Greater Noida Authority News : "सूख गए थे पौधे, लेकिन नहीं सूखी उम्मीद!", ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने दिखाई सजगता, जगत फार्म से प्राधिकरण रोटरी तक बदले गए सूखे पौधे, सीईओ NG रवि कुमार ने जैसे ही इस सूचना को संज्ञान में लिया, उन्होंने तत्काल निर्देश दिए

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।।
शहर की हरियाली केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक और सकारात्मक कदम उठाया है। जगत फार्म रोटरी से लेकर पुराने प्राधिकरण कार्यालय रोटरी तक लगे सूखे पौधों की सूचना को तत्काल संज्ञान में लेकर प्राधिकरण ने नए पौधों का रोपण किया और पूरे शहर को एक संदेश दिया — “हरियाली में ही है हमारी असली तरक्की!”
सुखी हरियाली पर गंभीर हुआ प्राधिकरण, तुरंत हुई कार्रवाई
पिछले कुछ समय से जगत फार्म रोटरी से प्राधिकरण रोटरी तक के ग्रीन बेल्ट में लगे कुछ पौधे सूख गए थे, जिसकी सूचना एक्टिव सिटीजन और स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों द्वारा प्राधिकरण को दी गई थी।
सीईओ श्री एनजी रवि कुमार ने जैसे ही इस सूचना को संज्ञान में लिया, उन्होंने तत्काल एसीईओ श्री लक्ष्मी वीएस को सूखे पौधों को हटवाने और उनकी जगह नई पौधारोपण प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
रविवार को सुबह-सवेरे बदली तस्वीर, पौधों से महक उठी रोटरी
उद्यान विभाग की टीम ने रविवार सुबह ही अभियान चलाकर सूखे पौधों को हटाया और उनकी जगह नई हरियाली रोपी।
वरिष्ठ प्रबंधक श्री पीपी मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया:
“गर्मियों में कुछ पौधे स्वाभाविक रूप से सूख जाते हैं, जिनको बरसात में बदला जाता है। इसी तरह सर्दियों में सूखने वाले पौधों को फरवरी में बदला जाता है। यह एक सतत प्रक्रिया है।”
नियमित पौधारोपण की योजना, हरियाली की दीवार तैयार कर रहा ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सिर्फ इस एक घटना तक सीमित रहकर कार्रवाई नहीं की, बल्कि पूरे शहर में सूखे पौधों की पहचान कर उन्हें बदलने का व्यापक अभियान शुरू किया है।
सीईओ एनजी रवि कुमार ने शासन से मिले पौधारोपण लक्ष्य को खुद ही बढ़ाकर 2 लाख पौधों तक पहुंचा दिया है।
इसके अंतर्गत हर सेक्टर, हर ग्रीन बेल्ट, और हर रोटरी को हरियाली से भरने का अभियान चल रहा है।
“एक पेड़ – एक जीवन” मिशन को मिल रहा नया बल
एसीईओ श्री लक्ष्मी वीएस ने इस पूरी पौधारोपण मुहिम का स्वयं नेतृत्व किया है। उन्होंने निर्देश दिया कि:
जहां कहीं भी सूखे पौधे नजर आएं, उन्हें तत्काल हटाकर नए पौधे लगाए जाएं।
पौधों की survival rate बढ़ाने के लिए ड्रिप इरिगेशन, मल्चिंग और आवश्यक खाद-जल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था हो।
सभी क्षेत्रों में पौधों की देखभाल के लिए स्थानीय सुपरवाइज़र नियुक्त किए जाएं।
स्कूलों, RWAs और सामाजिक संस्थाओं को भी पौधारोपण अभियान से जोड़ा जाए।
ग्रीन बेल्ट में लगेंगे फूलदार, छायादार और ऑक्सीजन युक्त पौधे
उद्यान विभाग ने जानकारी दी कि इस बार बरसात में लगाए जा रहे पौधों में कचनार, कनेर, अर्जुन, नीम, अशोक, गुलमोहर और बोगनवेलिया जैसे पौधे शामिल हैं।
“इनमें न केवल सौंदर्य है, बल्कि ये पौधे प्रदूषण कम करने, छाया देने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी सहायक हैं।” — उद्यान विभाग
जगत फार्म से प्राधिकरण तक बना हरित गलियारा
रविवार सुबह की इस कार्रवाई के बाद जगत फार्म रोटरी से लेकर प्राधिकरण ऑफिस रोटरी तक का क्षेत्र फिर से हरा-भरा नजर आने लगा है।
स्थानीय नागरिक हरिंद्र भाटी, मनजीत सिंह और अन्य पर्यावरण प्रेमियों ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा:
“इस तरह की तत्परता ही शहर को स्मार्ट और टिकाऊ बनाती है। ग्रीन बेल्ट में हरियाली लौटना बहुत खुशी की बात है।”
सिविल सोसाइटी की भूमिका भी सराहनीय
इस सफल कार्रवाई के पीछे सिविल सोसाइटी और एक्टिव सिटीज़न ग्रुप्स का भी अहम योगदान रहा। शिकायत को समय पर प्राधिकरण तक पहुंचाना, और हरियाली को लेकर जागरूकता फैलाना, इसी की वजह से यह बदलाव संभव हो पाया।
मनजीत सिंह ने कहा:
“अब जरूरत है कि हम हर नागरिक को प्रेरित करें — एक पेड़ अपनी मां के नाम पर जरूर लगाएं!”
आगे की कार्ययोजना क्या है?
सभी ग्रीन बेल्ट्स का सर्वे किया जा रहा है
सूखे पौधों की पहचान कर उन्हें हटाया जा रहा है
बरसात के इस मौसम में हर रविवार पौधारोपण अभियान चलाने की योजना
सभी नए पौधों को QR कोड से टैग कर उनकी वृद्धि और रखरखाव को ट्रैक किया जाएगा
प्राधिकरण द्वारा RWAs और स्कूलों के साथ संयुक्त अभियान चलाया जाएगा
एक हरा शहर – एक स्वस्थ भविष्य की ओर कदम
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि हरियाली केवल दिखावे की वस्तु नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता से जुड़ी प्राथमिकता है।
“हर एक पौधा एक नई सांस है।
हर ग्रीन बेल्ट एक जीवित दीवार है।”
— ग्रेटर नोएडा की नई सोच
फोटो गैलरी (वर्णन के रूप में):
- प्राधिकरण कर्मी सूखे पौधे उखाड़ते हुए
- नई कचनार और कनेर की पौध रोपाई होती हुई
- एसीईओ श्री लक्ष्मी वीएस द्वारा निरीक्षण करते हुए
- स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता पौधारोपण में भाग लेते हुए
प्रशासन की सजगता को सलाम, नागरिकों से सहयोग की अपील
प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है:
यदि कहीं भी सूखे पौधे या ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण नजर आता है, तो तत्काल स्वच्छता ऐप या टोल फ्री नंबर के माध्यम से सूचना दें।
हर नागरिक वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाए और उसे जीवित रखने की जिम्मेदारी ले।
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