NIET Orientation News : एनआईईटी ग्रेटर नोएडा में भव्य ओरिएंटेशन प्रोग्राम, अंकुर वारिकू के ऊर्जावान संबोधन से छात्रों में भरा आत्मविश्वास और नई उड़ान की प्रेरणा, "कर्म ही पूजा है" – डॉ. ओ.पी. अग्रवाल का संदेश
डॉ. नीमा अग्रवाल (एडिशनल मैनेजिंग डायरेक्टर) ने कहा – “आपके अंदर अनंत संभावनाएँ छिपी हुई हैं। यदि आप लगन और मेहनत से पढ़ाई करेंगे तो निश्चित ही सफलता आपके कदम चूमेगी, अंकुर वारिकू का प्रेरणादायी संबोधन – "शुरुआत कहीं से भी हो, जरूरी है शुरुआत करना"

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (NIET) ग्रेटर नोएडा ने 22 सितंबर 2025 को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के नवप्रवेशित छात्रों के लिए शानदार ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस खास मौके पर देश के प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर अंकुर वारिकू ने अपनी दमदार और जोशपूर्ण शैली से विद्यार्थियों के मन में नए सपनों, ऊँचे लक्ष्य और सफलता की प्रेरणा जगाई। कार्यक्रम की शुरुआत से लेकर अंत तक माहौल उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मकता से सराबोर रहा। एनआईईटी का यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम न केवल शैक्षणिक दृष्टिकोण से बल्कि जीवन दर्शन और प्रेरणा से भी भरपूर रहा। विद्यार्थियों ने न सिर्फ संस्थान के बारे में जाना बल्कि अपने जीवन के लक्ष्यों को पाने की दिशा में पहला कदम भी मजबूती से बढ़ाया। अंकुर वारिकू जैसे वक्ता की मौजूदगी ने इस आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया।
दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरागत रूप से दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। यह क्षण छात्रों और अभिभावकों के लिए आस्था और शिक्षा के संगम जैसा प्रतीत हुआ।
एनआईईटी के डायरेक्टर डॉ. विनोद एम. कापसे ने अपने स्वागत उद्बोधन में संस्थान की विशेषताओं, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। वहीं रजिस्ट्रार डॉ. के.पी. सिंह ने विद्यार्थियों का संस्थान के विभिन्न विभागाध्यक्षों और पोर्टफोलियो होल्डर्स से परिचय कराया, ताकि नए छात्रों को अपनी शैक्षणिक यात्रा में सुगमता मिले।
अंकुर वारिकू का प्रेरणादायी संबोधन – “शुरुआत कहीं से भी हो, जरूरी है शुरुआत करना”
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और ऊर्जा से भर देने वाला क्षण तब आया जब मंच पर पहुंचे अंकुर वारिकू। अपने अंदाज़ में उन्होंने विद्यार्थियों से कहा –
“हम अपने जीवन में कहीं से भी शुरुआत करें, यह मायने नहीं रखता। असल मायने यह रखता है कि हम शुरुआत करें। कोई भी व्यक्ति सबकुछ जानकर पैदा नहीं होता, सीखना और आगे बढ़ना ही जीवन का सार है। असफलता हमें विचलित कर सकती है, पर वही हमें आगे के लिए मजबूत भी बनाती है।”
उन्होंने छात्रों को समझाया कि गलतियाँ करना स्वाभाविक है, लेकिन उनसे सीखकर आगे बढ़ना ही सफलता का मंत्र है। साथ ही उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी को अपनी क्षमताओं की पहचान, सही मूल्यांकन और निर्णय लेने की कला पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उनके इस संबोधन ने विद्यार्थियों को न केवल प्रेरित किया बल्कि उन्हें जीवन और करियर की राह में आने वाली चुनौतियों का सामना करने का हौसला भी दिया।
मेंटर्स और विशिष्ट अतिथियों का मार्गदर्शन
एनआईईटी के मेंटर श्री अशोक सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा “विद्यार्थी किसी भी देश का भविष्य होते हैं। देश की प्रगति और विकास आप जैसे युवाओं पर निर्भर है। आपको अपने कर्म और ज्ञान से समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देना होगा।”
वहीं प्रख्यात पत्रकार विचित्रमणि सिंह राठौड़ ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका का एहसास कराते हुए कहा कि हर विद्यार्थी को अपने देश के प्रति कर्तव्यों को याद रखना चाहिए।
डॉ. नीमा अग्रवाल (एडिशनल मैनेजिंग डायरेक्टर) ने कहा “आपके अंदर अनंत संभावनाएँ छिपी हुई हैं। यदि आप लगन और मेहनत से पढ़ाई करेंगे तो निश्चित ही सफलता आपके कदम चूमेगी। हम आपको भरोसा दिलाते हैं कि एनआईईटी आपके हर सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
“कर्म ही पूजा है” – डॉ. ओ.पी. अग्रवाल का संदेश
मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. ओ.पी. अग्रवाल ने विद्यार्थियों को कर्म के महत्व पर जोर देते हुए कहा “मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। जब हम सच्चाई और ईमानदारी से अपने कार्य को करते हैं, तो असफलता की कोई गुंजाइश ही नहीं रहती। मैंने जीवन भर कर्म को ही अपनी पूजा माना है और आपसे भी यही अपेक्षा करता हूँ।” उनके ये शब्द छात्रों के लिए जीवन भर की सीख साबित हुए।
डॉ. सरोजिनी अग्रवाल का मातृवत आशीर्वाद
संस्थान की चेयरपर्सन डॉ. सरोजिनी अग्रवाल ने विद्यार्थियों को मातृवत संबोधित करते हुए कहा “आपके मन में नई उमंगें और सपने हैं। हम वादा करते हैं कि आपकी हर उम्मीद को पूरा करने में हम पूरी तरह सहयोग करेंगे। लेकिन याद रखिए, आपका कर्तव्य सिर्फ अपने करियर तक सीमित नहीं है बल्कि राष्ट्र और समाज के उत्थान में भी है। मेहनत और ईमानदारी से आप न केवल अपने लिए बल्कि पूरे देश के लिए मानक स्थापित कर सकते हैं।”
धन्यवाद और समापन
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. अनिल कुमार अहलावत (डायरेक्टर, एकेडमिक्स) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और उम्मीद जताई कि सभी नवप्रवेशित छात्र अपने जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करेंगे।



