Corruption Free India News : “पानी पर माफिया का पहरा!”, नोएडा में भूजल दोहन से मचा हाहाकार, कार्रवाई नहीं हुई तो सड़कों पर उतरेगा जनआक्रोश, दो साल से लगातार हो रहा भूजल दोहन, प्रशासन बना मूकदर्शक?, सैकड़ों पंपों से दिन-रात बह रहा पानी, ‘जल संकट’ की आहट तेज

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा के सेक्टर 149, 151 और 153 में लगातार हो रहे अवैध भूजल दोहन को लेकर अब मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दे दी है। आरोप है कि बिल्डरों द्वारा बड़े पैमाने पर भूमिगत जल का दोहन किया जा रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
इस पूरे मामले को लेकर करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर आवाज उठाई है। संगठन के जिला अध्यक्ष चौधरी प्रेम प्रधान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जनपद के प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह और जिलाधिकारी मेधा रूपम को लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
दो साल से लगातार हो रहा भूजल दोहन, प्रशासन बना मूकदर्शक?
संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने आरोप लगाते हुए कहा कि नोएडा के सेक्टर 149, 151 और 153 में पिछले दो वर्षों से बड़े पैमाने पर भूजल का दोहन किया जा रहा है। इस संबंध में कई बार भूजल विभाग और जिला प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल लापरवाही नहीं, बल्कि एक बड़े स्तर की मिलीभगत की ओर इशारा करती है। अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में क्षेत्र में जल संकट विकराल रूप ले सकता है।
सैकड़ों पंपों से दिन-रात बह रहा पानी, ‘जल संकट’ की आहट तेज
चौधरी प्रवीण भारतीय ने बताया कि सेक्टर 151 स्थित एनपीएस बिल्डिंग के पीछे सैकड़ों पंपों के माध्यम से 24 घंटे साफ पानी निकाला जा रहा है, जो बिना किसी नियंत्रण के बर्बाद हो रहा है।
इसी तरह सेक्टर 153 में भी पिछले दो वर्षों से Ace बिल्डर द्वारा भूजल दोहन किए जाने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो भविष्य में यहां के निवासियों को पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है।
“जल है तो कल है”—फिर क्यों नहीं जाग रहा प्रशासन?
भूजल दोहन का यह मामला केवल एक स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि पर्यावरण और भविष्य की पीढ़ियों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अनियंत्रित भूजल दोहन से जलस्तर तेजी से गिरता है, जिससे पेयजल संकट, भूमि धंसाव और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब सरकार जल संरक्षण के लिए बड़े-बड़े अभियान चला रही है, तब इस तरह की लापरवाही और अवैध गतिविधियां प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती हैं।
प्रभारी मंत्री ने दिए जांच के निर्देश, प्रशासन पर बढ़ा दबाव
शिकायत मिलने के बाद प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मेधा रूपम को तत्काल प्रभाव से जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कदम उठाता है।
“कार्रवाई नहीं तो आंदोलन तय”—संगठन की चेतावनी
करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भूजल दोहन पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा।
चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि यह केवल एक क्षेत्र का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे जनपद के भविष्य का सवाल है। यदि प्रशासन और संबंधित विभाग अब भी नहीं जागे, तो जनता को सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
कई सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस दौरान चौधरी प्रवीण भारतीय, चौधरी प्रेम प्रधान, धर्मेंद्र भाटी, तेजवीर चौहान, संजय भाटी, सत्येंद्र चौधरी, नरेंद्र कपासिया सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर इस मुद्दे को उठाया।
क्या बचेगा नोएडा का जल भविष्य?
नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यदि भूजल का अनियंत्रित दोहन जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या समय रहते ठोस कार्रवाई कर नोएडा के जल भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है।



