NTPC News : “रंग, रस और रिश्तों का महाकुंभ!”, एनटीपीसी दादरी के आनंद मेला–2026 में उमड़ा उत्साह, टाउनशिप बनी उत्सव नगरी, “पारंपरिक मेला” थीम ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा, स्वाद का जादू और रंगों की बहार, बच्चों से बुजुर्गों तक, हर कोई रहा उत्साहित

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। शनिवार का दिन NTPC के Dadri टाउनशिप के लिए किसी त्योहार से कम नहीं रहा। रंगों, स्वाद और परंपरा का अद्भुत संगम बने “आनंद मेला–2026” ने पूरे परिसर को जीवंत कर दिया। के.वी. ग्राउंड में आयोजित इस भव्य मेले में हर उम्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और चारों ओर खुशियों की गूंज सुनाई दी।यह आयोजन Jagriti Samaj के तत्वावधान में किया गया, जिसने एक बार फिर सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का शानदार उदाहरण पेश किया।
भव्य शुभारंभ के साथ शुरू हुआ उत्सव मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि A.K. Mishra, मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रमुख (एनटीपीसी दादरी) द्वारा पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।इसके बाद जागृति समाज की सदस्याओं ने केक काटकर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। जैसे ही नीले और सफेद गुब्बारे आसमान में छोड़े गए, पूरा माहौल उल्लास और उत्साह से भर गया। यह दृश्य टाउनशिप के निवासियों के लिए यादगार पल बन गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस आयोजन में एनटीपीसी के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें Sanjay Kumar, G.C. Tripathi, N. Srinivas, Saroj Kumar और Anjali Anand प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इनके साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जागृति समाज की सदस्याएं और बड़ी संख्या में टाउनशिप निवासी भी इस मेले के साक्षी बने। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
“पारंपरिक मेला” थीम ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा
इस वर्ष मेले की थीम “पारंपरिक मेला: रंगों की बहार, परंपरा का स्वाद” रखी गई थी, जो पूरे आयोजन में साफ झलक रही थी।
मेले में भारतीय संस्कृति की विविधता को दर्शाने के लिए पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प और लोक कला से जुड़े कई आकर्षक स्टॉल लगाए गए। हर स्टॉल अपनी अलग पहचान और खासियत के कारण लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था।
स्वाद का जादू और रंगों की बहार
मेले में लगे फूड स्टॉल्स पर लोगों की सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली। पारंपरिक भारतीय व्यंजनों की खुशबू पूरे मैदान में फैल रही थी, जिसने हर किसी को लुभा लिया।
इसके अलावा हस्तशिल्प और सजावटी वस्तुओं के स्टॉल्स ने भी लोगों का ध्यान खींचा। रंग-बिरंगी सजावट और रचनात्मकता ने मेले को एक जीवंत प्रदर्शनी का रूप दे दिया।
बच्चों से बुजुर्गों तक, हर कोई रहा उत्साहित
आनंद मेला–2026 की खास बात यह रही कि इसमें हर उम्र के लोगों के लिए कुछ न कुछ खास था। बच्चों के लिए खेल और मनोरंजन के साधन थे, तो वहीं बुजुर्गों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक माहौल ने पुरानी यादें ताजा कर दीं।
युवाओं ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे और अधिक रंगीन बना दिया।
रचनात्मकता और सहभागिता की झलक
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और प्रतिभागियों की रचनात्मकता की सराहना की।
टाउनशिप निवासियों की सक्रिय भागीदारी ने इस मेले को खास बना दिया। हर किसी ने अपने-अपने तरीके से योगदान देकर इस आयोजन को सफल और यादगार बनाया।
सामुदायिक एकता का प्रतीक बना मेला
आनंद मेला केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि यह टाउनशिप के लोगों के बीच आपसी जुड़ाव और एकता का प्रतीक बनकर उभरा।
इसने यह साबित कर दिया कि जब लोग एक साथ मिलकर उत्सव मनाते हैं, तो वह आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक यादगार अनुभव बन जाता है।
यादों में बस गया आनंद मेला–2026
रंग-बिरंगे स्टॉल, स्वादिष्ट व्यंजन, सांस्कृतिक माहौल और लोगों की मुस्कान — इन सबने मिलकर आनंद मेला–2026 को एक अविस्मरणीय आयोजन बना दिया।
यह मेला आने वाले वर्षों के लिए एक मिसाल बन गया है, जो न केवल मनोरंजन बल्कि सांस्कृतिक विरासत को संजोने का भी कार्य करता है।



