Breaking Jewar News : “तिरंगे की लहर, कदमों की धमक और जेवर की गूंज—एकता पदयात्रा ने दिया जोरदार सामाजिक सद्भाव का संदेश, सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर जेवर से उठा ‘राष्ट्र एकता’ का बिगुल!”, हजारों लोगों की ऐतिहासिक भागीदारी, सुरेश राणा जोशीला संबोधन, सांसद डॉ महेश शर्मा बोले—“एकता ही जेवर की असली पहचान”

ग्रेटर नोएडा/जेवर । सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर जेवर क्षेत्र में आयोजित एकता पदयात्रा ने रविवार को कुछ ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया, जिसने क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में सामाजिक एकता और राष्ट्रभक्ति का नया संदेश प्रसारित किया। खेड़ा मोड़ से फलेदा तक निकली इस ऐतिहासिक यात्रा में हजारों श्रद्धालु, युवा, महिलाएँ, किसान, विद्यार्थी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
हाथों में फहराते तिरंगे, देशभक्ति के नारों की प्रतिध्वनि, और चारों ओर उमड़ा जनसैलाब—यह नज़ारा बता रहा था कि जेवर आज केवल एक शहर नहीं, बल्कि एकता और राष्ट्रहित की नई धुरी बन चुका है।
खेड़ा मोड़ से फलेदा तक—एकता की पदध्वनि से गूंजा रास्ता
सुबह होते ही वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग चुका था। जैसे ही पदयात्रा ने खेड़ा मोड़ से शुरूआत की, हजारों की भीड़ ने तिरंगे लहराते हुए एक नई ऊर्जा का संचार किया। ग्रामीणों ने अपने-अपने स्थानों पर पूरे उत्साह के साथ पदयात्रा का स्वागत किया।
यात्रा में बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक की भागीदारी देखने लायक थी। महिलाएँ पारंपरिक वेशभूषा में तिरंगा लिए चल रही थीं। कई किसान समूह ढोल-नगाड़ों के साथ यात्रा में शामिल हुए, जिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हजारों लोगों ने इस यात्रा में दिल खोलकर भाग लिया, वह बताता है कि जेवर विकास, सद्भाव और जनसहभागिता के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा “पदयात्रा सिर्फ यात्रा नहीं—यह एकता की वह मशाल है, जिसे जेवर ने आज और भी तेज़ किया है।”
पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा का संबोधन—‘एकता ही हमारी ताकत’
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने कहा “आज जेवर ने जो संदेश दिया है, वह सिर्फ एक क्षेत्र का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणादायक है। एकता ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है, और आज यह शक्ति जेवर की धरती पर साफ दिखाई दी।”
उन्होंने युवाओं की मौजूदगी पर विशेष जोर दिया और कहा कि देश का भविष्य तभी सुरक्षित है जब युवा एकजुट रहें और राष्ट्र के हित में कार्य करें।
सांसद डॉ. महेश शर्मा ने दी ऐतिहासिक एकता को सलाम
फलेदा में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा—
“सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर निकाली गई यह पदयात्रा, जेवर की भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की सबसे अनोखी मिसाल है। जिस तरह से किसानों, महिलाओं, विद्यार्थियों और युवाओं ने एकजुट होकर हिस्सा लिया, वह साबित करता है कि जेवर विकास और राष्ट्रहित के मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है।”
उन्होंने विधायक धीरेन्द्र सिंह की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी ऐतिहासिक यात्राएँ समाज को एक सूत्र में बांधती हैं और भारतीय संस्कृति की “एकता में शक्ति” की अवधारणा को और भी मजबूत करती हैं।
“जेवर एकता और विकास की नई मिसाल बन चुका है” — विधायक धीरेन्द्र सिंह
विधायक श्री धीरेन्द्र सिंह ने यात्रा को संबोधित करते हुए कहा“सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर जेवर की यह पदयात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जेवर की सामाजिक एकता और राष्ट्र भावना का जीवंत प्रतीक है। पूरा क्षेत्र एकजुट हो चुका है, और यह संदेश पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगा।”
यात्रा में हजारों की भीड़—जेवर बना एक साथ धड़कता विशाल परिवार
यात्रा में हजारों लोग एक साथ चलते हुए दिखाई दिए।
बुजुर्गों का आशीर्वाद
किसानों का उत्साह
युवाओं का जोश
छात्रों की भागीदारी
महिलाओं का गर्व
सब कुछ एक साथ मिलकर एक नए जेवर की तस्वीर खींच रहा था।
रास्ते भर कई स्थानों पर ग्रामीणों ने फूल बरसाए, पानी पिलाया, और देशभक्ति गीतों के साथ यात्रा का स्वागत किया।
सरदार पटेल की जयंती — ‘लौह पुरुष’ के विचारों को जीता जेवर
सरदार वल्लभभाई पटेल भारत को एक सूत्र में पिरोने वाले महानायक थे। उनकी 150वीं जयंती पर आयोजित यह पदयात्रा उनके आदर्शों—
एकता
अखंडता
राष्ट्र सेवा
सामाजिक समरसता
—को सच्ची श्रद्धांजलि कह सकती है।
यात्रा में शामिल लोग लगातार “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम” और “लौह पुरुष अमर रहें” जैसे नारे लगा रहे थे।

जेवर—प्रदेश में सामाजिक एकता का नया मॉडल?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक सोशल मॉडल के रूप में उभर रहा है।
जहां गांव–गांव से लोग जुड़े।
युवाओं ने नेतृत्व किया
किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया
और सभी जातियों–धर्मों ने मिलकर एक संदेश दिया—“एकता ही असली पहचान”
जेवर जिस तेजी से सामाजिक और राजनीतिक रूप से मज़बूत हो रहा है, वह पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक नई दिशा तय कर सकता है।
भव्य जनसभा—भावनाओं और विचारों का संगम
फलेदा में आयोजित विशाल जनसभा में हजारों लोग मौजूद थे। मंच पर नेताओं ने न सिर्फ सरदार पटेल के योगदान को याद किया, बल्कि जेवर के भविष्य के लिए विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को लेकर कई महत्वपूर्ण संकेत भी दिए।
जनसभा में गूंजता एक ही संदेश था—
“एकता ही प्रगति का आधार है।”
युवा बोले—आज पहली बार जेवर में ऐसा माहौल देखा
यात्रा में शामिल युवाओं ने कहा कि यह यात्रा उनके जीवन का यादगार क्षण रहा।
“आज ऐसा लग रहा था जैसे पूरा जेवर एक परिवार बन गया हो।”
“हम सरदार पटेल जैसे महापुरुषों को सम्मान देने का सही तरीका सीख रहे हैं।” “यह यात्रा हमें प्रेरणा देती है कि हम देश के लिए क्या कर सकते हैं।”
महिलाओं की सबसे बड़ी भागीदारी—समाज का बदलता चेहरा
यात्रा में महिलाओं की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
कई समूहों ने तिरंगे के साथ सांस्कृतिक झांकियां प्रस्तुत कीं
कई स्वयंसेविकाएँ व्यवस्था संभालती दिखीं
महिला किसान भी समूहों में यात्रा का हिस्सा बनीं
यह बताता है कि जेवर का समाज अब एक नई सोच और नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
“एकता की इस यात्रा ने जेवर को सिर्फ जोड़ा नहीं—बल्कि गौरवान्वित भी किया”
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित एकता पदयात्रा ने यह साबित कर दिया कि जेवर सिर्फ एक चुनावी क्षेत्र नहीं, बल्कि **एकता।



