Greater Noida Authority News : ग्रेटर नोएडा में बनेगी यूपी की पहली डबल डेकर रोड, 130 मीटर रोड से NH-9 तक मिलेगा सिग्नल फ्री सफर, बोर्ड बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव, प्राधिकरण के CEO NG रवि कुमार ने कहा रिपब्लिक मार्ग पर लगने वाला जाम होगा खत्म, एलिवेटेड रोड बनाएगा NHAI, 2.5 किमी लंबी सड़क 1200 करोड़ रुपये की लागत
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने कहा "प्रदेश की पहली डबल डेकर एलिवेटेड रोड ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कनेक्टिविटी को नई पहचान देगी। आगामी बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही परियोजना पर तेजी से कार्य शुरू कराया जाएगा। हमारा लक्ष्य इस पूरे कॉरिडोर को सिग्नल फ्री और जाम फ्री बनाना है, ताकि लोगों को सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक आवागमन मिल सके। यह सड़क सीधे NH-9 से जुड़ेगी, जिससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट, टेकजोन और क्रॉसिंग रिपब्लिक की कनेक्टिविटी दिल्ली, मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से बेहतर होगी।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट और क्रॉसिंग रिपब्लिक के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहे इस क्षेत्र को जल्द ही उत्तर प्रदेश की पहली डबल डेकर एलिवेटेड रोड की सौगात मिल सकती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण आगामी बोर्ड बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रस्ताव रखने जा रहा है। बोर्ड से मंजूरी मिलते ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और निर्माण प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
करीब 2.5 किलोमीटर लंबी यह डबल डेकर रोड 130 मीटर रोड से क्रॉसिंग रिपब्लिक होते हुए सीधे NH-9 तक बनाई जाएगी। इस परियोजना पर लगभग 1200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सड़क बनने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट, टेकजोन, क्रॉसिंग रिपब्लिक और आसपास के क्षेत्रों से दिल्ली, मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक आवागमन पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगा।
जमीन पर मौजूदा सड़क रहेगी, ऊपर बनेंगी दो एलिवेटेड लेन
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि मौजूदा सड़क को स्थानीय यातायात के लिए यथावत रखा जाएगा, जबकि उसके ऊपर दो स्तरों पर एलिवेटेड सड़क का निर्माण किया जाएगा। दोनों एलिवेटेड मार्ग वन-वे होंगे और प्रत्येक सड़क की चौड़ाई लगभग 9 से 10 मीटर होगी। इनमें तीन-तीन लेन बनाई जाएंगी, जिससे वाहनों का आवागमन निर्बाध रहेगा और ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा। इस अभिनव डिजाइन के कारण स्थानीय और लंबी दूरी के यातायात को अलग-अलग संचालित किया जा सकेगा, जिससे पूरे कॉरिडोर पर यातायात व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी।
एनएचएआई करेगा एलिवेटेड रोड का निर्माण
इस परियोजना को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, नोएडा प्राधिकरण, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के संयुक्त सहयोग से विकसित किया जाएगा। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, भूमि संबंधी मुद्दों और तकनीकी पहलुओं पर विभिन्न एजेंसियों के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। कंसल्टेंट द्वारा तैयार किए गए डबल डेकर डिजाइन पर भी सहमति बन गई है। चूंकि सड़क का जुड़ाव सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से होगा, इसलिए एलिवेटेड हिस्से का निर्माण एनएचएआई द्वारा कराया जाएगा। इसके लिए एनएचएआई ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) मांगी है, जिस पर कार्य तेजी से चल रहा है।
क्रॉसिंग रिपब्लिक और 130 मीटर रोड को मिलेगी बड़ी राहत
वर्तमान में 130 मीटर रोड और क्रॉसिंग रिपब्लिक मार्ग पर सुबह-शाम भारी ट्रैफिक जाम आम समस्या बन चुकी है। कार्यालय समय में वाहन चालकों को कई बार 30 से 45 मिनट तक जाम में फंसना पड़ता है। डबल डेकर रोड बनने के बाद इस पूरे कॉरिडोर पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा और यात्रा का समय भी घटेगा। प्राधिकरण का अनुमान है कि इस परियोजना से एक लाख से अधिक वाहन चालकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से विकसित हो रहे आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।

औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से केवल ट्रैफिक समस्या का समाधान ही नहीं होगा, बल्कि क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, आईटी और रियल एस्टेट सेक्टर को भी नई गति मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से निवेश आकर्षित होगा और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली-एनसीआर के तेजी से विकसित हो रहे इस कॉरिडोर में डबल डेकर रोड भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है, जिससे आने वाले वर्षों में बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को भी आसानी से संभाला जा सके।
सीईओ एनजी रवि कुमार का बयान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने कहा “प्रदेश की पहली डबल डेकर एलिवेटेड रोड ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कनेक्टिविटी को नई पहचान देगी। आगामी बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही परियोजना पर तेजी से कार्य शुरू कराया जाएगा। हमारा लक्ष्य इस पूरे कॉरिडोर को सिग्नल फ्री और जाम फ्री बनाना है, ताकि लोगों को सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक आवागमन मिल सके। यह सड़क सीधे NH-9 से जुड़ेगी, जिससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट, टेकजोन और क्रॉसिंग रिपब्लिक की कनेक्टिविटी दिल्ली, मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से बेहतर होगी। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और आईटी सेक्टर को भी बड़ा लाभ मिलेगा।”
यह परियोजना ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है। यदि बोर्ड से मंजूरी मिलती है, तो उत्तर प्रदेश को अपनी पहली डबल डेकर एलिवेटेड रोड मिलने के साथ-साथ एनसीआर के लाखों लोगों को जाम से राहत का नया विकल्प भी मिलेगा।



