Breaking News : "लाठी नहीं, संवाद चाहिए!", जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में गरजा करप्शन फ्री इंडिया संगठन, राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन, छात्रों पर बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच की मांग, हाउस अरेस्ट का भी किया विरोध
करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में यदि उन पर अत्यधिक पुलिस बल का प्रयोग किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। जंतर-मंतर पर पेपर लीक, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए कथित पुलिस बल प्रयोग के विरोध में करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। संगठन ने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग करते हुए महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजने का प्रयास किया। हालांकि, संगठन का आरोप है कि ज्ञापन सौंपने से पहले ही पुलिस ने संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय और जिला अध्यक्ष प्रेम प्रधान को उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया।
संगठन के अनुसार, निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रतिनिधिमंडल को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपना था, लेकिन पुलिस कार्रवाई के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। बाद में नॉलेज पार्क कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार स्वयं चौधरी प्रवीण भारतीय के जेपी अमन सोसायटी स्थित आवास पहुंचे और वहीं ज्ञापन प्राप्त किया।
छात्रों पर बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच की मांग
करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में यदि उन पर अत्यधिक पुलिस बल का प्रयोग किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई पुलिस अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
“छात्र देश का भविष्य हैं”
चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि छात्र किसी भी राष्ट्र की सबसे महत्वपूर्ण पूंजी और भविष्य होते हैं। उनकी समस्याओं का समाधान संवाद, संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को बल प्रयोग से दबाने के बजाय उनकी बात सुनना और उचित समाधान निकालना सरकार एवं प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार भारतीय संविधान की मूल भावना का हिस्सा हैं। यदि छात्र अपनी शैक्षणिक समस्याओं और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हैं, तो उनकी बात गंभीरता से सुनी जानी चाहिए।

हाउस अरेस्ट का भी किया विरोध
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि ज्ञापन देने के लिए निकलने से पहले ही पुलिस द्वारा चौधरी प्रवीण भारतीय और जिला अध्यक्ष प्रेम प्रधान को हाउस अरेस्ट किया गया, जिसकी संगठन ने कड़ी निंदा की। चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी नागरिक या सामाजिक संगठन को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और ज्ञापन देने से रोकना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए और नागरिकों को संवैधानिक दायरे में अपनी बात रखने की पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
राष्ट्रपति से की हस्तक्षेप की अपील
संगठन द्वारा राष्ट्रपति के नाम भेजे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा भविष्य में छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलनों के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की जाए। संगठन का कहना है कि देश के युवाओं का विश्वास शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं में बना रहना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई समय की आवश्यकता है।
ये लोग रहे मौजूद
इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें बलराज हूण, मा. दिनेश नागर, दुलीचंद नागर, सुभाष रिंकू बैंसला, आकाश नागर, वरुण, प्रमोद भाटी, संतोष नागर, ओंकार प्रधान, तेजवीर चौहान, प्रतिपाल राठी, धर्मेंद्र भाटी, कृष्ण नागर, हिमांशु भाटी, ब्रह्म प्रधान, लखमीचंद, जग्गू प्रमुख, बलराज नागर, कमल सिंह, नवाब सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने संगठन की मांगों का समर्थन किया। संगठन ने कहा कि वह छात्रों के हितों, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आगे भी संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।



