Sharda University News : “बच्चों की मुस्कान के नाम… शारदा यूनिवर्सिटी का दंत जागरूकता अभियान 2.0 बना ग्रेटर नोएडा का सुपरहिट हेल्थ फेस्ट!”, रंग-बिरंगे टूथब्रश से बच्चों की झोली भर गई, दंत विशेषज्ञों ने बताए स्वस्थ मुस्कान के सुपर सीक्रेट्स

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। बच्चों की मुस्कान को और भी चमकदार बनाने के मिशन पर निकले शारदा स्कूल ऑफ डेंटल साइंस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि दंत स्वास्थ्य सिर्फ चिकित्सा नहीं, बल्कि समाजिक जागरूकता का एक बड़ा अभियान है।
जी.डी. गोएनका पब्लिक स्कूल, ग्रेटर नोएडा में आयोजित अवेयरनेस कैंप 2.0 ने स्वास्थ्य जागरूकता का ऐसा माहौल बनाया कि पूरा स्कूल मानो “हेल्दी स्माइल कार्निवल” बन गया।
27 नवंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला यह कैंप सिर्फ एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं था, बल्कि बच्चों के लिए ज्ञान, जागरूकता और मजेदार सीख का एक भव्य आयोजन साबित हुआ।
कैंप 2.0 की थीम — “हर बच्चा करे मुस्कान से प्यार, दांतों की देखभाल बने दैनिक व्यवहार”
बाल चिकित्सा एवं निवारक दंत चिकित्सा विभाग की प्रमुख डॉ. धीरजा गोयल, जिन्होंने पूरे कैंप का नेतृत्व किया, ने बताया कि “बच्चों की दंत जांच केवल एक प्रक्रिया नहीं; बल्कि भविष्य में होने वाली बड़ी दंत समस्याओं से बचाव का पहला कदम है।”
मोबाइल डेंटल वैन के माध्यम से हर बच्चे की व्यक्तिगत दंत जांच की गई
दांत और मसूड़ों की स्थिति का विस्तृत अवलोकन हुआ
बच्चों को उनके दंत स्वास्थ्य के हिसाब से तत्काल सलाह दी गई
कैंप में बच्चों का उतना ही उत्साह देखने को मिला जितना किसी खेल प्रतियोगिता में। छोटे-छोटे बच्चों की कतारें, दंत चिकित्सकों की मुस्कान, और रंग-बिरंगे ब्रश-पेस्ट का कॉम्बो पूरे कैंप को बच्चों के लिए “दंत शिक्षा का मेगा फेस्ट” बना गया।
बच्चों को मिली रंग-बिरंगी खुशियां — टूथब्रश और टूथपेस्ट का हेल्थ हेम्पर
कैंप की सबसे आकर्षक खासियत थी—बच्चों को दिए गए रंग-बिरंगे टूथब्रश और टूथपेस्ट, जिन्हें पाकर बच्चे बेहद उत्साहित हुए।
इसके साथ ही डॉक्टरों ने उन्हें सही ब्रशिंग तकनीक का लाइव डेमो भी दिखाया।
दांतों की सफाई कैसे करें
कितनी देर ब्रश करें
किस दिशा में ब्रश चलाना चाहिए
जीभ की सफाई क्यों ज़रूरी है
हर बच्चे ने बड़े ध्यान से इस डेमो को देखा और हर कदम को समझकर दोहराया।
“सही ब्रशिंग ही स्वस्थ जीवन की पहली सीढ़ी”— डॉ. धीरजा गोयल
डॉ. गोयल ने अपने संदेश में कहा— “बच्चों में दांतों की कैविटी बहुत तेजी से बढ़ती है। सही समय पर जांच, सही ब्रशिंग और सही खानपान ही आगे चलकर बड़ी दंत समस्याओं का समाधान है। इस कैंप का उद्देश्य दांतों की सुरक्षा को बच्चों की दैनिक आदत बनाना है।”
उन्होंने यह भी बताया कि मोबाइल डेंटल वैन इस तरह के कैंप्स को और भी प्रभावी बनाती है क्योंकि बच्चे बहुत सहजता से जांच करवाते हैं।
‘मुंह स्वस्थ तो शरीर स्वस्थ’— डेंटल स्कूल के डीन डॉ. हेमंत की विशेष सलाह
स्कूल ऑफ डेंटल साइंसेज के डीन डॉ. हेमंत ने कहा कि दांत सिर्फ खाने के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
उन्होंने बच्चों और शिक्षकों को विस्तार से समझाया—
अगर मुंह की सफ़ाई नहीं, तो ये समस्याएं पक्की—दांतों में पीलापन
प्लाक जमना
मसूड़ों में सूजन
मुंह से बदबू आना
दांतों की सड़न
जीभ पर सफेद परत
खाने में दर्द या असुविधा
डॉ. हेमंत ने साफ कहा—
“जो भी हम खाते हैं, वह सबसे पहले मुंह से होकर पेट में जाता है। अगर मुंह ही अस्वच्छ हो तो शरीर का बाकी हिस्सा कब तक स्वस्थ रहेगा?”
