GIMS College News : “डिग्री नहीं, इंसानियत ज़रूरी” – खान सर ने जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ के छात्रों को दिया जीवन का मूल मंत्र, ‘नवांकुर’ ओरिएंटेशन दिवस पर उमड़ा उत्साह, सौरभ द्विवेदी (द लल्लनटॉप) उन्होंने छात्रों से कहा कि सवाल पूछने और सोचने की आदत डालें

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
शिक्षा का मकसद सिर्फ नौकरी पाना या डिग्री हासिल करना नहीं है, बल्कि इंसान को बेहतर नागरिक और जिम्मेदार समाज का अंग बनाना है। यही संदेश देश के प्रख्यात शिक्षक खान सर ने ग्रेटर नोएडा स्थित जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ (GIPS) के ओरिएंटेशन दिवस “नवांकुर” में नए छात्रों को दिया।
इस कार्यक्रम ने न सिर्फ छात्रों को प्रेरित किया, बल्कि उन्हें यह भी समझाया कि शिक्षा जीवन में कितनी महत्वपूर्ण है और इसे सिर्फ करियर तक सीमित नहीं करना चाहिए।
“सच्ची शिक्षा वही जो चरित्र बनाए” – खान सर
कार्यक्रम की सबसे खास बात थी खान सर का प्रेरक संबोधन। उन्होंने कहा – “पढ़ाई का असली मकसद सिर्फ डिग्री लेना नहीं, बल्कि अच्छे इंसान बनना और समाज की जिम्मेदारी निभाना है। सपने सब देखते हैं, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए अनुशासन और निरंतर मेहनत बेहद ज़रूरी है।”
उन्होंने छात्रों को समझाया कि कॉलेज सिर्फ प्लेटफॉर्म देता है, लेकिन सफलता की जिम्मेदारी छात्र को खुद उठानी होती है। सरकारी नौकरी हो या कॉर्पोरेट जॉब – मेहनत, प्रैक्टिस और अनुशासन ही सफलता की असली कुंजी हैं।
छात्रों से कहा की सवाल पूछने ओर सोचने की आदत डाले _ सौरभ द्विवेदी
सौरभ द्विवेदी (संपादक, द लल्लनटॉप, इंडिया टुडे हिंदी) – उन्होंने छात्रों से कहा कि सवाल पूछने और सोचने की आदत डालें जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ का ‘नवांकुर’ ओरिएंटेशन दिवस सिर्फ एक औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि यह छात्रों को जीवन की दिशा देने वाला प्रेरक मंच बन गया। इस कार्यक्रम ने साबित किया कि शिक्षा का असली मकसद किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण और समाज के लिए जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा है।

दीप प्रज्ज्वलन से हुई शुरुआत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
‘नवांकुर’ कार्यक्रम की शुरुआत गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद छात्रों ने गणेश वंदना और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। यह पल छात्रों और संस्थान दोनों के लिए नई शुरुआत और उम्मीदों का प्रतीक बना।
विशेष अतिथि और उनकी सीख
इस कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग मौजूद रहे जिन्होंने छात्रों को अलग-अलग दृष्टिकोण से सफलता के गुर दिए –
सौरभ द्विवेदी (संपादक, द लल्लनटॉप, इंडिया टुडे हिंदी) – उन्होंने छात्रों से कहा कि सवाल पूछने और सोचने की आदत डालें। आलोचनात्मक सोच और संचार कौशल ही असली ताकत है।
एसीपी विवेक रंजन राय (गौतमबुद्ध नगर) – उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए अनुशासन, ईमानदारी और कानून पालन को सफलता का आधार बताया।
डॉ. अभिलाषा गौर (सीईओ, SSC NASSCOM) – उन्होंने भविष्य के रोजगार और डिजिटल स्किल्स के महत्व पर प्रकाश डाला। छात्रों को सलाह दी कि आने वाला दौर तकनीकी कौशल का है।
विवेक गुप्ता (डीसीएम श्रीराम इंडस्ट्रीज लिमिटेड, उप महाप्रबंधक) – उन्होंने टीमवर्क और व्यावहारिक अनुभव को कॉर्पोरेट सफलता के लिए अनिवार्य बताया।
जीएनआईओटी प्रबंधन का भरोसा
संस्थान के चेयरमैन डॉ. राजेश गुप्ता, उपाध्यक्ष गौरव गुप्ता, प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सविता मोहन और प्रबंधन टीम ने छात्रों का स्वागत करते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि GIPS में उन्हें शैक्षणिक उत्कृष्टता, आधुनिक संसाधन और सर्वांगीण विकास के अवसर मिलेंगे।
प्रबंधन ने यह भी कहा कि शिक्षा सिर्फ कक्षा तक सीमित नहीं होगी, बल्कि खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और तकनीकी प्रशिक्षण के जरिए छात्रों को हर तरह से तैयार किया जाएगा।

छात्रों के लिए संदेश: मेहनत ही सफलता का रास्ता
कार्यक्रम के अंत में खान सर ने एक बार फिर जोर देकर कहा – “प्लान और आइडिया से ज्यादा जरूरी है मेहनत। जब तक आप खुद अनुशासित नहीं होंगे, कोई भी संस्थान या शिक्षक आपको सफलता नहीं दिला सकता। अपने सपनों के लिए खुद जिम्मेदार बनें और समाज को बेहतर बनाने की दिशा में काम करें।”
रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ हुआ समापन
दिनभर चले इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम का समापन छात्रों की जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ। गीत-संगीत और नृत्य ने पूरे माहौल को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया।
‘नवांकुर’ ने छात्रों के दिलों में नए जोश, नई उम्मीद और नए सपनों की नींव रखी।



