Breaking News : युद्ध के असर से गैस सप्लाई पर सख्ती, गौतम बुद्ध नगर में कमर्शियल सिलेंडर पर रोक, कालाबाजारी रोकने को प्रशासन ने बनाई चार टीमें, सात से आठ हजार उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर, कॉलेज और अस्पतालों को जरूरत के अनुसार मिलेगी गैस

ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टूडे। अंतरराष्ट्रीय हालातों के बीच ईंधन और गैस की संभावित कमी को देखते हुए Gautam Buddha Nagar जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। United States, Israel और Iran के बीच जारी तनाव और युद्ध जैसे हालातों के बीच गैस की किल्लत से बचने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।
जिला प्रशासन ने फिलहाल जिले की कंपनियों में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही पेट्रोल—डीजल और गैस की संभावित कालाबाजारी पर नजर रखने के लिए चार विशेष टीमें भी गठित की गई हैं, जो लगातार पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों की जांच कर रही हैं।
सात से आठ हजार उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर
जिला प्रशासन के इस फैसले का असर जिले के करीब 7 से 8 हजार कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। इनमें उद्योग, होटल, छोटे व्यवसाय और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं, जो नियमित रूप से कमर्शियल गैस सिलेंडर का उपयोग करते हैं।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह कदम घरेलू उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की गैस कमी से बचाने के लिए उठाया गया है, ताकि आम नागरिकों को गैस की उपलब्धता में कोई परेशानी न हो।
कॉलेज और अस्पतालों को जरूरत के अनुसार मिलेगी गैस
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कॉलेज, हॉस्टल और अस्पतालों में गैस की आपूर्ति पूरी तरह बंद नहीं की जाएगी। इन संस्थानों को जरूरत के हिसाब से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके लिए संबंधित संस्थानों के प्रबंधन को पहले आपूर्ति विभाग को ईमेल के माध्यम से अपनी आवश्यकता की जानकारी देनी होगी। उसके बाद आपूर्ति विभाग स्थिति की समीक्षा कर तय करेगा कि कितनी मात्रा में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।
केंद्र सरकार के निर्देशों पर उठाया गया कदम
जिला आपूर्ति विभाग के अनुसार अंतरराष्ट्रीय हालातों को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो।
इसी को ध्यान में रखते हुए जिले में कमर्शियल गैस की सप्लाई पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला लिया गया है।
कालाबाजारी रोकने के लिए चार टीमें गठित
जिला प्रशासन ने पेट्रोल—डीजल और गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष निगरानी अभियान भी शुरू कर दिया है। इसके तहत चार अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर रही हैं।
ये टीमें तेल और गैस के स्टॉक की जांच कर रही हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं कोई संचालक ईंधन या गैस का अवैध भंडारण कर भविष्य में अधिक कीमत पर बेचने की तैयारी तो नहीं कर रहा।

पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों पर कड़ी नजर
जिला प्रशासन को आशंका है कि अंतरराष्ट्रीय हालातों के चलते कुछ लोग पेट्रोल, डीजल या गैस का स्टॉक जमा कर बाद में कीमत बढ़ने पर बेचने की कोशिश कर सकते हैं।
इसी संभावना को देखते हुए निरीक्षण टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर जाकर स्टॉक की जांच करें और किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें।
कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला आपूर्ति अधिकारी प्रभारी Smriti Gautam ने बताया कि प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल—डीजल या गैस की कालाबाजारी करने वाले किसी भी व्यक्ति या एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान कहीं भी अवैध भंडारण, कृत्रिम कमी पैदा करने या अधिक कीमत पर बिक्री की शिकायत मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थिति पर लगातार नजर रख रहा प्रशासन
जिला प्रशासन ने कहा है कि फिलहाल यह व्यवस्था अस्थायी है और हालात के अनुसार आगे फैसला लिया जाएगा। अभी यह तय नहीं किया गया है कि कमर्शियल गैस की सप्लाई पर लगी रोक कब तक जारी रहेगी।
हालांकि प्रशासन का दावा है कि आम नागरिकों और आवश्यक संस्थानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और जरूरत के अनुसार गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।