उनका यह सरल लेकिन प्रभावी संदेश बच्चों पर गहरा प्रभाव छोड़ गया।
कैंप की सफलता में योगदान देने वाली टीम— असली हीरो डॉक्टरों की टीम
अवेयरनेस कैंप 2.0 की सफलता सिर्फ आयोजन से नहीं, बल्कि उस पूरी टीम से है जिसने इसे बारीकी से संभाला।
कैंप में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले डॉक्टर:
डॉ. तमन्ना
डॉ. जस्टिना नाओरेम
डॉ. मानसी भाटी
डॉ. वान्या शर्मा
इन सभी डॉक्टरों ने बच्चों की जांच
रिकॉर्डिंग
अवेयरनेस सेशन
ब्रशिंग डेमो
हेल्थ टॉक्स
कैंप मैनेजमेंट
हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्कूल और यूनिवर्सिटी दोनों की ओर से इस टीम की सराहना की गई।
जी.डी. गोएनका पब्लिक स्कूल बनेगा दंत स्वास्थ्य जागरूकता का मॉडल स्कूल
स्कूल प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के कैंप बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद ज़रूरी हैं।
इस आयोजन के बाद स्कूल ने यह भी प्रस्ताव रखा कि हर साल इस तरह की हेल्थ स्क्रीनिंग करवाई जाएगी
बच्चों को हर महीने ओरल हेल्थ टिप्स दिए जाएंगे
स्कूल में हेल्दी टीथ वीक भी आयोजित किया जाएगा
अवेयरनेस कैंप 2.0 क्यों था खास? — मुख्य आकर्षण
मोबाइल डेंटल वैन की उन्नत जांच सुविधा
डॉक्टरों का बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार
रंगीन ब्रश-पेस्ट गिफ्ट
सही ब्रशिंग तकनीक का लाइव प्रदर्शन
मौखिक स्वच्छता पर छोटी-छोटी लेकिन महत्वपूर्ण जानकारियाँ
5 घंटे तक चला हेल्थ एंड अवेयरनेस मेगा फेस्ट
100% बच्चों की भागीदारी
यह कैंप साबित करता है कि शारदा यूनिवर्सिटी सिर्फ शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि समाजिक जागरूकता और हेल्थ केयर में भी अग्रणी है।
बच्चों ने सीखा, मुस्कुराए और अपने दांतों से किया वादा!
अवेयरनेस कैंप 2.0 केवल एक कैंप नहीं, बल्कि बच्चों की सेहत को समर्पित एक बड़ा विचार था।
बच्चों ने न सिर्फ जांच करवाई, बल्कि यह वादा भी किया कि—
“अब रोज सुबह-शाम ब्रश करेंगे, जीभ साफ करेंगे और दांतों को चमकदार बनाए रखेंगे।” यह कैंप आने वाले समय में ओरल हेल्थ अवेयरनेस का एक बेहतरीन मॉडल साबित हो सकता है।



