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Samsara School News : “बैज, जिम्मेदारी और लीडरशिप का महाकुंभ!”, समसारा विद्यालय में अलंकरण समारोह बना अनुशासन, नेतृत्व और युवा शक्ति का भव्य उत्सव, दीप प्रज्वलन से शुरू हुआ गरिमामयी समारोह, लेफ्टिनेंट कर्नल योगेंद्र सिंह ने छात्रों को दिया नेतृत्व और अनुशासन का मंत्र, तान्वी सिंह बनीं स्कूल कैप्टन

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा का समसारा विद्यालय एक बार फिर ऊर्जा, अनुशासन, नेतृत्व और युवा प्रतिभा के अद्भुत संगम का साक्षी बना, जब विद्यालय में सत्र 2026-27 के लिए भव्य अलंकरण समारोह (Investiture Ceremony) का आयोजन किया गया। यह समारोह केवल बैज पहनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह विद्यार्थियों के भीतर नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना जागृत करने वाला प्रेरणादायी आयोजन बन गया। पूरे विद्यालय परिसर में उत्साह, गौरव और अनुशासन का वातावरण देखने को मिला।
समारोह की शुरुआत पारंपरिक और भारतीय संस्कृति की गरिमा के अनुरूप दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद समसारा विद्यालय के संस्थापक श्री ताराचंद शास्त्री जी को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत समूह गीत ने पूरे वातावरण को प्रेरणादायी और भावनात्मक बना दिया। समारोह में उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने तालियों की गूंज के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

“नेतृत्व पद नहीं, जिम्मेदारी है” — मुख्य अतिथि ने दिया प्रेरणादायी संदेश
इस विशेष समारोह के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट कर्नल योगेंद्र सिंह जी रहे। उनका आगमन विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि—
“अनुशासन ही नेतृत्व की पहली सीढ़ी है। जो विद्यार्थी आज विद्यालय में जिम्मेदारी निभाना सीखते हैं, वही कल समाज और देश का नेतृत्व करते हैं।”
उन्होंने विद्यार्थियों को ईमानदारी, समय पालन, अनुशासन और टीम भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि नेतृत्व केवल आदेश देने का नाम नहीं, बल्कि दूसरों के लिए उदाहरण बनने की प्रक्रिया है।

बैज पहनते ही चमक उठे छात्रों के चेहरे, जिम्मेदारी का हुआ एहसास
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण और भावुक क्षण वह रहा जब चयनित स्टूडेंट काउंसिल के सदस्यों को बैज प्रदान किए गए। मंच पर जब एक-एक छात्र को जिम्मेदारी का प्रतीक बैज पहनाया गया तो उनके चेहरों पर गर्व, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी का भाव साफ दिखाई दिया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. शालिनी प्रसाद ने सभी चयनित छात्र प्रतिनिधियों को शपथ दिलाई। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि—
“नेतृत्व का अर्थ केवल अधिकार प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने साथियों के लिए आदर्श बनना है। आप सभी विद्यालय की पहचान और अनुशासन के प्रतिनिधि हैं।”

तान्वी सिंह बनीं स्कूल कैप्टन, नंदिनी और प्रियम को भी बड़ी जिम्मेदारी
समारोह में सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण पदों की घोषणा की गई। विद्यालय ने इस वर्ष जिन विद्यार्थियों को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी, उनमें— तान्वी सिंह को स्कूल कैप्टन चुना गया
नंदिनी उपाध्याय को डिसिप्लिन कैप्टन की जिम्मेदारी मिली
अलंकृत प्रियम को स्पोर्ट्स कैप्टन नियुक्त किया गया
इसके अलावा विभिन्न हाउसों के हाउस कैप्टन और वाइस हाउस कैप्टन का भी चयन किया गया। चयनित छात्रों ने विद्यालय के अनुशासन, गरिमा और उत्कृष्टता को बनाए रखने का संकल्प लिया।

नुक्कड़ नाटक ने जीता दिल, “छात्र सशक्तिकरण” का दिया संदेश
अलंकरण समारोह के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत “छात्र सशक्तिकरण” विषय पर आधारित नुक्कड़ नाटक ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों ने शिक्षा, आत्मविश्वास, सामाजिक जिम्मेदारी और युवा शक्ति का संदेश दिया।
नाटक में दिखाया गया कि यदि विद्यार्थियों को सही दिशा, अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वे समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं। दर्शकों ने इस प्रस्तुति की जमकर सराहना की।

“द पोस्ट” का भी हुआ भव्य उद्घाटन
समारोह के दौरान समसारा विद्यालय की सत्र 2025-26 की “द पोस्ट” पत्रिका का भी औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस पत्रिका में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा, साहित्यिक अभिव्यक्ति, उपलब्धियां और विद्यालय की प्रमुख गतिविधियों को स्थान दिया गया है।
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि “द पोस्ट” केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सोच, रचनात्मकता और कल्पनाशीलता का आईना है।

कर्नल ज्ञान सिंह तोमर ने दी जिम्मेदारी निभाने की सीख
इस अवसर पर समसारा विद्यालय के डायरेक्टर अकादमी एंड सिस्टम कर्नल ज्ञान सिंह तोमर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने सभी चयनित छात्र प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि—“नेतृत्व वही सफल होता है जिसमें सेवा की भावना हो। आप सभी विद्यार्थियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए।”
उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों और अभिभावकों की भी सराहना की, जिनके सहयोग से विद्यार्थियों में नेतृत्व और संस्कार दोनों विकसित हो रहे हैं।

समसारा विद्यालय बना नेतृत्व और संस्कार का केंद्र
अलंकरण समारोह ने यह साबित कर दिया कि समसारा विद्यालय केवल शैक्षणिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और नैतिक मूल्यों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान देता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ अपने कर्तव्यों को निभाने का संकल्प लिया।
समारोह ने बच्चों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना भर दी। उपस्थित अभिभावकों ने भी विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं।

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