Greater Noida Authority News : ग्रेनो प्राधिकरण का सख्त एक्शन, इस सोसाइटी पर 54.32 लाख की पेनल्टी, एसटीपी बंद रखने और बिना ट्रीटमेंट सीवेज डिस्चार्ज पर कार्रवाई, एसटीपी दो साल से बंद, रोज निकल रहा 1.15 एमएलडी अशोधित सीवेज
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर सीवर विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर-16बी स्थित अजनारा होम्स (एपीवाई रियल्टी) पर कुल 54.32 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई है। यह कार्रवाई एसटीपी का संचालन न करने, बिना शोधित किए सीवेज डिस्चार्ज करने, भूजल के अवैध दोहन और सॉलिड वेस्ट के अनुचित निस्तारण को लेकर की गई है। साथ ही बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस कमिश्नर को पत्र भी भेजा गया है।
एसटीपी दो साल से बंद, रोज निकल रहा 1.15 एमएलडी अशोधित सीवेज
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर सीवर विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अभियान के अंतर्गत ग्रेनो और ग्रेनो वेस्ट की 202 बिल्डर सोसाइटियों को नोटिस जारी कर एसटीपी की क्षमता, संचालन और शोधित पानी के पुनः उपयोग को लेकर जवाब मांगा गया था।
अजनारा होम्स की ओर से कोई जवाब न मिलने और निवासियों की शिकायत के बाद, सीवर विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव के नेतृत्व में टीम ने सोसाइटी का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि एसटीपी पूरी तरह बंद है और पिछले करीब दो वर्षों से इसका संचालन नहीं हो रहा।
नाली चोक होने पर बेसमेंट में छोड़ा गया सीवेज
सोसाइटी में लगभग 2300 फ्लैट हैं, जिससे प्रतिदिन करीब 1.15 एमएलडी सीवेज निकलता है। यह सीवेज बिना किसी ट्रीटमेंट के नाली में छोड़ा जा रहा था। नाली की लाइन चोक होने पर सीवेज को बेसमेंट में भी डिस्चार्ज किया जाने लगा, जिससे निवासियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य और सुरक्षा संकट पैदा हो गया। यह स्थिति एनजीटी, सीपीसीबी और यूपीपीसीबी के नियमों का सीधा उल्लंघन पाई गई।
भूजल दोहन और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि सोसाइटी में पेड़-पौधों की सिंचाई के लिए भूजल का अवैध दोहन किया जा रहा है, जो पर्यावरणीय मानकों के खिलाफ है। इन सभी गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए सीवर विभाग की ओर से 50 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई।
कचरा प्रबंधन में लापरवाही पर अलग से जुर्माना
वहीं, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग ने सोसाइटी से निकलने वाले कचरे का उचित प्रबंधन न करने पर 4.32 लाख रुपये की अतिरिक्त पेनल्टी लगाई। इस तरह अजनारा होम्स पर कुल 54.32 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
7 कार्यदिवस में जुर्माना जमा करने के निर्देश
प्राधिकरण ने बिल्डर को 7 कार्यदिवस के भीतर जुर्माने की पूरी रकम ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एसटीपी को तत्काल चालू करने, शोधित सीवेज का उपयोग सिंचाई, फ्लशिंग और अन्य गैर-पीने योग्य कार्यों में करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
एफआईआर और लीज निरस्तीकरण की चेतावनी
प्राधिकरण ने बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को पत्र भेजते हुए स्पष्ट किया है कि दोबारा ऐसी गलती पाए जाने पर लीज की शर्तों के तहत और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण की अपील
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने सभी बिल्डर सोसाइटियों से अपील की है कि वे सीवेज को एसटीपी से शोधित कर ही बाहर छोड़ें और शोधित पानी का उपयोग हरित क्षेत्रों व सिंचाई कार्यों में सुनिश्चित करें, ताकि पर्यावरण संतुलन और जनस्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।



