहित मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
विकास, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का संतुलन
इस बजट बैठक ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि जिला पंचायत केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाने के लिए ठोस कदम उठाने को तैयार है।
एक ओर जहां करोड़ों रुपये के विकास कार्यों को स्वीकृति मिली, वहीं सामाजिक अनुशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी गंभीरता दिखाई गई।
बैठक के अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से कार्यवाही समाप्त की गई। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रस्तावित योजनाएं कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतरती हैं।



