DPS School News : डीपीएस नॉलेज पार्क V के नवोन्मेषी छात्रों की विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 में शानदार भागीदारी — नवाचार, तकनीक और ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ का अद्भुत संगम, ऑटोमेटेड इंडोर फार्मिंग — खेती को स्मार्ट और टिकाऊ बनाने की दिशा में प्रेरक प्रयोग

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे। दिल्ली पब्लिक स्कूल, नॉलेज पार्क V के होनहार छात्रों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारत का भविष्य न सिर्फ उज्ज्वल है, बल्कि नवाचार और तकनीक के बल पर आत्मनिर्भर भी है। डीपीएस मथुरा रोड में आयोजित “विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025” में इन छात्रों की भागीदारी ने पूरे जिले का मान बढ़ाया। विद्यार्थियों ने यहां अपने सृजनात्मक विचारों, वैज्ञानिक सोच और तकनीकी निपुणता से न केवल दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित की।
नवाचार की नई उड़ान — तीन शानदार प्रोजेक्ट्स से जगमगाया मंच
इस प्रतियोगिता में डीपीएस नॉलेज पार्क V की टीम ने तीन अभिनव प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए —
रिजेनरेटिव आर्किटेक्चर (Regenerative Architecture)
ऑटोमेटेड इंडोर फार्मिंग (Automated Indoor Farming)
इकोसिटिजन वेबसाइट (EcoCitizen Website)
इन सभी प्रोजेक्ट्स ने सतत विकास (Sustainable Development), स्मार्ट तकनीक और हरित जीवनशैली के नए आयाम प्रस्तुत किए।
जहां ‘रिजेनरेटिव आर्किटेक्चर’ ने पर्यावरण अनुकूल इमारतों के डिजाइन पर फोकस किया, वहीं ‘ऑटोमेटेड इंडोर फार्मिंग’ ने स्मार्ट खेती की दिशा में एक क्रांतिकारी समाधान पेश किया। इसके साथ ही ‘इकोसिटिजन वेबसाइट’ ने नागरिकों को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के लिए डिजिटल रूप से जोड़ने की दिशा में नया कदम बढ़ाया।
ऑटोमेटेड इंडोर फार्मिंग — खेती को स्मार्ट और टिकाऊ बनाने की दिशा में प्रेरक प्रयोग
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण वह रहा जब “ऑटोमेटेड इंडोर फार्मिंग” प्रोजेक्ट टीम को माननीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह के समक्ष प्रस्तुति देने का अवसर मिला।
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य पारंपरिक खेती को तकनीकी उपकरणों के माध्यम से आधुनिक, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाना है। यह प्रणाली सेंसरों और ऑटोमेशन तकनीक की मदद से प्रकाश, तापमान, आर्द्रता और सिंचाई का सटीक नियंत्रण करती है।
इससे न केवल फसलों की उत्पादकता बढ़ती है बल्कि जल और ऊर्जा की भी बचत होती है — जो कि ‘विकसित भारत’ के हरित विजन से पूरी तरह मेल खाता है।
रिजेनरेटिव आर्किटेक्चर — पर्यावरण के साथ तालमेल बिठाती निर्माण कला
“रिजेनरेटिव आर्किटेक्चर” टीम का कार्य विशेष रूप से सराहा गया। इस प्रोजेक्ट का विचार यह था कि इमारतें सिर्फ टिकाऊ न हों बल्कि अपने आसपास के पर्यावरण को पुनर्जीवित भी करें।
टीम ने प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों का उपयोग, अपशिष्ट पुनर्चक्रण (waste recycling), और ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे पहलुओं को शानदार ढंग से प्रस्तुत किया। यही कारण था कि ऑल इंडिया रेडियो (AIR) और डीडी न्यूज़ ने इस टीम का विशेष इंटरव्यू प्रसारित किया।
इकोसिटिजन वेबसाइट — डिजिटल प्लेटफॉर्म से पर्यावरण संरक्षण की पहल
तीसरा प्रोजेक्ट “इकोसिटिजन वेबसाइट” नागरिकों को पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करने वाला था। इस वेबसाइट के जरिए नागरिक अपने शहर की हरित पहल (green initiatives), कचरा प्रबंधन (waste management) और ऊर्जा बचत अभियानों से जुड़ सकते हैं। यह विचार छात्रों की डिजिटल जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों का बेहतरीन उदाहरण रहा।
शिक्षा और तकनीक का अद्भुत संगम — प्रेरणा का मंच बना बिल्डाथॉन
“विकसित भारत बिल्डाथॉन” न सिर्फ एक तकनीकी प्रतियोगिता थी बल्कि एक ऐसा मंच था जिसने विद्यार्थियों को नवाचार, संवाद और सहयोग की दिशा में प्रेरित किया। डीपीएस नॉलेज पार्क V के छात्रों ने यहां अपनी टीमवर्क क्षमता, नेतृत्व कौशल और समस्या समाधान दृष्टिकोण का शानदार प्रदर्शन किया।
विद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि को छात्रों के कठिन परिश्रम और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम बताया।
विद्यालय की प्रिंसिपल ने कहा “हमारे छात्रों ने यह साबित किया है कि यदि दिशा सही हो और उद्देश्य स्पष्ट, तो हर विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। यह मंच उनके आत्मविश्वास और नवाचार क्षमता को और ऊंचाई देगा।”
भविष्य की दिशा — आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त भारत का सपना
कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह मंच उनके लिए सीखने और बढ़ने का एक अनमोल अवसर रहा।
उन्होंने बताया कि बिल्डाथॉन ने उन्हें सिखाया कि कैसे तकनीक के माध्यम से सामाजिक और पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
इस आयोजन ने छात्रों के भीतर “Innovation for Nation” की भावना को और मजबूत किया। डीपीएस नॉलेज पार्क V के इन युवा नवप्रवर्तकों ने सचमुच यह संदेश दिया कि आने वाला भारत न सिर्फ डिजिटल होगा, बल्कि हरित और समावेशी भी होगा।
मुख्य संदेश:
सतत विकास और हरित तकनीक का बेहतरीन उदाहरण बने डीपीएस के प्रोजेक्ट्स
छात्रों की नवाचार क्षमता ने किया ग्रेटर नोएडा का नाम रोशन
शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यार्थियों के परिश्रम का अद्भुत संगम
विकसित भारत की दिशा में नई पीढ़ी की मजबूत भागीदारी



