ग्रेटर नोएडा वेस्टअथॉरिटीआम मुद्देग्रेटर नोएडा

Eros Sampurnam News : ईरोज सम्पूर्णम में दूसरी बार गूंजा विरोध का स्वर, धक्का-मुक्की, पुलिस की चेतावनी और निवासियों का बढ़ता आक्रोश, सेल्स टीम भी उतरी समर्थन में, पिछले हफ्ते सौंपा गया था ज्ञापन, प्रबंधन ने ठुकरा दिया

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की चर्चित सोसायटी ईरोज सम्पूर्णम में निवासियों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा। बीते रविवार को यहाँ लगातार दूसरे सप्ताह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हुआ। विरोध का कारण है – सोसायटी प्रबंधन द्वारा लगाए गए VCAM चार्ज, डीजल जनरेटर से बिजली की समस्या, पानी की कमी, और खस्ताहाल मेंटेनेंस सेवाएं।

जहाँ एक ओर निवासियों ने अपनी समस्याओं को आवाज़ देने के लिए एकजुट होकर प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर प्रबंधन की कथित तानाशाही रवैये ने इस विवाद को और उग्र बना दिया।

यह घटना केवल एक सोसायटी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाउसिंग सोसायटियों की समस्याओं को भी उजागर करती है। अव्यवस्थित मेंटेनेंस, मनमाने चार्ज और बुनियादी सुविधाओं की कमी अब निवासियों के धैर्य की परीक्षा ले रही है।

ईरोज सम्पूर्णम का यह संघर्ष आने वाले दिनों में शायद अन्य सोसायटियों के लिए भी प्रेरणा बने।

पिछले हफ्ते सौंपा गया था ज्ञापन – प्रबंधन ने ठुकरा दिया

निवासियों ने पिछले सप्ताह ही एक ज्ञापन एस्टेट मैनेजर बाबिश कुमार को सौंपा था, जिसमें सभी मुख्य समस्याओं और समाधान की मांग रखी गई थी। लेकिन, आशा के विपरीत, ईरोज मैनेजमेंट ने इस ज्ञापन को सिरे से खारिज कर दिया।

यही कारण है कि दूसरी बार भी भारी संख्या में निवासी – जिनमें वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और युवा शामिल रहे – सड़क पर उतर आए और अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन का नया मोर्चा – सेल्स ऑफिस भी बना रणभूमि

इस बार प्रदर्शन केवल बाहर तक सीमित नहीं रहा। निवासी ईरोज के सेल्स ऑफिस के अंदर और बाहर दोनों जगह पहुंचे ताकि उनकी आवाज़ सीधे उच्च प्रबंधन तक पहुँचे।

माहौल तब और बिगड़ा जब एस्टेट मैनेजर बाबिश कुमार ने सिक्योरिटी गार्ड्स और बाउंसर की मदद से निवासियों को धक्का देने और रोकने की कोशिश की। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कई महिलाएं और बुजुर्ग बेहद आहत हुए।

पुलिस को करनी पड़ी हस्तक्षेप

बिगड़ते हालात को देखकर निवासियों ने तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया।

पुलिस ने एस्टेट मैनेजर बाबिश को सख्त चेतावनी दी कि –
भविष्य में किसी भी निवासी पर बल प्रयोग न किया जाए।
विवाद का समाधान सीनियर मैनेजमेंट (नेहरू प्लेस स्थित कॉरपोरेट ऑफिस) से तत्काल निकाला जाए।

साथ ही पुलिस ने निवासियों से भी आग्रह किया कि इस घटना की लिखित शिकायत पुलिस चौकी में दर्ज कराई जाए ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

सेल्स टीम भी उतरी समर्थन में

रोचक बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ईरोज सेल्स टीम के प्रमुख राकेश रंजन सिंह और उनकी टीम ने निवासियों का समर्थन किया। उन्होंने एकजुटता दिखाते हुए सेल्स ऑफिस का कामकाज रोक दिया।

यह कदम निवासियों के लिए हौसला बढ़ाने वाला साबित हुआ और विरोध की गूंज और तेज़ हो गई।

निवासियों की चेतावनी – जारी रहेगा शांतिपूर्ण आंदोलन

प्रदर्शन के दौरान निवासियों ने साफ कर दिया –
“जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हमारा शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा।”

उन्होंने मीडिया, पुलिस और सोशल मीडिया के समक्ष यह भी घोषित किया कि अगर एक सप्ताह के भीतर समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाला विरोध 27 जुलाई (रविवार) को और व्यापक स्तर पर किया जाएगा।

एकता का बिगुल – बदलाव की ओर कदम

ईरोज सम्पूर्णम की इस जंग ने यह साबित कर दिया कि जब निवासी एकजुट होते हैं, तो बड़ी से बड़ी प्रबंधन कंपनियों को भी झुकना पड़ता है।

इस विरोध की सबसे बड़ी ताकत रही सोसायटी की एकता। वरिष्ठ नागरिकों से लेकर युवाओं और महिलाओं तक, हर कोई इसमें शामिल होकर अपने हक़ के लिए आवाज़ बुलंद कर रहा है। यह घटना केवल एक सोसायटी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाउसिंग सोसायटियों की समस्याओं को भी उजागर करती है। अव्यवस्थित मेंटेनेंस, मनमाने चार्ज और बुनियादी सुविधाओं की कमी अब निवासियों के धैर्य की परीक्षा ले रही है।

ईरोज सम्पूर्णम का यह संघर्ष आने वाले दिनों में शायद अन्य सोसायटियों के लिए भी प्रेरणा बने।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button