UPITS 2025 News : यूपीआईटीएस 2025 का तीसरा दिन, राजकोषीय मजबूती, डिजिटल निर्यात और ग्रामीण विकास के महामंच पर गूँजा उत्तर प्रदेश का संकल्प, ग्रामीण विकास और कृषि क्रांति पर फोकस, कला और संस्कृति का रंगारंग समापन, खादी फैशन शो परंपरा और फैशन का संगम
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का संदेश: स्थिरता ही विकास का आधार, रिकॉर्ड तोड़ भीड़ व्यापारियों और उद्यमियों की उमंग

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) का तीसरा दिन राज्य के विकास और आर्थिक शक्ति का अनूठा प्रदर्शन बनकर उभरा। यह दिन केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें राजकोषीय स्थिरता, डिजिटल निर्यात के नए रास्ते और ग्रामीण क्षेत्र के विकास की मजबूत योजना जैसे विषयों पर गहन विमर्श हुआ। साथ ही खादी फैशन शो और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने परंपरा और आधुनिकता का शानदार संगम प्रस्तुत किया।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का संदेश: स्थिरता ही विकास का आधार
तीसरे दिन के प्रमुख आकर्षण में वित्त विभाग द्वारा आयोजित सत्र रहा, जिसमें उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने राज्य के आर्थिक रोडमैप को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि “नीतिगत निश्चितता, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और प्रोत्साहन आधारित सुधार ही यूपी की विकास गाथा का आधार हैं।”
खन्ना ने घरेलू व विदेशी निवेशकों को आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश न केवल निवेश का सबसे सुरक्षित गंतव्य है बल्कि तेजी से उभरती हुई वैश्विक अर्थव्यवस्था का भी हिस्सा है।
राज्य के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने तीसरे दिन वित्त विभाग द्वारा आयोजित विशेष सत्र में स्पष्ट संदेश दिया – उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा पारदर्शिता, राजकोषीय स्थिरता और निवेश-अनुकूल नीतियों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और प्रोत्साहन आधारित सुधारों ने यूपी को घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिए सबसे विश्वसनीय गंतव्य बना दिया है।
रिकॉर्ड तोड़ भीड़: व्यापारियों और उद्यमियों की उमंग
तीसरे दिन 1,25,204 आगंतुकों ने मेले में उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें 35,368 बी2बी और 89,836 बी2सी विज़िटर शामिल रहे। इस भीड़ ने न सिर्फ यूपीआईटीएस को भारत का सबसे बड़ा राज्य-नेतृत्व वाला व्यापार मंच सिद्ध किया बल्कि इसे एक वैश्विक अवसर केंद्र के रूप में भी स्थापित कर दिया।
डिजिटल निर्यात और ODOP: स्थानीय से वैश्विक की ओर
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (FIEO) ने “ई-कॉमर्स: भारतीय निर्यात के लिए नई सीमा” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया। इसमें नंद गोपाल गुप्ता “नंदी” और एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने डिजिटल मंचों को निर्यात बढ़ाने का सबसे मजबूत जरिया बताया।
इसी क्रम में “लोकल से ग्लोबल” ODOP सत्र ने साबित किया कि उत्तर प्रदेश के हर जिले की विशिष्टता अब वैश्विक मंच तक पहुँच रही है।
ODOP से डिजिटल निर्यात तक – सत्रों में गूंजे विचार
