Noida Illegal Farmhouse News : “अब नहीं बचेगा अवैध साम्राज्य!”, नोएडा प्राधिकरण की सख्त चेतावनी, हिंडन-यमुना डूब क्षेत्र में अवैध फार्म हाउस और कॉलोनियों पर बुलडोज़र की तैयारी तेज!, भूमाफियाओं में मचा हड़कंप, “बुलडोजर” के डर से खुद हटाए जा रहे निर्माण, सीईओ लोकेश एम का सख्त संदेश “अब चलेगा एक्शन का बुलडोज़र”, हरित क्षेत्र को बचाने का संकल्प, बनेगा “Eco-Friendly Green Zone”

नोएडा, रफ़्तार टुडे। नोएडा में अब अवैध कब्जाधारियों की खैर नहीं! हिंडन और यमुना नदी के डूब क्षेत्रों (Flood Zones) में अवैध रूप से बन रहे Farm Houses, प्लॉटिंग और कॉलोनियों पर जल्द ही बड़ा अभियान चलने जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण ने इस बार बेहद सख्त रुख अपनाया है।
सीईओ डॉ. लोकेश एम ने जिलाधिकारी मेधा रूपम को एक पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं — “डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
डूब क्षेत्र में ‘फार्म हाउस साम्राज्य’ का फैलता नेटवर्क
हिंडन और यमुना नदी के किनारे, जहां एक ओर हरियाली और पारिस्थितिकी का संरक्षण होना चाहिए, वहीं दूसरी ओर भूमाफियाओं का कब्ज़ा बढ़ता जा रहा है।
प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार,
वर्ष 2022 में जहाँ लगभग 1000 फार्म हाउस दर्ज थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 2000 से अधिक हो गई है!
छिजारसी से बहलोलपुर तक, हिंडन नदी के किनारे अवैध कॉलोनियों की भरमार हो चुकी है।
इन इलाकों में गुपचुप तरीके से प्लॉटिंग, RCC निर्माण और बोरवेल खुदवाने जैसे कार्य जारी हैं।
यह पूरा क्षेत्र Flood-Prone Zone यानी “डूब क्षेत्र” के रूप में चिह्नित है, जहां किसी भी तरह का स्थायी निर्माण कानूनन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, भू-माफिया यहां करोड़ों के फार्म हाउस और रिसॉर्ट बना रहे हैं।
सीईओ लोकेश एम का सख्त संदेश — “अब चलेगा एक्शन का बुलडोज़र”
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने कहा कि यह डूब क्षेत्र पर्यावरण के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील है।
उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि “यदि इन क्षेत्रों को अब भी अनियोजित तरीके से विकसित होने दिया गया, तो आने वाले वर्षों में यह न केवल बाढ़ का बड़ा कारण बनेगा, बल्कि नोएडा का हरित क्षेत्र भी समाप्त हो जाएगा।”
सीईओ ने जिलाधिकारी को सुझाव दिया है कि एसडीएम की अध्यक्षता में एक संयुक्त टास्क फोर्स (Joint Task Force) बनाई जाए।
इस टास्क फोर्स में सिंचाई विभाग, पुलिस प्रशासन और प्राधिकरण के अधिकारी शामिल होंगे, जो एक साथ कार्रवाई करेंगे।
हरित क्षेत्र को बचाने का संकल्प – बनेगा “Eco-Friendly Green Zone”
नोएडा प्राधिकरण का उद्देश्य अब इन क्षेत्रों को Eco-Friendly Green Development Zone के रूप में विकसित करना है।
इसमें जैव-विविधता पार्क, हरित पट्टी, वर्षा जल संरक्षण परियोजनाएं और सार्वजनिक उद्यान जैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। प्राधिकरण का कहना है कि यदि इस दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में नोएडा-ग्रेटर नोएडा का Green Cover खतरनाक स्तर तक घट जाएगा।
