Noida MP News : “सुशासन, संस्कार और खेल का संगम”अटल जी की शताब्दी जयंती पर सांसद खेल महोत्सव बना युवाओं के सपनों का मंच, ‘खेलेगा इंडिया–बढ़ेगा इंडिया’ का दिखा जीवंत स्वरूप, अटल जी को श्रद्धांजलि, युवाओं को प्रेरणा, प्रधानमंत्री मोदी का विजन खेल से राष्ट्र निर्माण

नोएडा, रफ़्तार टूडे। भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की शताब्दी जयंती और सुशासन दिवस के पावन अवसर पर आयोजित सांसद खेल महोत्सव का समापन समारोह आज नोएडा में भव्य, गरिमामय और प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं के उत्साह का प्रतीक बना, बल्कि अटल जी के सुशासन, राष्ट्र निर्माण और युवा सशक्तिकरण के विचारों को समर्पित एक जीवंत श्रद्धांजलि भी सिद्ध हुआ।
इस ऐतिहासिक आयोजन में माननीय सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, माननीय एमएलसी श्री मोहित बेनीवाल, माननीय विधायक श्री तेजपाल नागर, श्रीमती विमला बाथम, श्री श्रीचंद शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, खिलाड़ी, युवा और खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और उनके प्रेरक संकल्प “खेलेगा इंडिया, तो बढ़ेगा इंडिया” को साकार करने की दिशा में किया गया।
अटल जी को श्रद्धांजलि, युवाओं को प्रेरणा
समापन समारोह को संबोधित करते हुए माननीय सांसद डॉ. महेश शर्मा ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की शताब्दी जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि अटल जी का संपूर्ण जीवन सुशासन, राष्ट्रहित और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव उसी विचारधारा को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम है, जिसमें खेल को केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार माना गया है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सांसद खेल महोत्सव का प्रथम चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है और अब द्वितीय चरण की विधिवत शुरुआत कर दी गई है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के फिट इंडिया और स्वस्थ भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए अधिक से अधिक भागीदारी करें।
प्रधानमंत्री मोदी का विजन: खेल से राष्ट्र निर्माण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संदेश और विजन को साझा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज का भारत खेलों को केवल मनोरंजन या प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें अनुशासन, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम मानता है। बीते वर्षों में भारत ने ओलंपिक और पैरा ओलंपिक में रिकॉर्ड पदक, एशियन गेम्स में ऐतिहासिक सफलता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों की पहचान के जरिए यह साबित कर दिया है कि भारतीय खेल संस्कृति एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है।
युवाओं में जोश, मैदान में जुनून
सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत गौतम बुद्ध नगर से खिलाड़ियों का रिकॉर्ड स्तर पर सामूहिक पंजीकरण हुआ। युवाओं ने पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया। प्रमुख खेलों में वॉलीबॉल, फुटबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स और पैरा स्पोर्ट्स शामिल रहे। खिलाड़ियों का जोश और दर्शकों की तालियों ने पूरे आयोजन को उत्सव का रूप दे दिया।
यह भागीदारी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आज का युवा खेलों को केवल शौक नहीं, बल्कि करियर, सम्मान और राष्ट्रसेवा के अवसर के रूप में देख रहा है।
अटल जी की पंक्तियों ने बढ़ाया उत्साह
माननीय एमएलसी श्री मोहित बेनीवाल ने अपने संबोधन में अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रेरक पंक्तियाँ साझा कीं, जिन्हें सुनकर उपस्थित युवा भावुक और प्रेरित नजर आए। उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक है और खेल महोत्सव जैसे आयोजन उनके विचारों को जमीन पर उतारने का कार्य कर रहे हैं।
आभार और एकजुटता का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों द्वारा सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, सहयोगी संस्थाओं और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष श्री महेश चौहान, जिलाध्यक्ष गौतम बुद्ध नगर श्री अभिषेक शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री मनोज गुप्ता, एनईए अध्यक्ष श्री विपिन मल्हन, सांसद खेल महोत्सव के कार्यक्रम संयोजक श्री संजय बाली, सह संयोजक श्री राज नागर सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
खेल, सुशासन और आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
कुल मिलाकर सांसद खेल महोत्सव का यह समापन समारोह सुशासन दिवस और अटल जी की शताब्दी जयंती को समर्पित एक यादगार आयोजन बन गया। यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच देने में सफल रहा, बल्कि युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दे गया।
अटल जी के विचार, मोदी जी का विजन और युवाओं का जोश—तीनों के संगम ने यह संदेश साफ कर दिया कि जब युवा मैदान में उतरता है, तब राष्ट्र मजबूती से आगे बढ़ता है।



