IEC College News : ज्ञान संस्कारम 2025 आईईसी कॉलेज का भव्य ओरिएंटेशन, जहां छात्रों को मिली नई प्रेरणा, करियर की दिशा और जीवन के संस्कार, करियर गाइडेंस छात्रों को मिला 40 साल का रोडमैप

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
शिक्षा की दुनिया में हर साल नई शुरुआत होती है, लेकिन इस बार नॉलेज पार्क स्थित आईईसी समूह ने अपने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को वाकई यादगार बना दिया। इंजीनियरिंग, फार्मेसी, बीबीए, बीसीए, एमसीए, बी.ए. और मैनेजमेंट जैसे विभिन्न कोर्सों में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए कॉलेज ने आयोजित किया दो दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम “ज्ञान संस्कारम 2025”, जिसने नए छात्रों और उनके अभिभावकों को न केवल संस्थान के वातावरण से परिचित कराया बल्कि भविष्य की ऊँचाइयों तक पहुँचने की राह भी दिखाई।
परंपरा और आधुनिकता का संगम: दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
ओरिएंटेशन का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जो भारतीय परंपरा में ज्ञान और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर संस्थान के शीर्ष अधिकारी एवं शिक्षाविद मौजूद रहे—
सीएफओ अभिजीत कुमार
एग्जीक्यूटिव निदेशक प्रो. सुनील कुमार
निदेशक प्रो. विनय गुप्ता
फार्मेसी निदेशक प्रो. भानु प्रताप सागर
चीफ प्रोक्टर डॉ. डी.पी. सिंह
डीन छात्र कल्याण प्रो. नेमपाल सिंह
डीन एकेडमिक्स प्रो. विभूति शरण
रजिस्ट्रार प्रो. विपिन कुशवाहा
प्रो. शक्ति प्रकाश समेत विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष।
इन सभी ने छात्रों का उत्साहवर्धन किया और उनके सुनहरे भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
पहले दिन दिग्गजों का मार्गदर्शन: “युवा ही देश का भविष्य”
ओरिएंटेशन के पहले दिन मंच पर मौजूद थे गौतमबुद्धनगर के सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर श्री जय सिंह और विशिष्ट अतिथि डॉ. पीयूष खरे, जो फ्रेयर ग्लोबल रेगुलेटरी सॉल्यूशन एंड सर्विसेज में वरिष्ठ प्रबंधक हैं।
इन अतिथियों ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत तेज़ी से विकास की ओर बढ़ रहा है और आने वाले समय में युवाओं के लिए रोजगार व उद्यमिता के अनगिनत अवसर मौजूद होंगे।
उन्होंने जोर देकर कहा कि –
👉 “युवाओं को नई तकनीक और उभरते क्षेत्रों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, फार्मास्यूटिकल इनोवेशन और डिजिटल मैनेजमेंट का ज्ञान प्राप्त करना चाहिए, तभी वे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना पाएंगे।”
दूसरे दिन जोश और जज्बे की बात: मोटिवेशनल स्पीकर की सीख
ओरिएंटेशन के दूसरे दिन का आकर्षण रहे मोटिवेशनल स्पीकर गोविंद मिश्रा, जिन्होंने छात्रों के भीतर छिपे सपनों को जागृत किया।
उन्होंने कहा—
👉 “जीवन में कठिनाईयाँ आएंगी, लेकिन वही छात्र आगे बढ़ेंगे जो हार मानने के बजाय हर चुनौती को अवसर में बदलेंगे। आज मेहनत करोगे तो कल तुम्हारी पहचान पूरी दुनिया करेगी।”
छात्रों ने मिश्रा के प्रेरक शब्दों को बेहद ध्यान से सुना और उन्हें अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
करियर गाइडेंस: छात्रों को मिला 40 साल का रोडमैप
संस्थान के प्लेसमेंट अधिकारी प्रो. शरद माहेश्वरी ने छात्रों को समझाया कि अभी की मेहनत ही आने वाले 40 साल के करियर की नींव रखती है।
उन्होंने कहा कि –
👉 “पढ़ाई के दौरान सही दिशा और अनुशासन अपनाने वाले छात्र न केवल नौकरी पाएंगे बल्कि अपना करियर देश और समाज की प्रगति में योगदान देने वाला बना पाएंगे।”
इसके अलावा उन्होंने छात्रों को करियर विकल्प, इंडस्ट्री की जरूरतों और आगामी वर्षों में रोजगार के नए अवसरों की जानकारी दी।
नियम, अनुशासन और संस्थान की परंपरा से परिचय
नवप्रवेशी छात्रों को संस्थान के नियमों से अवगत कराने की ज़िम्मेदारी निभाई मुख्य डीन प्रो. विभूति शरण ने।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुशासन, व्यवहार और मूल्य भी उतने ही ज़रूरी हैं। यदि छात्र इन मूल्यों को अपनाते हैं तो वे न सिर्फ एक सफल पेशेवर बनेंगे बल्कि एक अच्छे नागरिक भी साबित होंगे।
छात्रों और अभिभावकों का उत्साह चरम पर
ओरिएंटेशन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक शामिल हुए। हॉल खचाखच भरा हुआ था और हर कोई नए शैक्षणिक सफर की शुरुआत को लेकर उत्साहित दिखा।
छात्रों ने न केवल शिक्षकों और मेहमानों की बातें सुनीं बल्कि अपने सवाल भी पूछे, जिनके संतोषजनक जवाब उन्हें मिले। अभिभावक भी बच्चों के भविष्य को लेकर संस्थान की योजनाओं और दृष्टिकोण से प्रभावित दिखाई दिए।
शिक्षा और संस्कार का संगम
आईईसी कॉलेज का यह कार्यक्रम छात्रों के लिए एक शानदार शुरुआत साबित हुआ। यह न सिर्फ़ ज्ञान का आदान-प्रदान था बल्कि एक ऐसा अवसर भी रहा, जहां छात्रों ने संस्कार, अनुशासन और मेहनत को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
निस्संदेह, “ज्ञान संस्कारम 2025” ने छात्रों के मन में आत्मविश्वास और भविष्य के लिए नई ऊर्जा का संचार किया।



