Trading Newsअथॉरिटीताजातरीनन्यू नोएडा

New Noida Authority News : न्यू नोएडा की नींव रखने की तैयारी तेज़!, 80 गांवों की ज़मीन खरीदेगा प्राधिकरण, किसानों के लिए ‘डायरेक्ट डील’ मॉडल, NCR के नक्शे पर उभरेगा नया शहर, सीएम तक पहुंचा पूरा प्रस्ताव, न्यू नोएडा के लिए फील्ड ऑफिस की तैयारी

न्यू नोएडा, रफ़्तार टूडे। दिल्ली-एनसीआर के भविष्य को नई दिशा देने वाली न्यू नोएडा सिटी योजना अब काग़ज़ों से निकलकर ज़मीन पर उतरने की दहलीज़ पर खड़ी दिख रही है। नोएडा–ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर से सटे दादरी और बुलंदशहर क्षेत्र के करीब 80 गांवों में नए शहर की आधारशिला रखने के लिए प्राधिकरण ने बड़ी रणनीति तैयार कर ली है। इस रणनीति का केंद्र बिंदु है—सीधी खरीद (Direct Purchase) मॉडल, जिसके तहत किसानों से उनकी ज़मीन सीधे खरीदी जाएगी, बिना किसी ज़बरन अधिग्रहण के।प्राधिकरण ने किसानों से ज़मीन खरीदने के लिए ₹5600 प्रति वर्ग मीटर की प्रस्तावित दर तय कर सरकार को मंज़ूरी के लिए भेज दी है। जैसे ही सरकार की हरी झंडी मिलेगी, न्यू नोएडा को आकार देने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी। यह कदम न केवल शहरी विस्तार की दिशा में अहम है, बल्कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी विकास मॉडल का उदाहरण भी माना जा रहा है।

क्यों ज़रूरी हो गया है न्यू नोएडा?

नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहले ही आईटी, रियल एस्टेट, एजुकेशन और इंडस्ट्रियल हब के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। आने वाले समय में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, लॉजिस्टिक हब, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और तेज़ी से बढ़ते कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के चलते इस पूरे क्षेत्र पर आबादी और ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ने वाला है।इसी दबाव को संतुलित करने और संगठित शहरी विकास के लिए न्यू नोएडा को एक स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। दादरी–नोएडा–गाजियाबाद बेल्ट में बसने वाला यह नया शहर आने वाले दशकों में NCR की नई धड़कन बनने की क्षमता रखता है।

डायरेक्ट परचेज मॉडल: किसानों के लिए राहत, विकास को रफ्तार
न्यू नोएडा के लिए अपनाया जा रहा सीधी खरीद मॉडल इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत मानी जा रही है। इसके तहत किसान स्वेच्छा से अपनी ज़मीन प्राधिकरण को बेच सकेंगे
कोई ज़बरन अधिग्रहण नहीं होगा
तय दर पर पारदर्शी लेन-देन होगा
सरकार से दरों को मंज़ूरी मिलते ही प्राधिकरण सार्वजनिक सूचना जारी करेगा। इसके बाद इच्छुक किसान सीधे प्राधिकरण में आवेदन कर सकेंगे। दावा किया जा रहा है कि दो महीने या उससे कम समय में आवेदन का निस्तारण कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अगर तय समय में प्राधिकरण ज़मीन नहीं खरीद पाता, तो किसान को अन्य खरीदार को ज़मीन बेचने की छूट होगी। वहीं, यदि प्राधिकरण ज़मीन लेने से इनकार करता है, तो संबंधित अधिकारी को लिखित कारण बताना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था किसानों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।


ज़मीन सौदों पर लगाम लगाने की तैयारी
मास्टर प्लान को कैबिनेट से मंज़ूरी मिलने के बाद संबंधित गांवों में ज़मीन के दाम अचानक तेज़ी से बढ़ने लगे हैं। कहीं अफवाहों का बाज़ार गर्म है, तो कहीं बिचौलियों की सक्रियता ने माहौल को अस्थिर कर दिया है। इसी अराजकता पर रोक लगाने के लिए प्राधिकरण नियंत्रित और नियोजित खरीद व्यवस्था लागू करना चाहता है।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मसले पर नोएडा प्राधिकरण से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, ताकि फैसला ज़मीनी हकीकत और किसानों के हितों को ध्यान में रखकर लिया जा सके।

सीएम तक पहुंचा पूरा प्रस्ताव
न्यू नोएडा के लिए ज़मीन खरीद, दरें और रजिस्ट्री व्यवस्था से जुड़ा प्रस्ताव नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश द्वारा मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया है। गौरतलब है कि 18 अक्टूबर 2024 को योगी कैबिनेट पहले ही न्यू नोएडा मास्टर प्लान-2041 को मंज़ूरी दे चुकी है। अब अगला बड़ा कदम ज़मीन खरीद की प्रक्रिया को धरातल पर उतारना है।


फील्ड ऑफिस खोलने की तैयारी
योजना को तेज़ी से लागू करने के लिए न्यू नोएडा क्षेत्र में अस्थायी फील्ड ऑफिस खोलने की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। संभावित तौर पर यह कार्यालय सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के पास जोखाबाद और सांवली गांव के आसपास खोला जा सकता है।
इसके लिए करीब 10,000 वर्ग मीटर ज़मीन लेने की योजना है, ताकि मौके पर बैठकर सर्वे, प्लानिंग और खरीद प्रक्रिया को तेज़ किया जा सके।


चार फेज़ में बसाने का खाका
मास्टर प्लान के अनुसार, न्यू नोएडा को चार चरणों (फेज़) में विकसित किया जाएगा। पहले फेज़ को 2027 तक आकार देने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब ज़मीन खरीद की प्रक्रिया तेज़ होने के बाद इसमें नई गति आने की उम्मीद है। साथ ही, ज़मीनी जरूरतों और निवेश की रफ्तार के हिसाब से फेज़ प्लान में बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है।

दायरा बढ़ेगा, असर भी बढ़ेगा
दिल्ली-NCR के संतुलित विकास को देखते हुए न्यू नोएडा के दायरे को और बढ़ाने पर भी मंथन चल रहा है। बागपत और खेकड़ा तहसील के कुछ गांवों को इसमें शामिल करने का प्रस्ताव सरकार तक पहुंचने की चर्चा है। यदि यह विस्तार मंज़ूर होता है, तो न्यू नोएडा का प्रभाव क्षेत्र और निवेश क्षमता दोनों कई गुना बढ़ जाएंगे।


भविष्य का शहर, भविष्य की उम्मीद
न्यू नोएडा सिर्फ एक नया शहर नहीं, बल्कि भविष्य की प्लानिंग, पारदर्शी नीति और किसानों की भागीदारी का मॉडल बन सकता है। अब सबकी निगाहें सरकार की मंज़ूरी और प्रस्तावित दरों पर टिकी हैं। हरी झंडी मिलते ही NCR के नक्शे पर एक नया अध्याय लिखना शुरू हो जाएगा।

रफ़्तार टूडे की
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button