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Dadri News : “कोट गांव के बच्चों की किस्मत चमकाने उतरा अवादा फाउंडेशन!, जर्जर स्कूल को नए रूप में ढालने का उठा ‘बड़ा संकल्प’, MOU साइन होते ही पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर!”, अवादा फाउंडेशन—सिर्फ CSR नहीं, समाज बदलाव की रफ्तार

नोएडा/दादरी, रफ़्तार टूडे। दादरी के कोट गांव के लिए 27 नवंबर 2025 का दिन इतिहास में दर्ज होने वाला है। जिस स्कूल ने वर्षों से जर्जर कमरों, टूटी दीवारों और कमजोर आधारभूत सुविधाओं के बीच सैकड़ों बच्चों को शिक्षा दी, वही स्कूल अब नया अवतार लेने जा रहा है। और इस बदलाव की कमान संभाली है—अवादा फाउंडेशन ने।

कोट गांव का श्री जवाहर हाई स्कूल आने वाले महीनों में शिक्षा, सुरक्षा और स्वच्छता के नए मानक स्थापित करने जा रहा है, क्योंकि आज अवादा फाउंडेशन और विद्यालय प्रबंधन समिति के बीच बड़े स्तर पर स्कूल नवीनीकरण का MOU साइन हुआ है। इस MOU के साथ न सिर्फ कागज़ पर, बल्कि बच्चों के भविष्य में एक नई उम्मीद की इमारत खड़ी हो चुकी है।

स्कूल नहीं, सपनों का घर बनने जा रहा है—अवादा फाउंडेशन की ‘बड़ी भेंट’

कोट गांव और दादरी क्षेत्र में वर्षों से स्कूलों के आधारभूत सुधार की मांग उठती रही है। जर्जर कमरों में पढ़ते बच्चे कई बार सुरक्षा जोखिमों का सामना करते थे। ऐसे माहौल में पढ़ाई का बोझ बच्चों की समझ से ज़्यादा उनकी हिम्मत पर था।

लेकिन आज इस “कठिन वास्तविकता” को बदलने की नींव रख दी गई। अवादा फाउंडेशन ने ऐलान किया है कि अब यह स्कूल सिर्फ स्कूल नहीं रहेगा—
बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस, सुरक्षित और प्रेरणादायक संस्था बनेगा।

नवीनीकरण के तहत होने जा रहे प्रमुख कार्य—बच्चों के लिए बनाए जाएंगे ‘नए मानदंड’

परियोजना के पहले चरण में अवादा फाउंडेशन जिन बड़े बदलावों को लागू कर रहा है, वे इस प्रकार हैं— 1. स्कूल की 6 जर्जर कक्षाओं का पूर्ण पुनर्निर्माण

अब बच्चे टूटे छतों और कमजोर दीवारों के नीचे पढ़ाई नहीं करेंगे।हर कक्षा को आधुनिक, सुरक्षित और हवादार ढांचे में बदला जाएगा।

2. आधुनिक और स्वच्छ टॉयलेट ब्लॉक का निर्माण

स्वच्छता की कमी स्कूलों में सबसे बड़ी समस्या होती है लड़कियों व लड़कों के लिए अलग-अलग, आधुनिक और हाइजीनिक टॉयलेट ब्लॉक तैयार होंगे।

3. पीने के पानी की सुरक्षित व्यवस्था — नया वाटर स्टेशन

गंदे पानी से होने वाली बीमारियों से लड़ने के लिए
RO आधारित आधुनिक पीने का पानी स्टेशन स्थापित किया जाएगा।

4. पूरे स्कूल परिसर का रंगरोगन व सौंदर्यीकरण

बच्चों की मानसिकता पर वातावरण का गहरा प्रभाव पड़ता है। स्कूल की दीवारें नई कलात्मक पहचान लेंगी, परिसर सुंदर, हराभरा और प्रेरणादायक बनाया जाएगा।

