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Breaking News : सीएम योगी से मिले ‘गोदान’ फिल्म के निर्माता-निर्देशक, ट्रेलर लांच, यथार्थ अस्पताल के सीएमडी डॉ. कपिल त्यागी भी रहे मौजूद

लखनऊ, रफ़्तार टूडे। गोमाता के संरक्षण, भारतीय संस्कृति में उसके महत्व और पंचगव्य आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण को केंद्र में रखकर बनी फिल्म ‘गोदान’ के निर्माता-निर्देशक ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर फिल्म का ट्रेलर भी लांच किया गया। फिल्म के निर्माता-निर्देशक ने कहा कि देश में गो-रक्षा को लेकर सबसे व्यापक, ठोस और जमीनी स्तर पर कार्य उत्तर प्रदेश में हुआ है, और इसके पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन और प्रतिबद्ध नेतृत्व है। इन्हीं कार्यों से प्रेरित होकर उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सत्ता संभालते ही प्रदेश में गो तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हुई। बड़े पैमाने पर गो तस्करों की गिरफ्तारी की गई और गो संरक्षण को शासन की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया। मुख्यमंत्री की गोवंश के प्रति संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते नौ वर्षों में प्रदेश में साढ़े सात हजार से अधिक गो आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं, जहां 12 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश को संरक्षण दिया जा चुका है। गो सेवा को और प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक जिले में गो संरक्षण समितियों का गठन किया गया है, जिनमें जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री को फिल्म की विषयवस्तु, उद्देश्य और सामाजिक संदेश से भी अवगत कराया गया। निर्माता विनोद चौधरी द्वारा निर्मित व निर्देशित फिल्म ‘गोदान’ 6 फरवरी को देशभर में एक साथ रिलीज होने जा रही है। उन्होंने बताया कि यह फिल्म केवल एक कहानी नहीं, बल्कि गोमाता के संरक्षण, भारतीय संस्कृति, वैज्ञानिक चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व का समग्र दस्तावेज है।

मुलाकात के दौरान निर्माता विनोद चौधरी ने कहा कि आज देश में गो-रक्षा के क्षेत्र में जो ठोस कार्य दिखाई दे रहा है, उसका सबसे बड़ा केंद्र उत्तर प्रदेश है। गोशालाओं का विस्तार, निराश्रित गोवंश की समुचित व्यवस्था, तस्करी पर सख्ती और गो संरक्षण को शासन की प्राथमिकता बनाना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही संभव हो पाया है।

उन्होंने कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा है। वैदिक काल से लेकर आज तक गाय भारतीय सभ्यता और कृषि व्यवस्था की आधार रही है। समुद्र मंथन से कामधेनु की प्राप्ति की कथा इस बात का प्रतीक है कि गाय भारतीय जीवन दर्शन में कितनी महत्वपूर्ण रही है।

फिल्म के माध्यम से नई पीढ़ी को गाय के महत्व से जोड़ने का प्रयास किया गया है। निर्माता ने कहा कि आज समाज में यह प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है कि दूध देने तक गाय को रखा जाता है और उसके बाद उसे छोड़ दिया जाता है, जबकि गोमाता का संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज और प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

फिल्म ‘गोदान’ में पंचगव्य से पंच परिवर्तन की अवधारणा को प्रमुखता से दर्शाया गया है। इसमें बताया गया है कि पंचगव्य किस प्रकार मानव जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। फिल्म में यह संदेश वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया गया है कि गाय के सान्निध्य से मानसिक शांति मिलती है, रक्तचाप संतुलित रहता है और अनेक स्वास्थ्य समस्याओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

निर्माता ने मुख्यमंत्री से फिल्म को टैक्स-फ्री किए जाने की अपेक्षा भी जताई। उनका कहना था कि यह फिल्म किसी एक वर्ग या समुदाय की नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक के लिए है और विशेष रूप से युवा पीढ़ी को यह फिल्म अवश्य देखनी चाहिए।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान विनोद चौधरी (निर्माता-निर्देशक), शांतनु शुक्ला (प्रचार-प्रसार प्रमुख), डॉ. कपिल त्यागी (सीएमडी, यथार्थ हॉस्पिटल, नोएडा) और नवल किशोर उपस्थित रहे।

इस अवसर पर गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि धरती, कृषि, प्रकृति और मानव जीवन के लिए गोमाता सबसे बड़ा आशीर्वाद हैं। प्रदेश में गो सेवा और संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए गए प्रबंध अभूतपूर्व हैं। गोमाता पर आधारित यह फिल्म समाज के हर वर्ग को सपरिवार देखनी चाहिए।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
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