भूमाफियाओं में मचा हड़कंप – “बुलडोजर” के डर से खुद हटाए जा रहे निर्माण
प्राधिकरण के इस कदम से भूमाफियाओं और अवैध कॉलोनाइज़र्स में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, कई जगहों पर कब्जाधारी खुद ही दीवारें और शेड हटाने लगे हैं ताकि प्रशासन की बुलडोज़र कार्रवाई से बचा जा सके।
कई बिल्डरों ने ‘फेक फार्म हाउस सेल’ के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये वसूले थे, जो अब जांच के घेरे में हैं। प्राधिकरण की रिपोर्ट में ऐसे 30 से अधिक बड़े नेटवर्क की पहचान की गई है जो फ्लड ज़ोन में अवैध बिक्री कर रहे थे।
जनता की गाढ़ी कमाई दांव पर – प्रशासन ने दी चेतावनी
प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि डूब क्षेत्र में भूमि खरीदने वाले कई लोग अपनी Hard-Earned Money से ठगे जा रहे हैं।
इन अवैध प्रोजेक्ट्स में रजिस्ट्री नहीं होती, न कोई प्राधिकरण स्वीकृति।
इसलिए भविष्य में ऐसे प्रोजेक्ट्स में निवेश करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोएडा प्राधिकरण ने नागरिकों को आगाह किया है कि “किसी भी फार्म हाउस, कॉलोनी या प्लॉटिंग में निवेश करने से पहले प्राधिकरण की अनुमति अवश्य जांचें। डूब क्षेत्र में कोई भी निर्माण अवैध है और कभी भी ध्वस्त किया जा सकता है।”
हिंडन-यमुना क्षेत्र की पर्यावरणीय अहमियत
यमुना और हिंडन नदियों का क्षेत्र नोएडा का प्राकृतिक बफर ज़ोन है, जो बाढ़ नियंत्रण, जल संरक्षण और वायु शुद्धिकरण में बड़ी भूमिका निभाता है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि “यदि इन क्षेत्रों में अंधाधुंध निर्माण जारी रहा, तो नदियों की जलधारा बाधित होगी और मानसून में बड़े स्तर पर बाढ़ आने की संभावना बढ़ जाएगी।”
नोएडा प्राधिकरण की नई पहल इस दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
अब चलेगा “कानून का हथौड़ा” – सख्त एक्शन की रूपरेखा तैयार
प्राधिकरण ने तय किया है कि अगले कुछ हफ्तों में संयुक्त सर्वेक्षण (Joint Survey) कराया जाएगा।
इस सर्वे के आधार पर अवैध निर्माणों की सूची तैयार कर,
पहले नोटिस जारी होंगे,
फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही संबंधित व्यक्तियों पर FIR और प्रॉपर्टी सीज़ करने की प्रक्रिया भी शुरू होगी।
प्राधिकरण के अनुसार, इस अभियान में ड्रोन सर्वे, GIS Mapping और Satellite Imagery का उपयोग किया जाएगा ताकि किसी भी अवैध ढांचे को छोड़ा न जाए।
हरित नोएडा की दिशा में एक सख्त कदम
नोएडा प्राधिकरण का यह निर्णय केवल अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई नहीं, बल्कि शहर को पर्यावरणीय दृष्टि से सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
आने वाले समय में अगर यह अभियान सफल रहा, तो हिंडन और यमुना के किनारे हरी पट्टियों से सजे नोएडा का एक नया रूप देखने को मिल सकता है।
हिंडन और यमुना डूब क्षेत्र में 2000+ अवैध फार्म हाउस की पहचान
सीईओ ने जिलाधिकारी को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया
संयुक्त टास्क फोर्स गठित होगी: सिंचाई विभाग, पुलिस, प्राधिकरण साथ
भू-माफियाओं में हड़कंप, खुद हटाए जा रहे कब्जे
पर्यावरण बचाने की दिशा में “ग्रीन जोन डेवलपमेंट” की तैयारी



