Noida Industry News : “उद्योग बनाम अस्थिरता?, हिंसात्मक घटनाओं से हिला नोएडा—व्यापार मंडल की आपात बैठक में उठा बड़ा सवाल!”, 50 साल के विकास जश्न पर छाया संकट, उद्योग-व्यापार जगत ने मांगी सख्त कार्रवाई और भरोसे की बहाली

नोएडा, रफ़्तार टूडे । नोएडा में हाल ही में हुई हिंसात्मक घटनाओं के बाद औद्योगिक और व्यापारिक माहौल में बढ़ती चिंता को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल द्वारा एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। यह महत्वपूर्ण बैठक सेक्टर-63 स्थित चेयरमैन कार्यालय में सम्पन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता डॉ. पीयूष द्विवेदी ने की।बैठक में नोएडा के औद्योगिक और व्यापारिक समुदाय से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लेते हुए वर्तमान हालात पर गहन मंथन किया और शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई।
“50 साल के जश्न पर लगा ग्रहण—हिंसा ने खड़ी की बड़ी चुनौती”नोएडा, जिसे उत्तर प्रदेश और देश की ‘शो विंडो’ के रूप में देखा जाता है, अपने स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। लेकिन इसी बीच हुई असामाजिक और हिंसात्मक घटनाओं ने इस उत्सव को चिंता में बदल दिया है।व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि जिस अवसर को विकास और उपलब्धियों के रूप में मनाया जाना चाहिए था, वहीं अब कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
“व्यवसाय पर असर, निवेशकों का भरोसा डगमगाया” चेयरमैन डॉ. पीयूष द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में व्यापारिक गतिविधियाँ प्रभावित हुई हैं, जिससे न केवल आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि निवेशकों के विश्वास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया, तो इसका असर नोएडा के औद्योगिक विकास पर पड़ सकता है।
“सरकार के कदम का स्वागत, लेकिन हिंसा पर सख्ती जरूरी”
बैठक में अध्यक्ष संजय जैन ने उत्तर प्रदेश शासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति का स्वागत किया, जिसका नेतृत्व दीपक कुमार कर रहे हैं।उन्होंने मजदूरी में 21% वृद्धि और अन्य दिशा-निर्देशों को सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि श्रमिकों की भलाई जरूरी है, लेकिन हिंसात्मक आंदोलन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं।
“साजिश या भटकाव? बाहरी तत्वों पर सख्त कार्रवाई की मांग”
वरिष्ठ महासचिव अमित अग्रवाल ने कहा कि हाल की घटनाएं एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा प्रतीत होती हैं, जिसका उद्देश्य उद्योगों को नुकसान पहुंचाना है।उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिक स्वयं हिंसावादी नहीं होते, बल्कि बाहरी असामाजिक तत्व उन्हें भड़काकर इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देते हैं।
“सुरक्षा और पारदर्शी जांच की मांग—व्यापारियों की आवाज बुलंद”
कोषाध्यक्ष नरेश बंसल और उपाध्यक्ष के के अग्रवाल ने प्रशासन से मांग की कि इन घटनाओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए।साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
“औद्योगिक समुदाय ने जताई एकजुटता—विकास के लिए स्थिरता जरूरी”
बैठक में राहुल भाटिया, अमित पोरवाल, सुनील वर्मा, तनवीर, धर्मवीर बंसल सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखते हुए वर्तमान हालात पर चिंता व्यक्त की।सभी ने एक स्वर में कहा कि नोएडा का औद्योगिक और व्यापारिक समुदाय हमेशा से विकास और रोजगार सृजन में अग्रणी रहा है, और प्रशासन से अपेक्षा करता है कि वह उनकी सुरक्षा और विश्वास को प्राथमिकता दे।
“नोएडा की छवि बचाना जरूरी—विकास और विश्वास दोनों की परीक्षा”
इस आपात बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।व्यापार मंडल ने प्रशासन से अपील की है कि वह जल्द से जल्द ठोस कदम उठाकर स्थिति को सामान्य बनाए और निवेशकों व व्यापारियों का भरोसा कायम रखे।



