ब्रेकिंग न्यूज़गौतमबुद्ध नगरग्रेटर नोएडाटॉप न्यूजताजातरीन

Breaking News : “आसमान से जमीन पर पहुंची लिफ्ट! ग्रेटर नोएडा की SDS NRI सोसाइटी में मचा हड़कंप — मेंटेनेंस की पोल खोलती ‘फ्री-फॉल’ घटना ने हिला दिया पूरा परिसर”, DM और GNIDA से कार्रवाई की उम्मीद, लिफ्ट में झटका, चीखें, दहशत, सेकंडों में ‘फ्लोर से फ्लोर’ का नहीं ‘आसमान से जमीन’ का सफर!

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के पॉश इलाकों में गिनी जाने वाली SDS NRI सोसाइटी उस समय डर और दहशत से भर उठी, जब एफ ब्लॉक की एक लिफ्ट अचानक टॉप फ्लोर से फ्री-फॉल होती हुई सीधे ग्राउंड फ्लोर पर आकर धड़ाम से गिर गई। इस जोरदार हादसे के दौरान लिफ्ट में मौजूद लोग कुछ क्षणों के लिए मौत के साए को महसूस कर बैठे, लेकिन गनीमत रही कि किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि घटना ने सोसाइटी में सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लिफ्ट में झटका, चीखें, दहशत — सेकंडों में ‘फ्लोर से फ्लोर’ का नहीं ‘आसमान से जमीन’ का सफर!

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो लिफ्ट में बैठे लोगों को पहले अचानक तेज झटका महसूस हुआ।
कुछ ही सेकंड बाद लिफ्ट ने तेजी से नीचे की ओर गिरना शुरू कर दिया। नीचे खड़े सुरक्षा गार्ड भी लिफ्ट के गिरने की जबरदस्त आवाज़ से घबरा गए।

लिफ्ट की फ्री-फॉल इतनी तेज थी कि अंदर बैठे लोग जोर से झटके खा गए। वहां मौजूद लोगों ने बताया “ऐसा लगा जैसे लिफ्ट के सारे ब्रेक एक साथ फेल हो गए हों… ऊपर से नीचे तक गिरने में कुछ ही सेकंड लगे।”

सोसाइटी में चीख-पुकार, भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और भय का माहौल कुछ देर तक छाया रहा।

निवासियों का गुस्सा फूटा — ‘कई महीने से शिकायत दे रहे थे, पर मेंटेनेंस सो रहा था’

सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि इस हादसे का कारण मेंटेनेंस कंपनी की भारी लापरवाही है।
निवासियों ने बताया कि—

लिफ्ट का बार-बार अटकना

दरवाजे बीच में फंस जाना

झटके लगना

अचानक रुक जाना

जैसी समस्याएं कई महीनों से सामने आ रही थीं। पर शिकायतों के बावजूद समस्या का सही समाधान नहीं किया गया। एक निवासी ने नाराजगी जताते हुए कहा “हमने दर्जनों बार मेल लिखे, शिकायतें कीं, पर मेंटेनेंस वाले बस ‘देख रहे हैं’ बोलकर चुप कराते रहे। आज उसी लापरवाही का नतीजा सामने है।”

लोगों का कहना है कि सोसाइटी में लाखों रुपये मेंटेनेंस फीस के रूप में वसूले जाते हैं, लेकिन सुविधाओं की हालत बद से बदतर होती जा रही है।

हादसा बढ़ सकता था बड़ा — फेल-सेफ सिस्टम काम न करता तो बचना मुश्किल था

लिफ्ट विशेषज्ञों के अनुसार फ्री-फॉल की स्थिति में लिफ्ट के सेफ्टी कर्टेन्स और ऑटो ब्रेक्स सक्रिय हो जाते हैं।
इस घटना में भी आखिर में ब्रेकिंग सिस्टम ने काम किया, जिसके कारण बड़ा हादसा टल गया।

अगर यह सुरक्षा प्रणाली भी फेल हो जाती तो स्थिति और भयावह हो सकती थी।

यही वजह है कि निवासी अब सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।

प्रबंधन ‘जांच’ की बात कह रहा — लेकिन लोगों को चाहिए जवाब

सोसाइटी प्रबंधन की ओर से बयान आया है कि घटना की तकनीकी जांच कराई जाएगी

लिफ्ट को अस्थायी रूप से बंद किया गया है

मेंटेनेंस टीम से रिपोर्ट मांगी गई है

लेकिन निवासियों का कहना है कि यह सिर्फ औपचारिकता है।
वह चाहते हैं कि—

स्वतंत्र एजेंसी से जांच

लिफ्ट ऑपरेशन की तकनीकी ऑडिट

पुराने पुर्जों का तत्काल परिवर्तन

जिम्मेदार पर कार्यवाही

तभी भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा।

ग्रेटर नोएडा की सोसाइटियों में लगातार बढ़ रही ‘लिफ्ट लापरवाही’ की घटनाएँ

यह कोई पहली घटना नहीं है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पिछले तीन वर्षों में कई सोसाइटियों में

लिफ्ट फंसने

फ्री-फॉल

अचानक बंद होने

बिजली कटने पर फंसने

जैसी घटनाएं रिपोर्ट हो चुकी हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मेंटेनेंस कंपनियों की लापरवाही

पुरानी लिफ्टों का समय पर सर्विस न होना

घटिया पुर्जों का इस्तेमाल

बिल्डर्स की लागत बचाने की नीति

इन हादसों का मुख्य कारण है।

हम बच्चे लेकर लिफ्ट में चढ़ने से डरते हैं’ — परिवारों में गहरी चिंता

हादसे के बाद सोसाइटी में रहने वाले परिवारों में डर साफ दिखाई दे रहा है। एक महिला निवासी ने कहा “हम रोज़ बच्चों के साथ लिफ्ट में जाते हैं… आज जो हुआ, उससे तो अब डर बैठ गया है।”

लोगों ने प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग की है ताकि लापरवाही पर लगाम लगे और सुरक्षा सुनिश्चित हो।

प्रशासन को दी गई सूचना — DM और GNIDA से कार्रवाई की उम्मीद

घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को भी दे दी गई है।
प्राधिकरण ने भी कहा है कि मामले की जांच की जाएगी और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी।

लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस बार कड़ी कार्रवाई करेगा ताकि बाकी सोसाइटियों को भी संदेश जाए।

एक लिफ्ट गिरने से खुल गई ‘मेंटेनेंस की पोल’ — अब कार्रवाई ज़रूरी है!

SDS NRI सोसाइटी का यह हादसा सिर्फ एक तकनीकी खराबी नहीं है, बल्कि यह चेतावनी है कि अगर समय रहते सुरक्षा और मेंटेनेंस को गंभीरता से नहीं लिया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

निवासी अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कदमों की मांग कर रहे हैं। सोसाइटी में सुरक्षा, सुविधाओं और प्रबंधन की जवाबदेही को लेकर नई बहस तेज हो गई है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button