Paramount Golf Foreste News : कुत्तों और बंदरों के कहर, कुत्तों और बंदरों के 'दोहरी आफत' से हलकान पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट निवासी, बिल्डर को चेतावनी – अगले शनिवार में मेंटेनेंस ऑफिस पर ताला लगेगा!, CBRE और पैरामाउंट बिल्डर को बताया जिम्मेदार

ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा स्थित पॉश हाउसिंग सोसाइटी पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में इन दिनों रहने वाले लोग दोहरी मुसीबत से जूझ रहे हैं। एक ओर कुत्तों का झुंड लोगों का रास्ता रोक रहा है तो दूसरी ओर बंदरों की टोली बालकनी से लेकर रसोई तक तांडव मचा रही है। इन परेशानियों से परेशान होकर सोसाइटीवासियों ने बिल्डर पैरामाउंट बिल्डर और मेंटेनेंस देखने वाली एजेंसी CBRE को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है — चेतावनी के साथ कि यदि समाधान नहीं हुआ तो अगले शनिवार से मेंटेनेंस ऑफिस पर ताला जड़ दिया जाएगा।
‘कभी काटे कुत्ते तो कभी बंदरों का हमला’ – दहशत में जी रहे लोग
पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसाइटी में बीते कुछ महीनों से आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोग घरों से बाहर निकलते समय डरते हैं। बच्चों का पार्क में खेलना लगभग बंद हो गया है और बुजुर्गों की सुबह-शाम की वॉक में भी बाधा आ रही है। महिलाओं को रसोई में भी खिड़कियां बंद रखनी पड़ रही हैं क्योंकि बंदर अचानक झपट्टा मार देते हैं।
सोसाइटी निवासी अशोक चौधरी ने बताया, “हमने कई बार बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी को इन समस्याओं से अवगत कराया है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसलिए हमने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि उन्हें एक सप्ताह का समय दे रहे हैं, उसके बाद आंदोलन तेज किया जाएगा।”
CBRE और पैरामाउंट ग्रुप के खिलाफ बढ़ा रोष
रहवासियों का आरोप है कि CBRE और पैरामाउंट मेंटेनेंस देख रहा बिल्डर ने समस्याओं के समाधान में गंभीरता नहीं दिखा रहे। जब सोसाइटी में प्रवेश के लिए गार्ड्स हैं, सीसीटीवी कैमरे हैं, तो फिर ये आवारा जानवर कैसे अंदर आ रहे हैं? क्यों इनका कंट्रोल नहीं हो पा रहा?
एडवोकेट गौरव शर्मा का कहना है, “किसी दिन कोई बच्चा या बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गया तो इसकी ज़िम्मेदारी किसकी होगी? हमने प्रशासन और पशुपालन विभाग को भी इस बारे में सूचित किया है, लेकिन सबसे पहले बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी की जवाबदेही बनती है।”
7 दिन का अल्टीमेटम, फिर होगा ‘ताला आंदोलन’
गौरव सिंह, जो सोसाइटी में एक्टिव नागरिकों में से एक हैं, ने स्पष्ट रूप से कहा, “हमने CBRE और पैरामाउंट को अल्टीमेटम दे दिया है। अगर एक हफ्ते के भीतर कोई कार्रवाई नहीं होती तो अगला शनिवार निर्णायक होगा। मेंटेनेंस ऑफिस को ताले लगाकर हम शांतिपूर्ण विरोध करेंगे।”
यह चेतावनी केवल शब्दों तक सीमित नहीं है। रविवार को आयोजित एक आम सभा में करीब 200 से अधिक निवासियों, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे शामिल थे, ने स्पष्ट रूप से इसका समर्थन किया।

जिम्मेदार नागरिकों की पहल से दिखा एकजुटता का उदाहरण
इस विरोध में जो नाम सामने आए, वे हैं –
अशोक चौधरी, रश्मि माथुर, सुंदर सिंह, एडवोकेट गौरव शर्मा, गौरव सिंह, मनीष पंवार, दीपक त्यागी, मनीषा पाल, सत्या प्रकाश, विभांशु भारद्वाज, पंकज कंबोज, मोहित कपूर, सौरभ सिंह, लवली मिश्रा, पुष्पेन्द्र, गोविंद पाल, प्रदीप पांडे सहित कई महिलाएं और दर्जनों लोग मौजूद थे।
इन सभी ने अपनी व्यक्तिगत व्यथा साझा करते हुए प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग की है।
CCTV में कैद हुए डरावने पल
सोसाइटी के कुछ निवासियों ने सीसीटीवी फुटेज भी साझा किए हैं जिसमें एक बंदर बालकनी में कूदकर किचन में दाखिल होता है और सामान बिखेर देता है। वहीं एक अन्य वीडियो में देखा गया कि दो आवारा कुत्ते बच्चों को डराते हुए पार्क में दौड़ाते हैं। ये दृश्य माता-पिता के लिए अत्यंत चिंता का कारण बने हुए हैं।
बिल्डर और CBRE का पक्ष अभी तक नहीं आया सामने
इस पूरे मामले में CBRE या पैरामाउंट बिल्डर की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। निवासियों का कहना है कि अब चुप्पी नहीं, समाधान चाहिए। इस मसले पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की भी नजर जरूरी है क्योंकि सुरक्षा और स्वच्छता, दोनों ही उनकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में आते हैं।
आखिरी उम्मीद – या फिर आंदोलन की राह
अब देखना होगा कि इस चेतावनी के बाद बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी कोई ठोस कदम उठाते हैं या नहीं। यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में अगला शनिवार विरोध का दिन होगा, और यह विरोध सिर्फ ताले तक सीमित नहीं रहेगा – सोशल मीडिया, प्राधिकरण और स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक ये आवाज़ पहुंचेगी।
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