दोपहर के सत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण और ई-कॉमर्स आधारित निर्यात वृद्धि पर जोर रहा। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता “नंदी” और एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने साझा किया कि उत्तर प्रदेश के ODOP उत्पादों को लोकल से ग्लोबल तक ले जाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं।
सिर्फ शुरुआती दो दिनों में ही 466 स्टॉल्स पर जबरदस्त गतिविधि देखने को मिली। 26 सितंबर को 11,305 आगंतुकों ने 46,005 लीड्स उत्पन्न कीं और लगभग ₹20.77 करोड़ के सौदे हुए। यह पहले दिन के मुकाबले कई गुना अधिक रहा।
व्यावसायिक सफलता: दूसरे दिन के मुकाबले तीसरे दिन नई उड़ान
यूपीआईटीएस 2025 के पहले दो दिनों में जहां ₹25.59 लाख के ऑर्डर दर्ज हुए थे, वहीं दूसरे दिन यह आंकड़ा ₹20.77 करोड़ तक पहुँच गया। तीसरे दिन व्यापारिक पूछताछ और डील्स की संख्या और भी ज्यादा बढ़ी।
केवल पहले तीन दिनों में 5,525 बिज़नेस पूछताछ और 101 बी2बी मीटिंग्स हुईं। इसके साथ ही 288 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनकी कुल व्यावसायिक राशि ₹89 करोड़ रही।
ग्रामीण विकास और कृषि क्रांति पर फोकस
समानांतर सत्रों में बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने “उत्तर प्रदेश की फूड बास्केट का लाभ उठाना” विषय पर चर्चा की। इसमें UPFPP-2023 नीति के तहत फार्म-टू-मार्केट लिंकेज और सप्लाई चेन को औद्योगिक बनाने पर जोर दिया गया।
वहीं मत्स्य पालन विभाग ने “ब्लू रिवोल्यूशन” की अवधारणा रखी, जिससे ग्रामीण रोजगार और प्रोटीन आपूर्ति में वृद्धि होगी।
युवा उद्यमिता का मंच: सीएम यूथ कॉन्क्लेव
सीएम यूथ कॉन्क्लेव ने तीसरे दिन युवाओं के सपनों को पंख दिए। इसमें 3,500 पंजीकरण, 39 बिज़नेस प्रस्तुतियाँ और 2,200 बिज़नेस पूछताछ केवल एक दिन में दर्ज हुईं। यह कॉन्क्लेव युवाओं को नेटवर्किंग और निवेशकों से जुड़ने का अनोखा अवसर प्रदान करता है।
खादी फैशन शो: परंपरा और फैशन का संगम
शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में खादी फैशन शो मुख्य आकर्षण रहा। मंत्री राकेश सचान की मौजूदगी में आयोजित इस शो ने खादी को “राष्ट्र का वस्त्र” से “फैशन का वस्त्र” बना दिया।
यह शो न सिर्फ फैशन का ग्लैमरस प्रदर्शन था बल्कि भारतीय विरासत और आधुनिक डिज़ाइन का अद्भुत मेल भी।
नवाचार और परंपरा का संतुलित संगम
यूपीआईटीएस 2025 का तीसरा दिन इस तथ्य का गवाह बना कि उत्तर प्रदेश विकास, नवाचार और सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।
राजकोषीय अनुशासन से लेकर ग्रामीण आधुनिकीकरण और डिजिटल निर्यात से लेकर सांस्कृतिक गौरव तक – यह दिन यूपी को भारत ही नहीं, विश्व की अर्थव्यवस्था में भी अग्रणी बनाने का संकल्प लेकर आया।
कला और संस्कृति का रंगारंग समापन
सांस्कृतिक खंड में कथक की शास्त्रीय सुंदरता, थारू और बधावा नृत्यों की जीवंतता और लोकगायन की मिठास ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पद्म श्री मालिनी अवस्थी के भावपूर्ण गायन ने पूरे दिन और तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन गरिमा और उल्लास के साथ किया।
यूपीआईटीएस 2025 का तीसरा दिन इस बात का सशक्त प्रमाण रहा कि उत्तर प्रदेश सिर्फ औद्योगिक निवेश का गढ़ ही नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, डिजिटल क्रांति और सांस्कृतिक धरोहर का भी ध्वजवाहक है। राजकोषीय स्थिरता से लेकर फैशन मंच तक, और ई-कॉमर्स से लेकर ब्लू रिवोल्यूशन तक – यह आयोजन यूपी के नए आत्मनिर्भर और वैश्विक स्वरूप को दर्शाता है।



