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Noida Authority News : नोएडा में जलभराव का होगा स्थायी समाधान?, 31.39 करोड़ की ड्रेनेज परियोजना से सेक्टर-150 से 162 तक मिलेगी राहत, 12 सेक्टरों को मिलेगा सीधा लाभ, नोएडा प्राधिकरण और सिंचाई विभाग के बीच हुआ MOU, जलभराव से मिलेगी राहत, बीमारियों पर भी लगेगी रोक, CEO कृष्णा करुणेश बोले नोएडा को बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था और आधुनिक शहरी बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित करना है

नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश ने कहा, "सेक्टर-150 से 162 तक जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हमारी प्राथमिकता है। इस परियोजना को उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाएगी ताकि भविष्य में नागरिकों को मानसून के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। हमारा उद्देश्य नोएडा को बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था और आधुनिक शहरी बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित करना है।"

नोएडा, रफ़्तार टूडे। मानसून के दौरान सेक्टर-150 से सेक्टर-162 तक जलभराव की समस्या से जूझने वाले हजारों निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। नोएडा प्राधिकरण ने करीब 31.39 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी ड्रेनेज परियोजना को अमलीजामा पहनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। इस परियोजना के तहत बरसाती पानी की निकासी के लिए हिंडन नदी तक नया आरसीसी (RCC) नाला और रेगुलेटर बनाया जाएगा। परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के साथ एमओयू भी हो चुका है और पहली किस्त के रूप में 10.98 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

हर मानसून में बनती है बड़ी समस्या

सेक्टर-150 से 162 तक का इलाका पिछले कई वर्षों से बारिश के मौसम में जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। भारी बारिश के दौरान एक्सप्रेसवे के समानांतर ग्रीन बेल्ट, आंतरिक नालों और कई प्रमुख मार्गों पर पानी भर जाता है। इससे न केवल लोगों का आवागमन प्रभावित होता है, बल्कि सोसाइटियों के आसपास रहने वाले हजारों परिवारों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जलभराव के कारण पेड़ों की जड़ों को नुकसान पहुंचता है, नालों में गंदा पानी जमा होने से दुर्गंध फैलती है और डेंगू, मलेरिया जैसी जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इन समस्याओं को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने स्थायी समाधान की दिशा में यह महत्वपूर्ण परियोजना तैयार की है।

क्या है पूरी परियोजना?

नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-10 के अंतर्गत तैयार की गई इस योजना के तहत सेक्टर-150 से 162 तक एकत्र होने वाले बरसाती पानी को नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के समानांतर बने मुख्य नाले के माध्यम से हिंडन नदी तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए सेक्टर-150 स्थित एटीएस प्रिस्टीन सोसाइटी के सामने पुस्ता रोड पर एक आधुनिक रेगुलेटर का निर्माण किया जाएगा। साथ ही पूरे ड्रेनेज नेटवर्क में मजबूत आरसीसी नाला बनाया जाएगा, जिससे भारी वर्षा के दौरान भी पानी का बहाव बाधित न हो और जलभराव की समस्या समाप्त हो सके।

12 सेक्टरों को मिलेगा सीधा लाभ

इस परियोजना से सेक्टर-150, 151, 152, 153, 154, 155, 156, 157, 158, 159, 160, 161 और 162 सहित आसपास के क्षेत्रों के हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद इन क्षेत्रों में हर वर्ष होने वाली जलभराव की समस्या में काफी कमी आएगी।

नोएडा प्राधिकरण और सिंचाई विभाग के बीच हुआ एमओयू

परियोजना के क्रियान्वयन के लिए नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के बीच औपचारिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। समझौते के अनुसार निर्माण कार्य सिंचाई विभाग कराएगा, जबकि पूरी परियोजना का वित्तीय सहयोग नोएडा प्राधिकरण उपलब्ध कराएगा। परियोजना की कुल लागत 3139.65 लाख रुपये (31.39 करोड़ रुपये) निर्धारित की गई है। समझौते के तहत नोएडा प्राधिकरण ने 27 मई 2026 को पहली किस्त के रूप में 1098.88 लाख रुपये यानी लगभग 35 प्रतिशत राशि सिंचाई विभाग को जारी कर दी है।

टेंडर प्रक्रिया शुरू, जल्द शुरू होगा निर्माण

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। यदि परियोजना निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरी होती है, तो आने वाले वर्षों में इस पूरे क्षेत्र की ड्रेनेज व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत और प्रभावी हो जाएगी।

जलभराव से मिलेगी राहत, बीमारियों पर भी लगेगी रोक

इस परियोजना के पूरा होने के बाद बारिश का पानी तेजी से हिंडन नदी तक पहुंच सकेगा। इससे सड़कें लंबे समय तक जलमग्न नहीं रहेंगी, ग्रीन बेल्ट सुरक्षित रहेगी, पेड़ों को नुकसान कम होगा और मच्छरों के प्रजनन पर भी रोक लगेगी। इसके साथ ही लोगों की आवाजाही सुगम होगी और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं में भी कमी आने की उम्मीद है।

सीईओ कृष्णा करुणेश का बयान

नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश ने कहा, “सेक्टर-150 से 162 तक जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हमारी प्राथमिकता है। इस परियोजना को उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाएगी ताकि भविष्य में नागरिकों को मानसून के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। हमारा उद्देश्य नोएडा को बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था और आधुनिक शहरी बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित करना है।”

स्थानीय लोगों की बढ़ी उम्मीदें

इस परियोजना से स्थानीय निवासियों में नई उम्मीद जगी है। वर्षों से जलभराव से परेशान लोग अब चाहते हैं कि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो और तय समय में पूरा भी हो। हालांकि लोगों की नजर अब केवल घोषणा पर नहीं, बल्कि परियोजना की गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर भी रहेगी।

यदि यह योजना सफलतापूर्वक पूरी होती है तो यह न केवल सेक्टर-150 से 162 तक की जलभराव समस्या का स्थायी समाधान बनेगी, बल्कि भविष्य में नोएडा के अन्य जलभराव प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल परियोजना साबित हो सकती है।

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