इन सभी कामों से यह स्कूल ग्रामीण क्षेत्र के मॉडल स्कूल के रूप में उभर सकता है।

MOU साइनिंग सेरेमनी — कोट गांव में रचा गया ‘उज्ज्वल भविष्य’ का इतिहास

MOU पर हस्ताक्षर अवादा फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती ऋतू पटवारी और विद्यालय कमेटी के सदस्यों के बीच हुए।
इस दौरान माहौल पूरी तरह उत्साह और उम्मीद से भरा था।

उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ, प्रबंधक अतरपाल सिंह, प्रो. सुनील शर्मा, चौधरी फोटू सिंह, ओमप्रकाश नेता जी, श्यौराज सिंह, अजब सिंह प्रधान, सोनू प्रधान, कैलाश भड़ाना, CSR मैनेजर महेश कुमार माथुर स्थानीय ग्रामीणों की भी अच्छी-खासी भीड़ उपस्थित रही, जो अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की इस पहल को देखने पहुंची थी।

श्रीमती ऋतू पटवारी का संदेश — “यह स्कूल नहीं, बदलाव की पहली ईंट है”

MOU साइनिंग के दौरान अवादा फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती ऋतू पटवारी ने कहा “समाज की वास्तविक प्रगति उसकी आने वाली पीढ़ी की शिक्षा पर निर्भर करती है। यह केवल भवनों का नवीनीकरण नहीं, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास और सपनों में नई रोशनी भरने का प्रयास है। हम चाहते हैं कि हर बच्चा सुरक्षित, सुंदर और प्रेरणादायक माहौल में शिक्षा प्राप्त करे।”

उनके इस बयान ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया। क्योंकि यह बात सालों से ग्रामीण क्षेत्र के स्कूली ढांचों पर प्रश्न खड़े करती रही है।

अवादा फाउंडेशन—सिर्फ CSR नहीं, समाज बदलाव की रफ्तार

अवादा फाउंडेशन ने पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शिक्षा सुधार के सराहनीय कार्य किए हैं। यह संस्था केवल नाम भर का CSR नहीं चलाती, बल्कि वास्तविक जमीन पर बदलाव लाती है।

प्रदेश में अवादा के प्रमुख शिक्षा प्रोजेक्ट—

मथुरा के तीन सरकारी विद्यालयों का जीर्णोद्धार

स्पोकन इंग्लिश व कंप्यूटर शिक्षा कार्यक्रम

वाराणसी के PM द्वारा गोद लिए जयापुर गाँव में कोचिंग सेंटर
कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र
छात्रवृत्ति कार्यक्रम

इन सभी प्रयासों ने हजारों बच्चों के जीवन में नई संभावनाएँ पैदा की हैं।

कोट गांव के बच्चों के लिए यह बदलाव क्यों है ‘Game Changer’?

सुरक्षित कक्षाओं में पढ़ाई
आधुनिक टॉयलेट से लड़कियों की उपस्थिति बढ़ेगी
स्वच्छ पानी से स्वास्थ्य जोखिम कम होंगे
सुंदर परिसर से सीखने की रुचि बढ़ेगी
शिक्षा स्तर में स्वतः सुधार आएगा

ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल भवनों की स्थिति अक्सर शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। ऐसे में यह प्रोजेक्ट दादरी क्षेत्र में शिक्षा सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

महज एक MOU नहीं—यह बच्चों की जिंदगी बदलने की घोषणा है!

जब एक संस्था अपने संसाधन समाज के स्कूलों के लिए समर्पित करती है, तब यह सिर्फ CSR नहीं, बल्कि भविष्य में निवेश होता है।
कोट गांव के बच्चों की आँखों में आज उम्मीद की चमक थी—
क्योंकि उनका स्कूल अब सिर्फ ईंट और दीवार नहीं, बल्कि नई उम्मीदों की प्रयोगशाला बनने वाला है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
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